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चीन ने 20 अमेरिकी जासूसों की हत्या की या फिर जेल में डाला: रिपोर्ट

रिपोर्ट में खुलासा, चीन ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के करीब 20 जासूसों को मारा

FP Staff | Published On: May 21, 2017 03:37 PM IST | Updated On: May 21, 2017 04:11 PM IST

चीन ने 20 अमेरिकी जासूसों की हत्या की या फिर जेल में डाला: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन के खिलाफ जासूसी कर रहे अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के करीब 20 जासूसों को मार डाला गया या जेलों में बंद कर दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक ये आंकड़े 2010 से 2012 के बीच हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में ये खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने ऐसा सीआईए की कोशिशों को ध्वस्त करने के लिए किया है. रिपोर्ट के मुताबिक इस वजह से सीआईए को तगड़ा झटका लगा है. हालांकि सीआईए ने इस रिपोर्ट पर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है. अधिकारियों का कहना है कि ये नुकसान शीत युद्ध के समय सोवियत रूस में हुई घटना के बराबर है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय सीआईए के दो जासूसों ने रूस के लिए गुप्तचरी की थी और अमेरिका को बड़ा धोखा दिया था. इसकी वजह से सोवियत में काम कर रहे सीआईए के कई जासूस मारे गए थे.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में कुछ अमेरिकी अफसरों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में सीआईए के लिए ये एक प्रतिकूल स्थिति है. यह कैसे हुआ इसे लेकर सीआईए अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है. नाम न छापने की शर्त पर अफसरों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं.

सीआईए को इस बात की आशंका है कि कोई भीतरघाती चीन को जानकारियां मुहैया करवा रहा है. यह भी आशंका जताई गई है कि चीन ने शायद गुप्त संदेशों के सिस्टम हैक कर लिया था. जिन अमेरिकी जासूसों को चीन ने मारा उनमें से एक जासूस को उसके सहयोगियों के सामने गोली मारी गई, ताकि उन लोगों को चेतावनी दी जा सके जो अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे हैं.

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीआईए के चार अफसरों से बातचीत की गई थी. बताते चलें कि चीन में अमेरिका के जासूस 2011 से ग़ायब होना शुरू हुए थे. अमेरिका के एक जासूस को तो उसके सहकर्मी के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

टाइम्स के मुताबिक, चीन ने पेइचिंग स्थित अमेरिकी दूतावास में काम कर रहे अधिकारियों की भी जांच की थी. इस बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने सीआईए से कई बार ये सवाल किए थे कि चीन से आने वाली खुफिया जानकारियां कम कैसे हो गई.

हालांकि सीआईए के लिए मुसीबतें यहीं पर ही खत्म नहीं हुई. करीब दो महीने पहले विकिलीक्स ने सीआईए के कुछ बेहद संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स लीक कर दिए थे. वहीं सीआईए अभी भी मामले की जांच कर रहा है कि ये कागजात विकिलीक्स के हाथ कैसे लगे.

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