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अमेरिका की पाकिस्तान को दो टूक : आतंक का साथ देने पर भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि- ट्रंप प्रशासन इस बार इसे लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेगा

Bhasha Updated On: Aug 23, 2017 08:08 PM IST

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अमेरिका की पाकिस्तान को दो टूक : आतंक का साथ देने पर भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को आतंकियों को पनाह देने के लिए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देेने के एक दिन बाद अमेरिका के दो प्रमुख नेताओं ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों का साथ देना जारी रखता है तो उसे बड़े गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा खो देने जैसे कई गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

मंगलवार को ट्रंप ने पाकिस्तान का नाम लेकर कहा था कि इस देश को अमेरिका से अरबों डॉलर की मदद मिलती है लेकिन यह आतंकियों को शरण देना जारी रखता है.

ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को मारने वालों और अराजकता पैदा करने वालों’ की पनाहगाह बनने और आतंकियों को मदद देने पर इस्लामाबाद का ‘बहुत कुछ दांव पर’ है.

ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेगा

अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इस बार इसे लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेगा. मैटिस दरअसल इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि पूर्व में भी ऐसे वादे किए जा चुके हैं लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने में अमेरिका हर बार पीछे हट जाता है.

रक्षा मंत्री से पूछा गया था, ‘ट्रंप के शब्द बेहद कड़े हैं लेकिन ऐसे शब्द पहले भी सुने जा चुके हैं. असल में इस संदर्भ में कुछ किया जाएगा या पुरानी ही रणनीति पर ही चला जाएगा?’

पश्चिम एशिया की यात्रा पर गए मैटिस ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं सवाल समझता हूं. आपको इसका जवाब जानने के लिए इंतजार करना होगा और देखना होगा.’ मैटिस ने चीफ्स ऑफ स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़ी ट्रंप की रणनीति को अमल में लाने के लिए तैयारी करें.

उन्होंने कहा, ‘मैं नाटो के महासचिव और हमारे सहयोगियों के संपर्क में रहूंगा. इनमें से कई सहयोगियों ने सैनिकों की संख्या बढ़ाने का वादा किया है. एक साथ मिलकर हम आतंकी केंद्रों को तबाह करने में अफगान सुरक्षा बलों की मदद करेंगे.’

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने इस बात को स्वीकार किया कि पाकिस्तान को जो गैर-नाटो सहयोगी होने का दर्जा मिला हुआ है, वह खतरे में है. उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि यदि कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी मिलती है तो अमेरिकी सैन्य बल आतंकियों पर हमला करेंगे.

टिलरसन ने कहा, ‘मेरा मानना है कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता हासिल होने से अफगान लोगों के अलावा अगर किसी और का फायदा है तो वो पाकिस्तान के लोग हैं.’

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