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गोपीचंद-ज्वाला गुट्टा की रंजिश का दिखने लगा असर, गोपी की एकेडमी से हटेगा डबल्स का कैंप

गोपीचंद की एकेडमी में बतौर कोच डबल्स के कैंप में नहीं जाती हैं ज्वाला, खेल मंत्रालय ने ज्वाला को वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने की नहीं दी इजाजत

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Aug 14, 2017 02:53 PM IST

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गोपीचंद-ज्वाला गुट्टा की रंजिश का दिखने लगा असर, गोपी की एकेडमी से हटेगा डबल्स का कैंप

बैडमिंटन के खेल में अपनी कोचिंग के तहत देश के लिए कई चैंपियन पैदा करने वाले पुलेला गोपीचंद और उनकी कड़ी आलोचक ज्वाला गट्टा के बीच कड़वे रिश्तों का असर अब दिखना शुरू हो गया है. हाल ही में भारतीय बैडमिंटन संघ यानी बाई ने ज्वाला को गुट्टा को डबल्स की कोच नियुक्त किया था. लेकिन चीफ कोच पी गोपीचंद के साथ उनके तनाव और बाई की राजनीति का नतीजा यह निकला है कि ज्वाला हैदराबाद में गोपीचंद की एकेडमी में लगे डबल्स के कैंप में पहुंची ही नहीं. लिहाजा भारतीय खेल प्रधिकरण यानी साई ने ज्वाला को वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने की इजाजत नहीं दी है. अब 21 अगस्त से ग्लास्गो में शुरू हो रही बैडमिंटन की वर्ल्ड चैंपियनशिप में डबल्स की भारतीय टीम अब बिना कोच के ही 17 तारीख को रवाना हो जाएगी.

ज्वाला को कोच नहीं मानता खेल मंत्रालय!

बैडमिंटन संघ ने खेल मंत्रालय से वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए 22 खिलाड़ियों और कोच गोपींचंद समेत सात कोचों के लिए इजाजत मांगी थी. इन सात कोचों में डबल्स की कोच ज्वाला गट्टा भी शामिल थीं. लेकिन साई ने ज्वाला के अलावा बाकी सभी नामों को मंजूरी दे दी. खेल मंत्रालय के एक अधिकारी  के मुताबिक ‘जब ज्वाला डबल्स के लिए लगे कैंप में गई ही नहीं तो उन्हें बतौर कोच सरकारी खर्चे पर कैसे भेजा जा सकता है? साथ ज्वाला ने अभी बतौर खिलाड़ी भी संन्यास का ऐलान नहीं किया है लिहाजा खेल मंत्रालय उन्हें कोच के तौर पर स्वीकार नहीं करता है.’

इससे पहले, ऑस्ट्रेलियन ओपन से पहले लगे कैंप में भी ज्वाला, गोपीचंद की एकेडमी में नहीं गई थी. और उस बार भी साई ने ज्वाला के ऑस्ट्रेलियन जाने का खर्चा उठाने से मना कर दिया था. लेकिन तब बैडमिंटन संघ ने ज्वाला को अपने खर्चे पर ऑस्ट्रेलिया लेकर गया था. इस बार भी बैडमिंटन संघ ज्वाला को अपने खर्चे पर ले जाने को तैयार था लेकिन अब ज्वाला ने ‘निजी कारणों’ से जाने से इनकार कर दिया है.

गोपीचंद की एकेडमी से हटेगा डबल्स का कैंप

ज्वाला और गोपीचंद के बीच इस तनाव के दौरान बैडमिंटन संघ ज्वाला के साथ खड़ा दिख रहा है. बैडमिंटन संघ ने खेल मंत्रालय से डबल्स का कैंप गोपीचंद की एकेडमी से हटाने की सिफारिश की है. खेल मंत्रालय ने भी संघ की इस सिफारिश पर विचार करते हुए इस कैंप को दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टेडियम में शिफ्ट करने की बात कही है. इसी स्टेडियम में ही साल 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान रग्बी का इवेंट आयोजित किया गया था. हालांकि बैडमिंटन संघ के एक पदाधिकारी का कहना है दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टेडियम में आवासीय सुविधा नहीं होने के चलते संघ ने खेल मंत्रालय के इस फैसले को स्वीकार नहीं किया है और वे डबल्स के कैंप को दिल्ली के ही इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शिफ्ट कराना चाहता है.

फैसला जो भी हो ,बहरहाल इतना तय है कि पुलेला गोपीचंद की एकेडमी में अब डबल्स का कैंप ज्यादा दिन नहीं रहेगा साथ ही उनके पर करतने के लिए बैडमिंटन संघ के एक मजबूत धड़े ने जो शुरूआत की थी वह भी धीरे-धीरे असर जरूर दिखाएगी.

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