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गूगल डूडल ने मनाया खोज का जश्न, लेकिन क्या है एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म

115 साल पहले हुई थी एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म की खोज

FP Staff | Published On: May 17, 2017 08:16 AM IST | Updated On: May 17, 2017 08:16 AM IST

गूगल डूडल ने मनाया खोज का जश्न, लेकिन क्या है एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म

गूगल डूडल ने बुधवार को एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म (Antikythera Mechanism) की खोज के 115 साल होने का जश्न मनाया. एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म दरअसल एक ऐसा डिवाइस था जिसके जरिए प्राचीन समय में ग्रहों की स्थिति, ग्रहणों और तारीखों की गणना की जाती थी. कई मायनों में यह एक एनालॉग कंप्यूटर था.

1902 में 17 मई को यूनानी पुरातत्ववेत्ता वेलेरियॉस स्टेस एंटीकाइथेरा में डूबे एक जहाज की से मिली चीजों की पड़ताल कर रहे थे कि उन्हें धातु का बना पुराना डिवाइस मिला. यूं तो इस जहाज की खोज दो साल पहले हो गई थी लेकिन इस डिवाइस पर किसी का ध्यान नहीं गया था. कांसे के बने इस डिवाइस का आकार किसी चक्के जैसा था. स्टेस की खोज के बाद पता चला कि यह एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म का हिस्सा था.

एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म का प्रयोग मैप बनाने और दिशा निर्देशन के लिए भी किया जाता था. इसमें आगे बने एक डायल का इस्तेमाल राशि और सौर कैलेंडरों को जोड़ने के लिए होता था जबकि पीछे बने डायल का ग्रहों की चाल की गणना करते थे. बाद में जब एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म का कंप्यूटर 3डी मॉडल बनाया गया तो पता चला कि इसमें 30 से अधिक उन्नत गियर थे. कमाल की बात है कि यह पूरा मैकेनिज्म एक जूते के डब्बे से बड़ा नहीं था. जाहिर है यह अपने समय से काफी आगे की तकनीक थी. कहा जाता है कि इसमें 18वीं सदी के घड़ियों के जैसा उन्नत मैकेनिज्म था.

पहले माना जाता था कि एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म 85 ईसा पूर्व के आसपास का था लेकिन नई खोज के अनुसार यह उससे भी पुराना है. फिलहाल इस मैकेनिज्म से जुड़े पुर्जे एथेंस के संग्रहालय में हैं.

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