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वाट्सऐप: एक ऐप जिसके बिना जीवन की कल्पना मुश्किल हो गई

सबसे बड़े और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस का संक्षिप्त इतिहास

Aditya Madanapalle | Published On: May 17, 2017 02:45 PM IST | Updated On: May 17, 2017 02:48 PM IST

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वाट्सऐप: एक ऐप जिसके बिना जीवन की कल्पना मुश्किल हो गई

वाट्सऐप के आठ साल पूरे पर फ़र्स्टपोस्ट उसकी कहानी बता रहा है. पहली कड़ी में हमने उसके जन्म और विशाल इंटरनेट ताकत बनने का घटनाक्रम देखा. आइए जानते हैं उसके आगे की कहानी...

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फरवरी 2015 में भारत में वॉइस कॉलिंग फीचर बीटा परीक्षण सुविधा के रूप में शुरू हुई. यह सिर्फ इनवाइट सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध थी. बीटा परीक्षण के दौरान वॉयस कॉलिंग सुविधा केवल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध थी. किसी व्यक्ति को आमंत्रित करने के लिए  यूजर को सिर्फ कॉल लगानी पड़ती थी. यह सुविधा कुछ ही घंटे के लिए सलेक्टेड एंड्रॉयड यूजर्स के लिए शुरू की गई थी. वीबर, हाइक, स्काइप और लाइन पहले से ही वाइस कॉलिंग सेवा दे रहे थे, लेकिन व्हाट्सएप के व्यापक यूजर बेस ने इसे एक बढ़त दिला दी.

मार्च 2015 के मध्य में वॉइस कॉलिंग फीचर को सभी एंड्रॉइड फोन पर जारी किया गया, लेकिन इनवाइट करने का सिस्टम अब भी बरकरार था. एक यूजर को दूसरे यूजर कॉल करना पड़ता था जिससे उन्हें यह सुविधा मिल सके. एक माह बाद अप्रैल 2015 में बिना इनवाइट सिस्टम के सभी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू हो गई.

यह अनुभव नियमित वाइस कॉल के समान नहीं था.  इसमें टाइम गैप, इको और कॉल ड्रॉप जैसी दिक्कतें थीं. अप्रैल के अंत में आईओएस और ब्लैकबेरी 10 के यूजर्स को भी वॉइस कॉलिंग का अपडेट मिल गया. व्हाट्सएप पर वॉइस कॉल्स की लागत की जांच से पता चला कि उपभोक्ताओं को पारंपरिक कॉल के मुकाबले वॉइस कॉल्स के लिए डेटा दरों में ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा था.

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मई 2015 में खबरें आने लगीं कि फेसबुक वाट्सऐप के जरिए व्यावसायिक घरानों को अपने ग्राहकों के साथ बातचीत करने की अनुमति दे रहा है. फेसबुक मैसेंजर पर इसी तरह के कामों का परीक्षण किया जा रहा है. इसमें शामिल वित्तीय व्यवस्था का कोई विवरण उपलब्ध नहीं था, लेकिन यह माना गया कि व्यावसायिक संस्थन फेसबुक को एक निश्चित शुल्क का भुगतान करेंगे ताकि उन्हें अपने ग्राहकों के साथ संवाद की अनुमति मिल सके.

एरिक्सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लोग स्मार्टफोन पर बिताए गए अपने कुल समय का करीब 47 प्रतिशत वाट्सऐप, हाइक और स्काइप जैसे एप्लिकेशन पर खर्च करते हैं. उपभोक्ता के कुल डेटा का 40 से 50 प्रतिशत इन ऐप्लिकेशन पर खर्च होता है, जबकि ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाली वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी गतिविधि पर कुल डेटा का केवल 20 प्रतिशत खर्च होता है.

आईओएस यूजर्स को अगस्त 2016 में वेब के माध्यम से वाट्सऐप तक पहुंचने की सुविधा हासिल हुई. एंड्रॉयड यूजर्स को 6 महीने पहले ही यह सुविधा मिल चुकी थी. जुलाई में एंड्रॉइड यूजर्स को “ओके गूगल” इंटरफेस का इस्तेमाल कर वाट्सऐप मैसेज भेजने की सुविधा प्राप्त हुई.

सितंबर 2015 तक वाट्सऐप के 900 मिलियन मासिक सक्रिय यूजर थे. सिर्फ पांच महीने की अवधि में 100 मिलियन यूजर्स और जोड़े गए. हालांकि नए यूजर्स के जुड़ने की गति पिछले साल के मुकाबले धीमी हो गयी थी. पिछले साल प्रति दिन करीब 10 लाख नए यूजर्स वाट्सऐप को अपना रहे थे. उस समय भारत के लिए अलग से आंकड़ा जारी नहीं किया गया था, लेकिन भारत में वाट्सऐप सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन था.

