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इस वजह से सरकार लगा सकती है यूसी ब्राउजर पर बैन

यूसी ब्राउजर के खिलाफ शिकायतें हैं कि यह अपने भारतीय यूजर्स का मोबाइल डेटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है

Bhasha Updated On: Aug 22, 2017 11:06 PM IST

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इस वजह से सरकार लगा सकती है यूसी ब्राउजर पर बैन

भारतीय यूजर्स के मोबाइल डेटा को कथित तौर पर लीक करने के मामले में सरकार यूसी ब्राउजर की जांच कर रही है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस मामले में दोषी पाए जाने पर यूसी ब्राउजर को प्रतिबंधित किया जा सकता है.

यूसी ब्राउजर चीन की चर्चित कंपनी अलीबाबा का ब्राउजर है जो कि इंटरनेट इस्तेमाल के काम आता है. इस ब्राउजर पर भारतीय यूजर्स से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप है.

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने उक्त जानकारी दी. अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘यूसी ब्राउजर के खिलाफ शिकायतें हैं कि यह अपने भारतीय यूजर्स का मोबाइल डेटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है. ऐसी भी शिकायते हैं कि अगर यूजर इस ब्राउजर को अनइंस्टाल कर देता है या ब्राउजिंग डेटा मिटा भी देता है तो भी यूजर के डिवाइस के डीएनएस पर इसका नियंत्रण रहता है.’

अधिकारी ने कहा कि अगर इस ब्राउजर पर लगे आरोपों की पुष्टि हो जाती है तो देश में इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है.

यूसी ब्राउजर ने कहा नहीं मिली है नोटिस

वहीं यूसी ब्राउजर का परिचालन करने वाली कंपनी यूसी वेब ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर कहा कि फिलहाल उसे सरकार से इस बारे में कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली है.

कंपनी ने कहा- यूसी वेब में हम सुरक्षा और गोपनीयता को बहुत गंभीरता से लेते हैं. कंपनी अपने परिचालन वाले सभी क्षेत्रों में स्थानीय नियमों के अनुपालन के कठिन मेहनत करती है. कंपनी का कहना है कि वह ऐसा कोई काम नहीं करती जिससे उसके उपयोक्ताओं का भरोसा टूटे.

यूसी ब्राउजर अलीबाबा के मोबाइल कारोबार समूह का हिस्सा है. अलीबाबा ने भारत में पेटीएम व इसकी पैतृक कंपनी वन97 में काफी बड़ा निवेश किया है. इसके अलावा उसने स्नैपडील में भी बड़ा पैसा लगाया है.

यूसी ब्राउजर ने पिछले साल दावा किया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके 10 करोड़ से अधिक मंथली एक्टिव यूजर हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में गूगल के क्रोम के बाद यूसी ब्राउजर दूसरा सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला ब्राउजर है.

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