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गूलीगन एंड्रॉयड मालवेयर: क्या आपका डिवाइस भी हुआ शिकार, ऐसे चेक करें

कम से कम 86 ऐप्स में पाए जाने वाले गूलीगन मालवेयर का हमला 10 लाख एकांउट्स पर हो चुका है.

Naina Khedekar | Published On: Dec 01, 2016 08:31 PM IST | Updated On: Dec 02, 2016 08:12 AM IST

गूलीगन एंड्रॉयड मालवेयर: क्या आपका डिवाइस भी हुआ शिकार, ऐसे चेक करें

गूगल एंड्रॉयड को अपनी सुरक्षा संबंधी दिक्कतों के लिए लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा लगता है कि यह अभी कुछ और वक्त तक चलता रहेगा. चेक प्वाइंट सिक्यूरिटी टेक्नोलॉजी के शोधार्थियों ने मालवेयर के कुनबे का पता लगा लिया है, इसे गूलीगन (शायद हुलीगन से प्रभावित) कहा जाता है और इसका हमला 10 लाख एकांउट्स पर हो चुका है.

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गूलीगन कैसे काम करता है?

कम से कम 86 ऐप्स में यह पाया जाता है जो थर्ड-पार्टी मार्केटप्लेस में उपलब्ध हैं. एक बार इनस्टॉल करने के बाद आपके सिस्टम में विशिष्ट पहुंच बनाने के लिए यह रूटिंग प्रोसेस का इस्तेमाल करता है. यह वर्जन 4 (आइस क्रीम सैंडविच, जेली बीन, और किटकैट) और वर्जन 5 से चलने वाले डिवाइसेज को प्रभावित करता है. यह नोट किया जाना चाहिए कि 74 फीसदी यूजर्स असुरक्षित वर्जन चला रहे हैं.

इसलिए, रूटेड डिवाइसेज तब वह सॉफ्टवेयर डाउनलोड और इनस्टॉल करता है जो ऑथेंटिकेशन टोकन चुरा लेता है, और डिवाइस के मालिक की गुगल से जुड़े हुए एकांउट्स की एक्सेस इसे दे देता है जिसमें पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती. यह टोकन कई गूगल उत्पादों पर काम करता है, जिनमें जीमेल, गूगल फोटोज, गूगल डॉक्स, गुगल प्ले, गूगल ड्राइव और जी सूट शामिल हैं.

बुनियादी तौर पर गूगल ऑथोराइजेशन टोकन यूजर्स के गूगल एकांउट और इससे जुड़ी सेवाओं तक पहुंचने का तरीका है जिसे गूगल जारी करता है. हैकर ने अगर एक बार इसे चुरा लिया तो वह आपकी सारी गूगल सेवाओं तक पहुंचने के लिए इस टोकन का इस्तेमाल कर सकता है.

ग्रसित डिवाइसेज का क्षेत्रवार आंकड़ा

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गूलीगन हर दिन 13 हजार डिवाइसेज को ग्रसित कर रहा है, 10 लाख से भी ज्यादा डिवाइसेज में घुसने वाली शायद यह पहला मालवेयर है. कंपनियों से जुड़े ईमेल पते इस मालवेयर का निशाना रहे हैं. ग्रस्त डिवाइसेज की कुल संख्या में 57 फीसदी एशिया से हैं.

कैसे पता करें कि आपका डिवाइस ग्रस्त हो चुका है

जो लोग आधिकारिक प्ले स्टोर के अलावा दूसरे सोर्सेस से ऐप्स डाउनलोड करते रहे हैं और यह पता करना चाहते हैं कि उनका एकांउट ग्रस्त हो चुका है, इस चेकप्वाइंट पर जा सकते हैं.

ऐप्स की इस लिस्ट को चेक करें, अगर इनमें से किसी को आपने डाउनलोड किया है तो आपका डिवाइस ग्रस्त हो चुका है.

 हां, मेरा डिवाइस ग्रस्त है, अब क्या करें?

चेक प्वाइंट रिपोर्ट्स दो चीजों के बारे में बतलाता है जो आपको करना पड़ेगा. पहला, फ्लैशिंग की प्रक्रिया के जरिये अपने मोबाइल डिवाइस पर ऑपरेटिंग सिस्टम को साफ तरीके से इनस्टॉल करें. यह एक जटिल प्रक्रिया है, और यह सलाह दी जाती है कि यूजर्स अपने डिवाइस को पहले बंद कर लें और सर्टिफाइड टेकनिशियन/मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को अप्रोच करें. दूसरा, जितनी जल्दी हो अपने गूगल एकाउंट का पासवर्ड बदल दें.

आधिकारिक गूगल स्टोर के अलावा किसी और स्टोर से एंड्रॉयड ऐप्स डाउनलोड न करें.

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