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चीन के इस इलाके में मुस्लिम बच्चों के नाम 'सद्दाम', 'जिहाद' रखना मना है

पाबंदी लगाने के पीछे वजह बताई गई है कि इन नामों से प्रांत में धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं

Bhasha | Published On: Apr 25, 2017 09:17 PM IST | Updated On: Apr 25, 2017 09:17 PM IST

चीन के इस इलाके में मुस्लिम बच्चों के नाम 'सद्दाम', 'जिहाद' रखना मना है

चीन ने अशांत मुस्लिम बहुल शिनझियांग प्रांत में बच्चों के ‘सद्दाम’ और ‘जिहाद’ जैसे दर्जनों इस्लामी नाम रखने पर पाबंदी लगा दी है. इसके बारे में एक प्रमुख मानवाधिकार समूह का कहना है कि इस कदम से इस समुदाय के बच्चे शिक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभों से वंचित होंगे.

मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वाच’ (एचआरडब्ल्यू) के अनुसार शिनझियांग के अधिकारियों ने हाल ही में धार्मिक संकेत देने वाले दर्जनों नामों पर प्रतिबंध लगा दिया है. पाबंदी लगाने के पीछे वजह बताया गया है कि इन नामों से धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं.

रेडियो फ्री एशिया ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि सत्तारूढ़ चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के ‘जातीय अल्पसंख्यकों के नाम रखने के नियमों’ के तहत बच्चों के इस्लाम, कुरान, मक्का, जिहाद, इमाम, सद्दाम, हज और मदीना जैसे कई नाम रखने पर रोक लगाई गई है.

Xinjiang Province tension

शिनझियांग प्रांत में मुस्लिमों और स्थानीय समुदाय के बीच लंबे समय से हिंसक विवाद चला आ रहा है (फोटो: रॉयटर्स)

प्रतिबंधित नाम वाले बच्चे ‘हुकोउ’ नहीं हासिल कर सकेंगे

संगठन के अनुसार प्रतिबंधित नाम वाले बच्चे ‘हुकोउ’ यानी घर का पंजीकरण नहीं हासिल कर सकेंगे जो सरकारी स्कूलों और अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी है.

नया फैसला इस संकटग्रस्त क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चीन की लड़ाई का हिस्सा है. इस क्षेत्र में एक करोड़ मुस्लिम उइगर जातीय अल्पसंख्यक आबादी रहती है.

एचआरडब्ल्यू ने कहा कि धार्मिक कट्टरता को रोकने के नाम पर धार्मिक आजादी पर लगाम लगाने के नियमों की कड़ी में यह ताजा फैसला है. शिनझियांग में उइघर समुदाय और बहुसंख्यक हान के बीच अक्सर टकराव होते रहते हैं. हान समुदाय का सरकार पर भी नियंत्रण है.

एचआरडब्ल्यू ने कहा कि नामों की पूरी सूची अभी तक प्रकाशित नहीं की गयी है.

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