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जुल्पीकार को हरा डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट जीतने के लिए तैयार हैं विजेंदर सिंह!

जुल्पीकार माइमाइतालि के खिलाफ पांच अगस्त को अगला पेशेवर मुकाबला खेलेंगे

Lakshya Sharma | Published On: Jul 07, 2017 01:46 AM IST | Updated On: Jul 07, 2017 01:32 PM IST

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जुल्पीकार को हरा डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट जीतने के लिए तैयार हैं विजेंदर सिंह!

मैंने अब तक सारे मुकाबले जीते हैं...फ्रांसिस चेका को तो बड़ी आसानी से हराया दिया था लेकिन उसके बावजूद मुझे ओवर कॉन्फिडेंस और कॉन्फिडेंस के बीच की लाइन का पता है...ये कहना है भारत के स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह का.

विजेंदर इस समय लंदन में 5 अगस्त को चीन के डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट चैंपियन जुल्पीकार माइमाइतालि से होने वाले मुकाबले की तैयारी कर रहे हैं.

विजेंदर ने हिंदी फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया कि वह इस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वह इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. विजेंदर ने बताया कि अब तक उन्होंने जितने मुकाबले खेले हैं उनके लिए उनकी रणनीति अलग थी लेकिन इस बार जुल्पीकार के खिलाफ उन्होंने अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है. जुल्पीकार की लड़ने की स्टाइल पिछले विरोधियों के मुकाबले थोड़ी अलग है. इसलिए उन्होंने भी अपनी रणनीति में कुछ बदलाव किए हैं.

इस बार उनकी चैंपियनशिप भी दांव पर लगी हुई है. इस पर विजेंदर ने कहा कि इसका थोड़ा दबाव तो होता ही है लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. आपको दो या तीन राउंड में पता चल जाता है कि विरोधी में कितना दम है

दरअसल इस मुकाबले को 'बैटलग्राउंड एशिया' का नाम दिया गया है. डब्ल्यूबीओ एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट चैंपियन विजेंदर और डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट चैंपियन जुल्पीकार के मौजूदा खिताब दांव पर होंगे.

विजेंदर ने बताया कि वह इस फाइट के लिए काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि उनकें फैंस उन्हें हर बार की तरह सपोर्ट करेंगे.

वहीं बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले अखिल कुमार और जितेंद्र कुमार भी इस दौरान पेशेवर मुक्केबाजी में पदार्पण करेंगे. अखिल कुमार चार राउंड के अंडरकार्ट मुकाबले में उतरेंगे.

इन बॉक्सर के बारे में विजेंदर ने कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए ये अच्छा है कि अनुभवी बॉक्सर भी इस बार रिंग में दिखाई देंगे.

विजेंदर के विपक्षी चीनी खिलाड़ी ने अभी तक आठ पेशेवर मुकाबले खेले हैं. उन्होंने 24 राउंड खेले हैं। इसमें से उन्होंने सात जीत हासिल की हैं, जिसमें से पांच नॉकआउट मैच रहे हैं. उनका एक मैच ड्रॉ रहा है.

विजेंदर ने हाल ही में अपना डब्ल्यूबीओ एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब बचाया था. उनके हिस्से आठ जीत हैं जिसमें से सात नॉकआउट हैं. एक मैच में वह सर्वसम्मति से विजेता चुने गए थे. उन्होंने अभी तक 30 राउंड खेले हैं.

विजेंदर ने पिछले साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया के कैरी होप को मात देते हुए अपना पहला पेशेवर खिताब जीता था और फिर दिसंबर में तंजानिया के फ्रांसिस चेका के खिलाफ अपना खिताब बचाया था. विजेंदर इस समय ब्रिटेन में अपने ट्रेनर ली बीयर्ड की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘यह बेहद रोचक मुकाबला होगा, सिर्फ इसलिए नहीं कि इसमें मेरा खिताब दांव पर होगा बल्कि मैं इसी मुकाबले में दूसरे खिताब के लिए भी लड़ूंगा. मैं मुक्केबाजी को लेकर बहुत जुनूनी हूं. मेरा लक्ष्य कुछ तय खिताब जीतना है, जिसे मैं हर हाल में पूरा करूंगा

विजेंदर रहे हैं ट्रेंडसेटर

विजेंदर हमेशा कुछ बड़ा, कुछ अलग करना चाहते थे. उनके कोच से लेकर उनके विपक्षी भी मानते रहे हैं कि देश मे सबसे ‘इंटेलिजेंट बॉक्सर’ में वो हैं. यही बात उनके लिए हमेशा कामयाबी लेकर आई है. विजेंदर ने 8 प्रो बाउट में से 7 नॉकआउट के साथ जीती हैं. पिछली बाउट ऑस्ट्रेलिया के केरी होप के खिलाफ थी, जो आठ राउंड चली. वो डब्ल्यूबीओ रैंकिंग में विश्व नंबर दस हैं. विजेंदर एमेच्योर करियर मे 2008-09 में विश्व नंबर एक थे.

विजेंदर ओलिंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने थे, जब 2008 में उन्होंने कांस्य जीता था. उसके बाद प्रो बॉक्सिंग में उन्होंने अलग मुकाम बनाया है. बॉक्सिंग की दुनिया से अलग फिल्म और मॉडलिंग में भी हाथ आजमा ही चुके हैं.

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