वाट्सऐप ने अक्टूबर 2015 में गूगल ड्राइव में बातचीत, फोटो और वीडियो का बैकअप रखने का फीचर पेश किया. यूजर नए फोन पर अपने पुराने फोन के व्हाट्सएप स्टेटस गूगल ड्राइव के बैकअप से बहाल कर सकते थे. उस समय ऑनलाइन बैकअप की भारी मांग थी.

वाट्सऐप ने वार्षिक सदस्यता शुल्क खत्म कर एक नए तरीके से साल 2016 की शुरुआत की. अब कोई भी यह ऐप्लिकेशन मुफ्त में हमेशा के लिए उपयोग करने के लिए स्वतंत्र था. फेसबुक ने संकेत दिया था कि वह वाट्सऐप में एक ऐसा फीचर जोड़ेगा जो व्यावसायिक घरानों को अपने ग्राहकों के साथ बाचचीत करने के लिए इंस्टेंट मैसेजिंग क्लाइंट के इस्तेमाल की अनुमति देगा और इसके लिए फेसबुक को भुगतान करना होगा.

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फरवरी 2016 में वाट्सऐप ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया. दुनियाभर में वाट्सऐप के 1 अरब यूजर हो गए. रोजाना 53 भाषाओं में 42 अरब संदेशों का आदान-प्रदान होने लगा. रोजाना 1.6 अरब फोटो और 250 मिलियन वीडियो शेयर किया जाने लगा. खुद मार्क जकरबर्ग ने व्यावसायिक घरानों के लिए वाट्सऐप शुरू करने की योजना को दोहराया.

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच वाट्सऐप ने आईएम क्लाइंट को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू करना आरंभ कर दिया. वाट्सऐप ने बातचीत के लिए ग्रुप का साइज 100 से बढ़ाकर 256 कर दिया. अगर दोनों यूजर के पार अपडेटेड वर्जन है तो वे वाट्सऐप के माध्यम से दस्तावेजों को साझा कर सकते थे.

आईओएस यूजर वीडियो को ज़ूम करने के लिए चुटकी का इस्तेमाल कर सकते थे. माइक्रोसॉफ्ट वन ड्राइव, गूगल ड्राइव और ड्रॉपबॉक्स जैसे थर्ड पार्टी डेटा स्टोरेज से भी कंटेंट साझा किया जा सकता था. वाट्सऐप ने फॉर्मेटिंग विकल्प भी पेश किया, जिससे यूजर बोल्ड या इटैलिक में हाइलाइट कर मैसेज भेज सकें.

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2016 में फीचर फोन पर वाट्सऐप नहीं

वाट्सऐप ने मार्च 2016 में घोषणा की कि वह साल के अंत तक खत्म होते जा रहे प्लेटफार्मों पर अपनी सेवा बंद कर देगा. ब्लैकबेरी, विंडोज फोन 7.1 और पुराने नोकिया ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए ऐप्लिकेशन को अब अपडेट नहीं किया जाएगा. यह भारत के लिए विशेष रूप से भारी झटका था, जहां 2016 तक स्मार्टफोन की संख्या फीचर फोन फोन की संख्या को पार नहीं कर सका था.

अप्रैल 2016 में वाट्सऐप ने पूरे एप्लिकेशन के लिए ‘एंड टु एंड एन्क्रिप्शन’ का विस्तार किया. अब फोटो, वीडियो और ग्रुप चैट केवल उन्हीं लोगों द्वारा देखा और पढ़ा जा सकता था जिन्हें वह भेजा गया हो. ‘एंड टु एंड एन्क्रिप्शन’ वाले वर्जन की शुरूआत के समय वाट्सऐप के पास एक अरब से ज्यादा यूजर थे. वाट्सऐप संदेशों पर नजर नहीं रख सकता, भले ही सरकारों ने उसे मजबूर कर दिया हो.

‘एंड टु एंड इंस्क्रिप्शन’ की दुनिया भर के सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने शिकायत की. एफबीआई ने कहा कि इस सुविधा के जरिए आतंकवादियों और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के कारोबारियों को सुरक्षा कवच नहीं मुहैया कराया जाना चाहिए.

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि एन्क्रिप्शन ने कानून को लागू करने वाली एजेंसियों के लिए कठिनाइयों की शुरुआत कर दी है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यह सुविधा भारत में आतंकवादी संगठनों के लिए एक वरदान साबित होगी.

