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सब्जी बेचने वाले की बेटी ने बनाई भारतीय टीम में जगह

अंडर-19 भारतीय टीम में मिली पूजा को जगह

Subrat Guha | Published On: Jun 06, 2017 08:29 PM IST | Updated On: Jun 06, 2017 08:31 PM IST

सब्जी बेचने वाले की बेटी ने बनाई भारतीय टीम में जगह

अगर सपने बड़े हों, मेहनत से मुंह न चुराएं, तो सपने सच होते हैं. ये साबित किया है पूजा कुमारी ने. तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए बिहार में कटिहार की ये लड़की आज भारतीय अंडर 19 फुटबॉल टीम की सदस्य हैं. पूजा कटिहार में सब्जी बेचने वाले की बेटी हैं.

पूजा इस वक्त रायगढ़ में हैं. नेशनल टीम के साथ वो दुबई में होने वाले टूर्नामेंट की तैयारी कर रही हैं. पूजा गांधी हाई स्कूल की छात्रा हैं और दसवीं क्लास में पढ़ती हैं.

मां-बाप के लिए घर चलाना आसान नहीं है. लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को सच करने के लिए उसका साथ दिया. पांचवीं क्लास में पूजा थीं, जब खेल से जुड़ीं. तभी उन्होंने अपनी इच्छा जताई थी. नॉर्मल स्कूल टाइमिंग के बाद वे एक्स्ट्रा स्पोर्ट्स क्लास करती थीं.

पूजा ने शुरुआत में खो-खो भी खेला. लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने फुटबॉल पर ध्यान देना शुरू किया. यहां तक कि उस वक्त उनके पिता रामजनम और सजनी देवी को पड़ोसियों के ताने झेलने पड़े. खासतौर पर इस बारे में कि बढ़ती बच्ची को शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनकर खेलने भेजते हैं.

रामजनम कहते हैं, ‘शॉर्ट्स पहनना तो बेसिक जरूरत है. सलवार-सूट पहनकर वो कैसे खेल सकती है. हम बहुत गरीब हैं. लेकिन उसकी जरूरत समझते हैं. हालांकि हमारे लिए जरूरतों को पूरा करना आसान नही था. मेरी बेटी मोहल्ले में लोगों को खटकती थी. वे उसके कपड़ों पर सवाल उठाते थे. कुछ लोग हमारे पास सलाह देने  आ गए कि समाज में रहने के लिए कैसे कपड़े पहनने जरूरी हैं.’

पूजा पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं. वो अपने मां-बाप की भी मदद करती हैं. बेटी के बारे में बताते हुए गर्व से मां सजनी देवी की आंखें छलक जाती हैं.

वो कहती हैं, ‘पूजा अक्सर उस जगह जाती है, जहां उसके पिता सब्जी बेचते हैं. सब्जी बेचने और तौलने में वो पिता की मदद करती हैं. हमेशा वो जिद करती है कि शाम को ठेला वही खींचकर घर लाएगी. मेरी बेटी ने कभी कोई ज्यादा मांग नहीं की. इसके बावजूद कि टीम में उसके बाकी साथी अच्छे अमीर परिवार से हैं.’

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