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दोस्ती दिखाने के लिए मुझे ट्रंप को 'गिफ्ट' कर देगा रूस: एडवर्ड स्नोडेन

स्नोडेन ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि- उनपर एक जासूस होने का आरोप लगाकर अमेरिका को सौंप दिया जाएगा

FP Staff | Published On: Feb 11, 2017 11:52 PM IST | Updated On: Feb 13, 2017 03:44 PM IST

दोस्ती दिखाने के लिए मुझे ट्रंप को 'गिफ्ट' कर देगा रूस: एडवर्ड स्नोडेन

व्हिस्ल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुलासा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'गिफ्ट' देने के लिए रुस उन्हें अमेरिका को सौंपने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि उनपर एक जासूस होने का आरोप लगाकर ऐसा किया जाएगा.

स्नोडेन ने ट्विटर पर लिखा कि 'आखिरकार: खंडन नहीं किया जाने वाला सबूत कि- मैंने रुसी खुफिया एजेंसियों से कभी सहयोग नहीं किया'. उन्होंने आगे ट्विट किया कि 'कोई देश जासूसों का सौदा नहीं करता, क्योंकि इससे बाकियों में डर बैठ जाएगा कि, अगला नंबर उनका है'.

स्नोडेन एनबीसी की जारी उस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ऐसी जानकारी जुटाई है जिससे पता चलता है कि रुस, स्नोडेन को ट्रंप के दिए फेवर के बदले में उन्हें सौंपना चाहता है. ट्रंप ने पूर्व एनएसए स्नोडेन के बारे में कहा था कि 'वो एक गद्दार और जासूस है, जो मौत की सजा पाने का हकदार है'.

खुफिया विभागों के दो सूत्रों पर आधारित इस रिपोर्ट के बारे में सबूत ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से जुटाई गई. 'द गार्डियन' अखबार रिपोर्ट की सच्चाई को अलग से साबित नहीं कर सका.

स्नोडेन के वकील बेन वाइज़नर ने इस बारे में पूछे जाने के बावजूद तुरंत अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. हालांकि, उन्होंने एनबीसी न्यूज़ को कहा कि वो अपने मुवक्किल को अमेरिका को सौंपे जाने की किसी भी तरह की जानकारी से अनजान हैं.

एडवर्ड स्नोडेन पर 2013 में अमेरिका की खुफिया नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी के डेटा लीक करने का आरोप है. उसी साल रूस ने स्नोडेन को अपने यहां शरण दी थी.

इसी साल परमिट खत्म होने के बाद रूस ने एडवर्ड स्नोडेन की अपने देश में रहने की समय सीमा 2020 तक के लिए बढ़ा दी थी.

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