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Be Internet Awesome: बच्चों को इंटरनेट पर 'सेफ और स्मार्ट' बनाएगा गूगल

वीडियो गेम और एजुकेशनल करिक्युलम के जरिए सिखाएगा गूगल

FP Tech Updated On: Jun 08, 2017 11:39 AM IST

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Be Internet Awesome: बच्चों को इंटरनेट पर 'सेफ और स्मार्ट' बनाएगा गूगल

गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं. इस दौरान बच्चे लंबा समय इंटरनेट पर बिताते हैं. ऐसे में पैरेंट्स की चिंता रहती है कि बच्चे इंटरनेट पर सेफ रहें.

गूगल ने भी इस चिंता को समझते हुए एक इनोवेटिव पहल की है. गूगल ने एक नए एजुकेशनल प्रोग्राम की घोषणा की है, जो बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा, हैकिंग से बचाव, किसी प्रकार के इंटरनेट उत्पीड़न से बचाव और पासवर्ड संबंधित जानकारी लीक नहीं होने देने के बारे जानकारी देगा. 'बी इंटरनेट ऑसम' नाम के इस प्रोग्राम में क्लासरूम करिक्युलम और इंटरलैंड नाम के वीडियो गेम को शामिल किया गया है.

गूगल ब्लॉग पोस्ट में गूगल के वाइस-प्रेसिडेंट (बाल व परिवार संबंधित इंजिनियरिंग) पवनी दीवानजी ने लिखा, 'बच्चों को वास्तव में वेब से परिचित कराने के लिए हमें ऑनलाइन स्मार्ट फैसले लेने वाले व इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों को मागदर्शन उपलब्ध कराने की जरूरत है.'

इस ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान अधिकांश बच्चे इंटरनेट पर ज्यादा समय तक सक्रिय रहते हैं, ऐसे में यह उन्हें 'बी इंटरनेट ऑसम: अ न्यू वे टू एनकरेज डिजिटल सेफ्टी ऐंड सिटिजनशिप' प्रोग्राम से परिचित कराने का बेहतर समय है.

इस प्रोग्राम में बच्चे सोशल मीडिया पर सीमित मात्रा में निजी जानकारी साझा करना, मजबूत पासवर्ड तैयार करना, हैकिंग से बचने, इंटरनेट का सही इस्तेमाल करना जैसी जानकारी हासिल करेंगे.

गूगल ने यह कार्यक्रम फैमिली ऑनलाइन सेफ्टी इंस्टीट्यूट, द इंटरनेट कीप सेफ कोएलिशन और कनेक्टसेफली जैसे एक्सपर्ट के साथ मिलकर तैयार किया गया है. इसके पांच मुख्य बिंदु हैं:

बी इंटरनेट स्मार्ट: शेयर विद केयर बी इंटरनेट अलर्ट: डोंट फॉल फोर फेक बी इंटरनेट स्ट्रॉन्ग: सिक्योर योर सीक्रेट्स बी इंटरनेट काइंड: इट्स कूल टू बी काइंड बी इंटरनेट ब्रेव: वेन इव डाउट टॉक इट आउट

बी इंटरनेट स्मार्ट: शेयर विद केयर

गूगल का कहना है कि आजकल खबरें बड़ी तेजी से फैलती हैं. ऐसे में बच्चों को समझने की जरूरत है कि क्या शेयर करें, क्या न करें. गूगल ने इसके लिए तीन सलाह दी है-

इंटरनेट पर बातचीत को आमने-सामने की बातचीत की तरह देखें. अगर कुछ कहना गलत है तो उसे पोस्ट करना भी गलत है.

ऐसे दिशानिर्देश बनाएं जो बताएं कि कैसी बातचीत सही है और कैसी नहीं.

परिवार व मित्रों के बारे में जानकारी निजी रखें.

बी इंटरनेट अलर्ट: डोंट फॉल फोर फेक

आजकल कई फर्जी खबरें आती हैं. यह समझने की जरूरत है कि कौन सी खबर सही है और कौन सी फर्जी.

बी इंटरनेट स्ट्रॉन्ग: सिक्योर योर सीक्रेट्स

खुद को ऑनलाइन सुरक्षित रखना उतना ही जरूरी है जितना असल जिंदगी में. जरूरी सूचनाओं को सुरक्षित रखना सीखने से बच्चे अपनी डिवाइस, प्रतिष्ठा और रिश्तों सभी को सुरक्षित रख पाएंगे.

बी इंटरनेट काइंड: इट्स कूल टू बी काइंड

इंटरनेट सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों फैला सकता है. बच्चों को यह समझने की जरूरत है कि आप दूसरों से वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप अपने साथ होते देखना जाएंगे.

बी इंटरनेट ब्रेव: वेन इव डाउट टॉक इट आउट

सबसे बड़ी बात है कि अगर बच्चों को इंटरनेट पर कुछ ऐसा मिलता है जिसकी समझ उन्हें नहीं है तो कोई बड़ा उन्हें इसके बारे में बता सके. इसके लिए बड़ों को बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करना होगा जिससे वह खुलकर बात कर सकें.

गेम के जरिए सीखेंगे बच्चे

बच्चों को सिखाने के लिए गूगल ने 'बी इंटरनेट ऑसम' प्रोग्राम में क्लासरूम करिक्युलम और इंटरलैंड नाम के वीडियो गेम को शामिल किया गया है. इंटरलैंड में चार अलग-अलग गेम के जरिए बच्चे सुरक्षा, हैकिंग से बचाव, किसी प्रकार के इंटरनेट उत्पीड़न से बचाव और पासवर्ड संबंधित जानकारी लीक नहीं होने देने के बारे में सीखेंगे.

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