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डिजिटल इंडिया की तरफ एक और कदम, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई लांच किया है

Deepak Kumar Chaubey Updated On: Dec 04, 2016 10:05 PM IST

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डिजिटल इंडिया की तरफ एक और कदम, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस

पिछले कुछ दिनों से यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की काफी चर्चा हो रही है. सरकार भी डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. इसी के तहत नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 11 अप्रैल 2016 को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई लांच किया. एनपीसीआई भारत में एटीएम के साथ-साथ बैंकों के बीच होने वाले ट्रांजैक्शन को भी मैनेज करती है. अभी तक इसमें कुल 21 बैंक शामिल हैं. यह ऐसी योजना है जिससे हमारी जिंदगी में बहुत अहम बदलाव हो सकते हैं. इससे आपको पैसों का लेनदेन करने के लिए अपना पैसा जेब में रखने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) क्या है?

यूपीआई एक ऐसा ऐप है जिसके जरिये आसानी से पैसों का लेन-देन किया जा सकता है. इस ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.

यूपीआई कैसे इस्तेमाल करें?

यूपीआई को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर अपने बैंक का यूपीआई ऐप डाउनलोड करना होगा. आपको अपनी डिटेल्स के साथ लॉगिन होना होगा और यूपीआई-आईडी बनानी होगी. अगर आपका बैंक स्टेंट बैंक आॅफ इंडिया है तो आपका यूपीआई-आईडी हो सकता है 123456789@sbi. 123456789 की जगह आप अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर या कुछ भी दे सकते हैं. अब यूपीआई- आईडी को अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा. इसके बाद आप को एम-पिन जेनरेट करना होगा. बस अब आप अपने मोबाइल से पैसों के लेन-देन के लिए तैयार हैं. यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की मदद से एक दिन में एक लाख रुपये तक पैसे भेजे जा सकते हैं.

यूपीआई वॉलेट बेस्ड पेमेंट सिस्टम से कैसे अलग है?

वॉलेट बेस्ड पेमेंट सिस्टम जैसे की पेटीएम या मोबिविक में पहले अकाउंट से वॉलेट में पैसे भेजते हैं. इसके बाद आप पैसों का लेन-देन कर पाते हैं. इसी तरह जब आपको कोई पैसा भेजता है तो पैसा पहले वॉलेट में ही आता है, जिसे अपने बैंक अकाउंट में भेजना पड़ता है. यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से सीधे पैसा आपके अकाउंट में ट्रांसफर होता है.

यूपीआई के क्या हैं फायदे?

यूपीआई से पैसों का लेन-देन छुट्टी के दिनों भी किया जा सकता है. यह 365x24x7 काम करता है. एनईएफटी या आरटीजीएस में ऐसा संभव नहीं था. यूपीआई के जरिये सिर्फ यूपीआई-आईडी ही बनाकर पैसों का लेन-देन किया जा सकता है. अन्य जानकारी जैसे बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड इत्यादि बताने की जरूरत नहीं. पैसे सीधे आपके अकाउंट में तुरंत जमा होंगे. इससे नकदी का चलन कम होगा और पैसों का लेन-देन सुरक्षित और पारदर्शी होगा.

उम्मीद है की यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के बारे में जो जानकारी आपको चाहिए थी वो मिल गई होगी. आपके प्रश्न और सुझाव आप कमेंट के जरिये बता सकते हैं.

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