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नोकिया 3310 इन पांच खूबियों के बिना होगा अधूरा

आइए जानते हैं वे पांच बातें जो नए नोकिया 3310 को 2017 में इस्तेमाल करने लायक बनाएंगी.

Rohan Naravane | Published On: Feb 24, 2017 08:03 AM IST | Updated On: Feb 24, 2017 08:03 AM IST

नोकिया 3310 इन पांच खूबियों के बिना होगा अधूरा

बड़ी तगड़ी खबरें हैं एचएमडी ग्लोबल इस साल होने वाली मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी 2017) में नोकिया 3, नोकिया 5 और नोकिया 8 के साथ साथ नोकिया 3310 को फिर से उतारेगी.

एचएमडी ग्लोबल ही वह कंपनी है जिसके पास अभी नोकिया ब्रांड का लाइसेंस है. आपमें से बहुत से लोग जानते ही होंगे कि नोकिया 3310, नोकिया के सबसे दमदार मोबाइल फोन सेटों में से एक था. बताया जाता है कि नोकिया ने कुल मिलाकर 10 करोड़ नोकिया 3310 फोन बेचे थे. यह फोन अपने टिकाऊपन के लिए जाना जाता था. हालांकि दावा तो यह था कि यह ‘कभी नष्ट नहीं होगा’. लेकिन जो चीज बनी है, वह खत्म भी जरूर होती है.

अगर नोकिया 3310 को उतारने की बात सही है तो यह एचएमडी ग्लोबल का बढ़िया फैसला होगा. चीन में नोकिया 6 की भारी मांग को ही देख लीजिए. ऐसा नहीं है कि लोग इसे सिर्फ इसकी खूबियों के कारण खरीद रहे हैं, बल्कि नोकिया की ब्रांड वैल्यू पर लोगों को अब भी काफी भरोसा है.

आज दुनिया में टच स्क्रीन वाले मोबाइल फोनों का बोलबाला है, लेकिन उनके नाज नखरे भी कम नहीं हैं. ये फोन एक बार चार्ज करने पर 24 घंटे भी नहीं चलते. ऐसे में दूसरे या बैकअप फोन के रूप में नया नोकिया 3310 रखना एक मजेदार आइडिया हो सकता है.

नोकिया 3310 को 17 साल पहले पेश किया गया था. तब से अब तक चीजें बहुत बदल हई हैं. फोन रखने और उसे इस्तेमाल करने के तौर तरीके बदले हैं. हमें ऐसी सहूलियतों की आदत हो गई है जिनके बारे में उस वक्त सोच भी नहीं सकते थे.

नोकिया 3310 को फिर से लाना उसे बनाने वाली कंपनी के लिए भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं रहेगा, खास कर उसकी कीमत के लिहाज से भी, जो लगभग चार हजार रुपए के आसपास बताई जा रही है.

हालांकि उम्मीद यही है कि नोकिया 3310 को सादा सिंपल रखते हुए उसे पुराने मॉडल के करीब रखा जाएगा, लेकिन फिर भी यह उसकी हूबहू कॉपी तो नहीं हो सकता. आइए जानते हैं वे पांच बातें जो नए नोकिया 3310 को 2017 में इस्तेमाल करने लायक बनाएंगी.

नैनो/माइक्रो सिम स्लॉट, डुअल सिम

वर्ष 2000 में आए नोकिया 3310 में तो मिनी सिम लगता था. लेकिन आज आपको ढूंढे से भी ऐसा फोन नहीं मिलेगा जिसमें इतना बड़ा सिम लगता हो. ज्यादातर फोन में अब नैनो सिम ही इस्तेमाल होता है, हालांकि कुछ ऐसे फोन है जिनमें अब भी उससे कुछ बड़े माइक्रो सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं.

जो भी हो, सेकेंडरी फोन के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए नए नोकिया 3310 में ऐसी सुविधा हो कि आसानी से सिम कार्डों को अदल बदल किया जा सके.

इसके अलावा नए नोकिया 3310 को डुअल सिम कार्ड वाला होना चाहिए.

आबादी के लिहाज से दो सबसे बड़े देशों भारत और चीन में डुअल सिम होना तो समझो एक नियम बन गया है. इससे सुविधा भी रहती है खासकर ऐसे समय में, जब भारत में टेलीकॉम युद्ध अपने चरम पर है.

4जी सपोर्ट

ऑरिजनल नोकिया 3310 फोन जीएसएम नेटवर्क पर दो बैंड 900 मेगाहर्ट्स और 1800 मेगाहर्ट्स को सपोर्ट करता था. आज तो किसी भी फोन को कम से कम चार बैंड्स 850 मेगाहर्ट्स, 900 मेगाहर्ट्स, 1800 मेगाहर्ट्स और 1900 मेगाहर्ट्स तो सपोर्ट करना ही चाहिए तभी उसे दुनिया भर में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

लेकिन बात सिर्फ बैंड्स की नहीं है. उसे 4जी को भी सपोर्ट करना होगा. आप पूछ सकते हैं जिस फोन को न तो वीडियो देखने के लिए इस्तेमाल किया जाना है और न ही ऐप डाउनलोड करने के लिए, तो उसमें 4जी सपोर्ट की क्या जरूरत है? इसके दो कारण हैं.