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वाट्सऐप वीडियो कॉल अच्छी नहीं थी

मई 2016 में वाट्सऐप ने विंडोज और मैक ओएस के लिए डेस्कटॉप क्लाइंट का शुभारंभ किया. इससे पहले डेस्कटॉप केवल वेब इंटरफेस के माध्यम से व्हाट्सएप तक पहुंच सकता था. बड़े पैमाने पर लांच से पहले फीचर्स की टेस्टिंग के लिए लाए गए व्हाट्सएप के प्रायोगिक बीटा वर्जन को साइन वालों ने एक नया विकल्प देखा- व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की सुविधा. हालांकि बाद के बीटा वर्जन से वीडियो कॉलिंग विकल्प को निकाल दिया गया.

दुनिया के 109 देशों में वाट्सऐप सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग एप्लिकेशन बन गया था. दुनिया भर में यूजर हर सेकंड 1,100 वाट्सऐप कॉल कर रहे थे जो हर दिन 100 मिलियन वाट्सऐप कॉल के बराबर बैठता था. एक रिपोर्ट मुताबिक भारत में 94 प्रतिशत स्मार्टफोन में वाट्सऐप इंस्टाल किया गया था. ऐप एनालिटिक्स फर्म सेंसरटॉवर की एक रिपोर्ट ने प्रदर्शित किया कि दुनिया भर में स्मार्टफोन पर डाउनलोड किए गए करीब 62 प्रतिशत ऐप्लिकेशन का मालिक फेसबुक था.

नए फीचर जोड़ने का काम 2016 के जून और जुलाई महीने में भी युद्धस्तर पर जारी रहा. वाट्सऐप ने यूजर्स को जवाब देने से पहले संदेशों का हवाला देने और ऐप के अंदर भाषा बदलने का फीचर जोड़ा. यूजर्स को ग्रुप में आमंत्रित किया जा सकता था और यूजर्स चित्रों पर डूडल कर सकते थे, लेकिन वाट्सऐप वीडियो कॉलिंग के व्यापक रोलआउट पर काम करना जारी रखा. आईओएस को बड़े इमोटिकॉन्स और ऐप से मूल रूप से रिकॉर्डिंग करते समय वीडियो पर ज़ूम करने की क्षमता प्राप्त हुई. ऑडियो कॉलिंग सुविधा को वॉइसमेल क्षमता के साथ बेहतर बनाया गया.

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डेस्कटॉप के लिए वाट्सऐप

वाट्सऐप को खरीदने और गोपनीयता नीति में बदलाव न करने का यूजर्स को भरोसा देने के दो साल बाद फेसबुक ने बम गिरा दिया. वाट्सऐप ने अपनी गोपनीयता नीति में बदलाव किया और कहा कि यूजर्स के डेटा का एक हिस्सा फेसबुक के साथ साझा किया जाएगा. वाट्सऐप ने यह कहकर झटका कम करने की कोशिश की कि डेटा थर्ड पार्टी विज्ञापनदाताओं के साथ साझा नहीं किया जाएगा. अगर कोई इस कदम से आश्चर्यचकित हुआ तो केवल इसलिए कि ऐसा करने में फेसबुक ने कितना समय लिया.

ब्रिटेन के डेटा गोपनीयता नियामक ने कहा कि वह इस बात पर नजर रखेगा कि फेसबुक के साथ डेटा कैसे साझा किया जा रहा है. यूरोपीय नियामकों ने भी कहा कि वे नई गोपनीयता नीति की निगरानी करेंगे और देखेंगे कि फेसबुक इसे किस तरह लागू कर रहा है. जर्मनी ने फेसबुक से कहा कि वह एकत्रित किए गए डेटा को डिलीट कर दे. दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, व्यवस्था में खामियों को उजागर किया और अंततः डेटा शेयरिंग के दायरे को सीमित करते हुए पॉलिसी को अनुमति दी. हालांकि अदालतों ने इस पर विचार-विमर्श जारी रखा है कि डेटा की साझेदारी से यूजर्स् की गोपनीयता का उल्लंघन हो रहा है या नहीं.

इस फीचर पर एक साल काम करने और बीटा वर्जन में इसे शुरू करने के छह महीने बाद नवंबर वाट्सऐप ने 2016 में चरणबद्ध तरीके से हर किसी के लिए वीडियो कॉलिंग की सुविधा शुरू कर दी. यूजर्स के बड़े बेस की वजह से इसे शुरू करने में इतना वक्त लग गया. व्हाट्सएप को अलग-अलग डिवाइसेज और ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी काम करना था. वीडियो की गुणवत्ता और वाई-फाई कनेक्शन भी खराब थे और एलो अथवा स्काइप बेहतर विकल्प पेश कर रहे थे.

हालांकि रोलआउट के बाद भी वाट्सऐप फीचर में लगातार सुधार कर रहा है. इसमें वीडियो का ओरिएंटेशन बदलने जैसे कई छोटी और समझदारी भरी विशेषताएं मौजूद हैं.

