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अर्थ आवर: आज 'बिजली बचाने' को दुनियाभर में होगा अंधेरा

25 मार्च 2017 को पूरी दुनिया अर्थ आवर डे की दसवीं सालगिरह मना रही है

FP Staff | Published On: Mar 25, 2017 12:51 PM IST | Updated On: Mar 25, 2017 01:00 PM IST

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अर्थ आवर: आज 'बिजली बचाने' को दुनियाभर में होगा अंधेरा

आज विश्व भर में बिजली बचाओ आयोजन के रूप में मनाया जाने वाला अर्थ आवर डे है. 25 मार्च 2017  को पूरी दुनिया अर्थ आवर डे की दसवीं सालगिरह मना रही है.

इसमें रात 8:30 से 9:30 बजे तक सारी लाइटें ऑफ करके बिजली बचाने का संदेश दिया जाएगा.

अर्थ आवर डे अभियान का उद्देश्य सिर्फ बिजली बचाने के लिए नहीं बल्कि हमारे पूरे पर्यावरण के लिए लोगों को सजग करना है.

अर्थ आवर क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?

अर्थ आवर डे की शुरुआत वर्ल्ड वाइड फण्ड फॉर नेचर (wwf) द्वारा शुरू किया गया था. पहली बार इसे साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में मनाया गया. इसमें लोगों से सारी लाइटें 60 मिनट के लिए बंद करने की अपील की गई.

धीरे-धीरे इसे विश्वभर में अपनाया मनाया जाने लगा. आज यह सिर्फ एक अभियान नहीं बल्कि एक आंदोलन के रूप में खड़ा हो चुका है.

भारत में कहां मनाया जाता है?

भारत में पिछले साल मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया पर भी अर्थ आवर मनाया गया.

गेट वे ऑफ इंडिया [reuters]

गेट वे ऑफ इंडिया [reuters]
साथ ही दिल्ली के इंडिया गेट और कोलकाता के हावड़ा ब्रिज इस अभियान में शामिल हुए थे.

कोलकाता, हावड़ा ब्रिज [reuters]

कोलकाता, हावड़ा ब्रिज [reuters]

अर्थ आवर की जरूरत क्या है?

सवाल है कि हमें क्यों इसका हिस्सा बनना चाहिए. इस अभियान में एक घंटे के लिए बिजली बचा लेने से कोई बड़ा बदलाव तो नहीं हो जाएगा.

लेकिन एक दिन लिए की गई कोशिश और लोगों की एकजुटता में यह सन्देश देने की कोशिश करते हैं कि बिजली बचाएं.

कोशिश करें कि क्लाइमेट में तेजी से हो रहे बदलाव के प्रति लोगों को जागरूक करें.

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