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श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन से 90 से अधिक लोगों की मौत

1970 के दशक के बाद की आई सबसे प्राकृितक आपदा में 110 लोग लापता हो गए हैं

Bhasha Updated On: May 26, 2017 11:32 PM IST

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श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन से 90 से अधिक लोगों की मौत

श्रीलंका में जबरदस्त बारिश के चलते आई भारी बाढ़ और भूस्खलन से 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. 1970 के दशक के बाद की आई इस सबसे प्राकृितक आपदा में 110 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

दक्षिण मानसून के तबाही मचाने से देश के सात जिलों में 20 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं. सैकड़ों मकान तहस-नहस हो गए हैं और कई सड़कें टूट-फूट गई हैं.

खबरों के मुताबिक गाले सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है जहां 7,157 लोग इससे प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के उप मंत्री दुनेश गनकानदा ने शुक्रवार को कहा, ‘हमने 1970 के दशक के बाद से सबसे जबरदस्त बारिश देखी है.’

गनकानदा ने कहा, ‘हम कुछ इलाकों में राहत कार्य कर रहे हैं जबकि हम प्रभावित इलाकों में कुछ मकानों तक नहीं पहुंच सकते.’ डीएमसी ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ कर 91 हो गई है और अन्य 110 लोग लापता हैं.

गनकानदा ने बताया कि सरकार ने राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों को सतर्क कर दिया है. उप मंत्री करूणारत्ने परनाविताना ने कहा कि विदेश मंत्रालय हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक सहायता मांगेगा.

राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे

श्रीलंका की वायु सेना और नौसेना बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टरों और नौकाओं के जरिए राहत मुहैया करने के लिए लगातार काम कर रही है.

राहत अधिकारियों ने कहा कि मानसून की उम्मीद तो थी लेकिन जितनी बारिश दर्ज की गई उसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ इलाकों में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई. जबकि, बुरी तरह से प्रभावित अन्य इलाकों में 300 से 500 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.

मौसम विभाग के प्रमुख आर एस जयशेखर ने बताया कि मानसून का चरम पार हो गया लेकिन अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने की संभावना है. यह 30 मई को फिर से तेज होने की उम्मीद है.

अधिकारियों ने बताया कि कलुतारा में भूस्खलन से और रत्नापुरा जिले में बाढ़ से सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है.

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