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अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन को घोषित किया आतंकी संगठन

सलाहुद्दीन पिछले 26 साल से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों कर रहा है और वह एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी है

FP Staff Updated On: Sep 14, 2017 05:38 PM IST

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अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन को घोषित किया आतंकी संगठन

अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया है. यह संगठन भारत में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है.

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में यह जानकारी दी. 'इमीग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट' के सेक्शन 219 और स्पेशली डेजिगनेटेड ग्लोबल टेरेरिस्ट के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर के तहत इसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित किया है.

स्टेटमेंट में कहा गया कि अगर अमेरिका में इस संगठन की संपत्ति पाई गई, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा. इसके अलावा सभी अमेरिकी नागरिकों पर इससे किसी भी तरह का संबंध रखने पर पाबंदी लगाई गई है.

कश्मीर में आतंक का कारोबार करने वाला सैयद सलाहुद्दीन पिछले 26 साल से कश्मीर घाटी में अपना आतंक का नेटवर्क चला रहा है. आईएसआई की गोद में बैठा सलाहुद्दीन कई सालों से पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में आतंक की वारदातों को अंजाम दे रहा है. 'ग्लोबल टेररिस्ट आर्गेनाइजेशन' की लिस्ट में सलाहुद्दीन को शामिल करने के पीछे मोदी सरकार, सिक्योरिटी और इंटेलीजेंस एजेंसीज की कूटनीति है.

कश्मीर घाटी में ही है सलाहुद्दीन का पूरा परिवार

सैयद सलाहुद्दीन एक कश्मीरी है जो पाकिस्तान से मिली मदद के जरिए भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है. वो पिछले 26 साल से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों चला रहा है और वह एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी है.

सैयद सलाहुद्दीन का असली नाम सैयद मुहम्मद यूसूफ शाह है, लेकिन पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में 11 नवंबर, 1991 में आतंकी संगठन हिज्बुल-मुजाहिद्दीन का सरगना बनने के बाद इसने अपना नाम बदल कर सैयद सलाहुद्दीन रख लिया. हैरानी की बात यह है कि इस आतंकवादी का पूरा परिवार आज भी कश्मीर घाटी में ही रहता है.

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