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एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी साक्षी

पांच दिन की एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप बुधवार से दिल्ली में

Bhasha | Published On: May 09, 2017 07:28 PM IST | Updated On: May 09, 2017 07:28 PM IST

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी साक्षी

रियो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी महिला बुधवार से दिल्ली में शुरू हो रही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी. योगेश्वर दत्त, सुशील कुमार और फोगाट बहनों गीता और बबीता की गैरमौजूदगी में साक्षी, ओलिंपियन संदीप तोमर और बजरंग पूनिया पिछले साल के भारत के प्रदर्शन में सुधार की कोशिश करेंगे.

पिछले साल थाइलैंड के बैंकॉक में हुई इस प्रतियोगिता में भारत ने एक स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदक सहित कुल नौ पदक जीते थे. बैंकॉक में संदीप (पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल) ही भारतीय पहलवानों में स्वर्ण पदक जीत पाए थे.

भारतीय पहलवानों के लिए इस साल यह पहली बड़ी प्रतियोगिता है. भारत ने 28 सदस्यीय मजबूत टीम उतारी है जिसमें फ्रीस्टाइल, महिला और ग्रीको रोमन वर्ग में आठ-आठ पहलवान शामिल हैं.

प्रतियोगिता के दौरान फ्रीस्टाइल में 112, ग्रीको रोमन में 103 और महिला वर्ग में 83 पहलवान शिरकत करेंगी. प्रतियोगिता के दौरान 24 स्वर्ण और इतने ही रजत पदक के अलावा 48 कांस्य पदक दांव पर होंगे.

भारत के अलावा ईरान, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, जापान, कोरिया, चीन और मंगोलिया जैसे देशों के शीर्ष पहलवान केडी जाधव रेस्लिंग एरेना में पांच दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान प्रतिस्पर्धा पेश करेंगे.

भारतीय प्रशंसकों की नजरें साक्षी पर टिकी होंगी. रियो ओलिंपिक के दौरान पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी साक्षी ने खेलों के महाकुंभ के बाद इस साल सिर्फ पेशेवर कुश्ती लीग में हिस्सा लिया और कुछ ही बाउट में शिरकत की.

साक्षी ने हालांकि लखनऊ में ट्रायल के दौरान मंजू को 10-0 के तकनीकी नॉकआउट से हराया था. इसके अलावा फोगाट बहनें विनेश और रितु भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश रियो ओलंपिक के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गई थी और अब वापसी कर रही हैं.

विनेश ने पिछली प्रतियोगिता में 53 किग्रा वर्ग का कांस्य पदक जीता था. लेकिन रितु मामूली अंतर से पदक से चूक गई थी और इस बार इसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगी.

पुरुष फ्रीस्टाइल में भारत को संदीप और बजरंग (65 किग्रा) से पदक की उम्मीद होगी. जितेंदर (74 किग्रा) के पास दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार और निलंबित नरसिंह यादव की परछाई से बाहर निकलने का मौका होगा.

साक्षी के पति सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) के प्रदर्शन पर भी सभी की निगाहें टिकी होंगी. ग्रीको रोमन भारत का मजबूत पक्ष नहीं है लेकिन अपनी सरजमीं पर भारतीय पहलवान हैरान कर सकते हैं. कतर और थाइलैंड में पिछली दो प्रतियोगिता में ईरान ने फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन वर्ग में खिताब जीता.

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को मेजबान पहलवानों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.

भारतीय टीम इस प्रकार है - पुरुष फ्रीस्टाइल: संदीप तोमर (57 किग्रा), हरफुल (61 किग्रा), बजरंग (65 किग्रा), विनोद (70 किग्रा), जितेंदर 74 किग्रा), सोमवीर (86 किग्रा), सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) और सुमित (125 किग्रा).

ग्रीको रोमन: ज्ञानेंदर (59 किग्रा), रविंदर (66 किग्रा), दीपक (71 किग्रा), गुरप्रीत (75 किग्रा), हरप्रीत (80 किग्रा), अनिल कुमार (85 किग्रा), हरदीप (98 किग्रा) और नवीन (130 किग्रा).

महिला वर्ग: रितु (48 किग्रा), पिंकी (53 किग्रा), विनेश (55 किग्रा), साक्षी मलिक (58 किग्रा), सरिता (60 किग्रा), रितु (63 किग्रा), दिव्या ककरान (69 किग्रा) और ज्योति (75 किग्रा).

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