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जेम्स बॉन्ड की फिल्म के किरदार सी थी अदनान खाशोगी की शख्सियत

सऊदी अरब के इंटरनैशनल हथियार डीलर खाशोगी की 82 साल की उम्र में मौत हो गई

Pawas Kumar | Published On: Jun 07, 2017 10:05 AM IST | Updated On: Jun 07, 2017 12:09 PM IST

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जेम्स बॉन्ड की फिल्म के किरदार सी थी अदनान खाशोगी की शख्सियत

अपने जीवन के आखिरी वर्षों में अदनान खाशोगी ने एक बार कहा था, ‘मैंने क्या गलत किया? कुछ भी नहीं. मैंने अनैतिक व्यवहार किया लेकिन उसके कारण नैतिक थे.’

सऊदी अरब के इंटरनैशनल लेवल के हथियार डीलर अदनान खाशोगी की 82 साल की उम्र में बुधवार को मौत हो गई. उनके परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'हमारे प्रिय पिता अदनान खाशोगी का लंदन में निधन हो गया. उनका पार्किंसन बीमारी का इलाज चल रहा था.'

अपनी शानदार लाइफस्टाइल के लिए थे मशहूर

अदनान खाशोगी की जिंदगी किसी हॉलीवुड फिल्म जैसी थी. उनके पास बेपनाह दौलत थी, उनकी पार्टियां कई दिनों तक चलती थी और एक समय सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय डील्स में उनकी मर्जी बिना पत्ता भी नहीं हिलता था. माना जाता था कि 1970 और 1980 के दशक में वह दुनिया के सबसे अमीर आदमी थे.

एक समय था जब दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी नाव खाशोगी के पास थी. इस नाव का इस्तेमाल जेम्स बॉन्ड फिल्म की शूटिंग में हुआ. रोचक बात है कि बाद में खाशोगी की यह नाव डोनाल्ड ट्रंप ने खरीदी.

अमेरिका में शिक्षा हासिल करने वाले खाशोगी ने दुनिया भर में हथियारों की डील में दलाली की और काफी कमीशन कमाए. उनके परिवार की ओर से कहा गया, 'हमारे पिता लोगों को एकसाथ लाने की कला दूसरों के मुकाबले ज्यादा अच्छे से जानते थे.'

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टाइम के कवर पर खागोशी

विवादों से रहा नाता

जब 70 के दशक में सऊदी अरब और दूसरे अरब देशों ने खुद को इजरायल के खिलाफ मजबूत बनाने के लिए हथियारों की रेस में उतरने का फैसला किया तो खाशोगी अमेरिकी हथियार इंडस्ट्री से संपर्क का मुख्य जरिया बने. वर्षों तक उन्होंने सऊदी अरब की आर्म्स खरीद में अहम भूमिका निभाई.

खाशोगी को कभी किसी अपराध का दोषी नहीं पाया गया. हालांकि कानून से उनकी लुकाछिपी खूब चली. ईरान-कोंट्रा और फिलींपीस से मार्कोस परिवार का पैसा बाहर निकालने जैसे अपने समय के सबसे बड़े स्कैंडलों में उनका नाम आया था.

1988 में वह स्विट्जरलैंड में बैंक का पैसा गबन करने के आरोप में गिरफ्तार में हुए लेकिन बाद में अमेरिका में चले मुकदने में उन्हें बरी कर दिया गया. अमेरिका में एक और मामले में उन्हें निर्दोष पाया गया.

घटती दौलत, गिरती सेहत ने किया परेशान

कई विवादों में घिरने के बाद खाशोगी से उनके कई ग्राहकों ने दूरी बना ली. सऊदी राज परिवार ने भी खाशोगी को सौदों से दूर कर दिया. खाशोगी को अपनी प्राइवेट डीसी9 एयरलाइनर और अपनी नौका नैबिला को बेचना पड़ा.

अंतिम समय में उन्हें राजकुमारी डायना के आखिरी प्रेमी डोडी फायद के मामा के रूप में जाना गया. फायद की मौत डायना के साथ कार दुर्घटना में हुई थी.

भारत से भी रहा कनेक्शन

खाशोगी का भारत से भी नाता रहा. भारत में उनका कनेक्शन विवादित ‘गॉडमैन’ चंद्रास्वामी से रहा. 1991 में जब खाशोगी ने भारत का दौरा किया तो उसका स्वागत चंद्रास्वामी की ओर से किया गया. चंद्रास्वामी के जरिए उन्होंने तत्कालीन पीएम चंद्रशेखर से भी मुलाकात की. उनकी मुलाकात राजीव गांधी से भी कराई गई. बीजेपी के एक नेता ओर उनके सम्मान में दी गई डिनर पार्टी में कई बड़े नेता नजर आए थे. हालांकि पीएम के एक जाने-माने हथियार डीलर से मिलने पर काफी सवाल भी खड़े किए गए.

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