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ओह...तो खराब फॉर्म नहीं बल्कि यो-यो टेस्ट में फेल होने के चलते टीम इंडिया में नहीं आ सके युवराज!

कोहली की कप्तानी में फॉर्म से ज्यादा फिटनेस पर है जोर, कोहली के मानक पर खरे नहीं उतर सके युवराज-रैना

FP Staff Updated On: Aug 17, 2017 02:24 PM IST

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ओह...तो खराब फॉर्म नहीं बल्कि यो-यो टेस्ट में फेल होने के चलते टीम इंडिया में नहीं आ सके युवराज!

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए युवराज सिंह और सुरेश रैना को नहीं चुना गया है. टीम इंडिया को नियमित तौर पर कई तरह के फिटनेस टेस्‍ट से गुजरना पड़ता है. इनमें 'यो-यो' टेस्‍ट सबसे महत्वपूर्ण है. इसी कारण मौजूदा भारतीय टीम को सबसे फिट टीम माना जाता है. लेकिन टीम इंडिया के ये दोनों शीर्ष खिलाड़ी नेशनल क्रिकेट अकेडमी में यो-यो एंडुरेंस टेस्‍ट पास करने में असमर्थ रहे.

फिटनेस टेस्ट की सीरीज में प्रत्‍येक भारतीय खिलाड़ियों को इस टेस्ट से होकर गुजरना पड़ता है. इसे टीम के लिए सबसे अहम टेस्ट माना जाता है. मौजूदा भारतीय टीम के लिए 19.5 से ज्यादा स्कोर जरूरी होता है. इस टेस्ट में कप्तान विराट कोहली का स्कोर 21 रहा, वहीं युवराज और रैना ने बेहद खराब प्रदर्शन किया. युवराज का स्कोर सिर्फ 16 था. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, औसतन ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ी यो-यो टेस्ट में 21 का स्कोर करते हैं.

टीम इंडिया में विराट, रवींद्र जाडेजा, मनीष पांडे लगातार यह स्कोर हासिल कर रहे हैं, जबकि बाकी खिलाड़ियों का स्कोर या तो 19.5 है या उससे ज्यादा. उन्होंने यह भी कहा कि टीम इंडिया के थिंक टैंक रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन एमएसके प्रसाद ने यह साफ कर दिया है कि फिटनेस के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

आखिर क्या है यो-यो टेस्ट !

खिलाड़ियों की फिटनेस परखने के लिए यो-यो टेस्ट ‘बीप’ टेस्ट का एडवांस वर्जन है. 20-20 मीटर की दूरी पर दो लाइनें बनाकर कोन रख दिए जाते हैं. एक छोर की लाइन पर खिलाड़ी का पैर पीछे की ओर होता है और वह दूसरी की तरफ वह दौड़ना शुरू करता है. हर मिनट के बाद गति और बढ़ानी होती है और अगर खिलाड़ी वक्त पर लाइन तक नहीं पहुंच पाता तो उसे दो बीप्स के भीतर लाइन तक पहुंचना होता है. अगर वह एेसा करने में नाकाम होता है तो उसने फेल माना जाता है.

आपको बता दें  कि पहले खिलाड़ियों को टैलेंट के आधार पर चुना जाता था, लेकिन अब फिटनेट पर भी ध्यान दिया जाने लगा है. युवराज और रैना टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में शुमार होते हैं. अधिकारी ने कहा, 90 के दशक में मोहम्मद अजहरुद्दीन, रॉबिन सिंह और अजय जडेजा को छोड़कर अन्य खिलाड़ियों को 16-16.5 का स्कोर करना होता था. लेकिन अब कप्तान विराट कोहली बेंचमार्क को छू रहे हैं, जिसे ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने सेट किया है

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