सितंबर 2016 में वाट्सऐप ने यूजर्स को ग्रुप चैट में उनके नाम से पहले "@" का उल्लेख करने की अनुमति दी. इसी समय GIF सपोर्ट भी जोड़ा गया. डेवलपर प्रमाणीकरण और चैटबॉट्स पर काम कर रहे थे. वीडियो कॉलिंग सुविधा पर अभी भी एक काम चल रहा है.

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नये वाट्सऐप स्टेटस अपडेट

इस साल की शुरुआत में आईओएस यूजर्स को ऑफलाइन मोड में संदेशों को पंक्तिबद्ध करने की क्षमता प्राप्त हुई. उपयोग के पैटर्न में बदलावों के कारण फोटो और वीडियो की साझेदारी की सीमा को 10 से 30 तक बढ़ा दी गई. फरवरी में वाट्सऐप ने ऐप्लिकेशन की सुरक्षा में सुधार करते हुए हर किसी के लिए दो स्तरीय प्रमाणीकरण शुरू किया. स्नैपचैट पर टेंपररी स्टोरीज के समान स्टेटस मैसेज सबसे सबसे बड़े फीचर में से एक था.

इस साल फरवरी में वाट्सऐप भारत में 200 मिलियन सक्रिय मासिक यूजर्स तक पहुंच गया जबकि दुनिया भर में इसके 1.2 अरब यूजर्स हैं. यह घोषणा वाट्सऐप की की आठवीं वर्षगांठ पर की गई. इसी समय पता चला था कि कारोबार के लिए वाट्सऐप का पायलट टेस्ट भारत से शुरू होगा. कंपनी ने 2014 फेसबुक द्वारा 2014 के अधिग्रहण के तुरंत बाद इस योजना का संकेत दिया था.

फेसबुक के साथ डेटा साझा करने के वाट्सऐप केस से भारत में डेटा संरक्षण के लिए नियमों पर चर्चा शुरू हुई जिसकी बहुत जरूरत थी. भारत में डेटा संरक्षण और गोपनीयता के लिए अलग से कोई कानून नहीं है. विशेषज्ञ लंबे समय से एक प्रभावी साइबर कानून व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करते रहे हैं. भारत में इस तरह के कानूनों का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा. सरकार आधार से जुड़ी अपनी योजनाएं कैसे क्रियान्वित करती है, इसपर भी इसका असर होगा.

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भारत में वाट्सऐप ने यूजर्स के बीच होने वाले एसएमएस के आदान-प्रदान की जगह ले ली है. जब वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध है तो यूजर्स को वॉयस कॉल पर बचत करने का मौका देता है. विदेशों में मित्रों और रिश्तेदारों के साथ संपर्क में बने रहना अब बहुत सस्ता हो गया है. अपने अस्तित्व के एक बड़े हिस्से में व्हाट्सएप हर तरह के फोन पर उपलब्ध था, जिसने संचार को लोकतांत्रिक और सस्ता बनाया. भारत के लोग वाट्सऐप के जरिए रोजाना 50 लाख वीडियो कॉल करते हैं.

आज आकर्षक फीचर्स वाले इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन उपलब्ध हैं. उदाहरण के लिए, ऐलो गूगल की एआई एसिस्टेंट को जोड़ता है और लोगों को मजेदार खेल खेलने, एक साथ बाहर जाने की योजना बनाने और ग्रुप में सूचनाएं देखने की सुविधा स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराता है. टेलीग्राम अब तक टेक 2 टीम का पसंदीदा इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लीकेशन है. इसमें स्टिकर और खेलों का पूरा माहौल, लुभावनी स्टिकर सूची और ताजा विषयों की लगातार आपूर्ति शामिल है.

किक का खेल समुदाय उपयोग किया जाता है क्योंकि यह यूजर्स के नामों से जुड़ा हुआ है और कुछ हद तक पहचान छुपाता है. जो लोग सुरक्षित तरीके से संवाद करना चाहते हैं, उनके लिए सिग्नल इंस्टैंट मैसेजिंग क्लाइंट का विकल्प है. इसमें पढ़े जाने बाद टेक्स्ट मैसेज को भी गायब किया जा सकता है.

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हालांकि इससे फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे कौन से इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन प्रयोग किए जा रहे हैं, वाट्सऐप हमेशा एसएमएस मैसेज और कॉलिंग ऐप्लिकेशन के रूप में मौजूद है. एक इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन को सिर्फ उसके फीचर के आधार पर नहीं चुना जा सकता. इसके लिए यह देखना भी जरूरी है कि और किसने उस ऐप्लिकेशन को इंस्टॉल किया है. इस मायने में वाट्सऐप ने महत्वपूर्ण पड़ाव तय कर लिए हैं और लगातार अपने यूजर्स की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है .

यही सबसे बड़े और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस का संक्षिप्त इतिहास है.

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