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सबूत दाखिल नहीं किए तो सईद की नजरबंदी खत्म कर देगा कोर्ट

लाहौर हाईकोर्ट ने मंगलवार को उसकी हिरासत के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई की. जिसमें कोर्ट ने यह बात कही

Bhasha Updated On: Oct 11, 2017 05:34 PM IST

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सबूत दाखिल नहीं किए तो सईद की नजरबंदी खत्म कर देगा कोर्ट

लाहौर हाईकोर्ट ने आगाह किया है कि अगर पाकिस्तान सरकार मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ सबूत दाखिल नहीं करती है तो उसकी नजरबंदी रद्द कर दी जाएगी. जमात उद-दावा का प्रमुख सईद 31 जनवरी से ही नजरबंद है.

लाहौर हाईकोर्ट ने मंगलवार को उसकी हिरासत के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई की. माना जा रहा था कि इस सुनवाई में गृह सचिव उसकी हिरासत से संबंधित मामले के पूरे रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में पेश होंगे, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए.

कार्यवाही के दौरान गृह सचिव की गैर मौजूदगी से नाराज कोर्ट ने कहा कि ‘महज प्रेस क्लिपिंग की बुनियाद पर किसी नागरिक को किसी विस्तारित काल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता.’

सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय

न्यायाधीश सैयद मजहर अली अकबर नकवी ने कहा, ‘सरकार का बर्ताव दिखाता है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ सरकार के पास कोई ठोस सबूत नहीं है. अदालत के सामने अगर कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया गया तो याचिकाकर्ताओं की हिरासत रद्द कर दी जाएगी.’

डिप्टी अटार्नी जनरल के साथ आए गृह मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि इस्लामाबाद में अपरिहार्य सरकारी जिम्मेदारी के चलते गृह सचिव पेश नहीं हो पाए. डिप्टी अटार्नी जनरल ने याचिका का जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा.

जस्टिस नकवी ने अफसोस जताया कि एक सरकारी शख्सियत के बचाव के लिए अफसरों की फौज दी गई है लेकिन अदालत की मदद के लिए एक भी अधिकारी उपलब्ध नहीं है.

सईद के वकील एके डोगर ने दलील दी कि सरकार ने जमात उद-दावा के नेताओं को अंदेशों और सुनी सुनाई चीजों के बुनियाद पर नजरबंद किया है. किसी कानून के तहत बिना किसी सबूत के किसी कयास और कल्पना से कोई अंदेशा नहीं बनता.

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