रिलायंस जियो जैसे आधुनिक ऑपरेटरों के पास 2जी या 3जी नेटवर्क ही नहीं है. वे सिर्फ 4जी पर काम करते हैं. दूसरी बात, एटीएंडटी जैसे ऑपरेटर अपने 2जी नेटवर्क को खत्म करते हुए दिख रहे हैं ताकि उस स्पेक्ट्रम को आधुनिक और अधिक तेज नेटवर्कों के लिए इस्तेमाल कर सकें.

अगर नोकिया 3310 वाईफाई को भी सपोर्ट करे तो इससे बड़ी कोई बात नहीं होगी. फिर आप जरूरत पड़ने पर इसे पोर्टेबल रूटर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

यूएसबी टाइप सी चार्जिंग

आपको पतली पिन वाला नोकिया का चार्जर याद है? हां, दुर्भाग्य से वह कनेक्टर आज कहीं नहीं चलता. आज के यूएसपी टाइप सी चार्जर को आप तीन पिनों वाले जैसे किसी भी सॉकेट में नहीं लगा सकते. हालांकि बदलकर उसे किन्हीं दो पिनों में लगाया जा सकता है. साथ ही यह सब जगह चलता है. उपकरण महंगा हो या सस्ता, सब इसे सपोर्ट करते हैं. दूसरा, फोन को कंप्यूटर से कनेक्ट करने में भी यह काम आता है.

कॉन्टैक्ट्स, कैलेंडर सिंकिंग

इस बात की बहुत संभावना है कि नया नोकिया 3310 फंक्शंस के मामले में बहुत सीमित होगा. यह देखना होगा कि एचएमडी ग्लोबल ऑरिजनल नोकिया 3310 के ऑपरेटिंग सिस्टम में कितना बदलाव करती है. लेकिन फीचर फोन होने का मतलब यह कतई नहीं है कि ये बिल्कुल डब्बा होगा.

मिसाल के तौर पर आज स्मोर्टफोन बदलना बहुत आसान हो गया है क्योंकि हमारे कॉन्टैक्स, कैलेंडर एंट्रीज, टेक्स्ट मैजेस और दूसरी चीजें बड़ी आसानी से एक फोन से दूसरे फोन में चली जाती हैं. कार्डडीएवी और कालडीएवी जैसी सुविधाओं के चलते कॉन्टैक्ट्स को एक से दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम और सर्विसेज तक भेजना बहुत आसान है.

अगर नए 3310 में किसी तरह की इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी, और कॉन्टैक्स और कैलेंडर को सिंक करने की बुनियादी सुविधा नहीं होगी तो यह बड़े शर्म की बात होगी.

ऑरिजनल जितनी बैटरी लाइफ

आप सोच रहे होंगे कि अगर फोन में इतने सारे फीचर होंगे तो क्या वह उतनी देर चलेगा जितना पुराना वाला फोन चलता था? देखिए मुझे तो भरोसा है कि चलेगा. वजह यह है कि पिछले दस साल में मोबाइल फोन के भीतर हार्डवेयर बहुत कम हो गया है. अगर आप आज सबसे महंगे फोन के भीतर झांको तो पता चलेगा कि बैटरी ही है जो सबसे ज्यादा जगह घेरती है. इसकी वजह यह है कि दूसरे सभी कंपोनेंट (जैसे सिम कार्ड की जगह) छोटे होते गए हैं. इसकी वजह से भी बड़ी बैटरी लगाना संभव हुआ है.

ऑरिजनल 3310 में 900एमएएच की बैटरी थी. अब 17 साल इससे बड़ी बैटरी की उम्मीद करना गलत नहीं होगा. इसलिए नए नोकिया 3310 को भी एक बार चार्ज करने पर कई दिन तक चलना चाहिए, भले ही उसमें ऊपर दिए गए आधुनिक जमाने के कई फीचर हों.

तो यह बातें है जो हम नए नोकिया 3310 में चाहते हैं. अभी कुछ नहीं पता है कि यह फोन कैसा होगा. इसलिए मुझे लगता है कि हमें कुछ दिन इंतजार करना चाहिए.

अगर नए नोकिया 3310 में ऊपर दी गई सारी खूबियां हुई तो क्या आप उसे खरीदेंगे? और अगर ये खूबियां न हुई तो भी आप उसे खरीदेंगे? कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताना.

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