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टीम इंडिया के लिए फर्स्ट अप्रैल का गिफ्ट है 1079 करोड़ रुपये

1079 करोड़ रुपये में ओप्पो बना टीम इंडिया का प्रायोजक

Bhasha Updated On: Mar 07, 2017 08:32 PM IST

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टीम इंडिया के लिए फर्स्ट अप्रैल का गिफ्ट है 1079 करोड़ रुपये

मोबाइल निर्माता कंपनी ओप्पो भारतीय क्रिकेट टीम की नई प्रायोजक बन गई है. यह कंपनी दिग्गज प्रसारण कंपनी स्टार इंडिया की जगह लेगी. ओप्पो ने रिकॉर्ड 1079 करोड़ रुपये में यह अधिकार खरीदे. बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी ने कहा, ‘ओप्पो ने पांच साल के लिए रिकार्ड 1079 करोड़ रुपये की बोली लगाई. यह पिछली बोली (स्टार इंडिया) से लगभग पांच गुना है. दूसरी बड़ी बोली वीवो की थी जो 768 करोड़ रुपये की थी.’ ओप्पो एक अप्रैल से प्रायोजक बन जाएगा.

जौहरी ने कहा, ‘बीसीसीआई ने न्यूनतम बोली 538 करोड़ रुपये तय की थी और दोनों बोलियां उससे अधिक रही. ये बोलियां भारतीय क्रिकेट की ताकत का सबूत हैं. ये भारतीय क्रिकेट में लोगों के विश्वास का प्रमाण हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आसान शब्दों में कहें तो हर द्विपक्षीय मैच के लिये 4.17 करोड़ रुपये और हर आईसीसी मैच के लिए 1.51 करोड़ रुपये मिलेंगे. इस तरह देखें तो पहले बीसीसीआई मैच के लिए 1.71 करोड़ रुपये रकम थी, जो अब 4.17 करोड़ (प्रति मैच) पहुंच गया है.’

जौहरी ने कहा, ‘स्टार इंडिया 31 मार्च तक प्रायोजक रहेगा. ओप्पो एक अप्रैल से प्रायोजक बन जाएगा. इस तरह से भारतीय टीम पहली बार ओप्पो शर्ट आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (इंग्लैंड में एक जून से शुरू होने वाली) से पहनेगी.’ यह बोली सभी भारतीय टीमों के लिए है, जिसमें महिला और जूनियर टीमें भी शामिल हैं. महिला और पुरुष दोनों टीमों की किट पर टीम प्रायोजक का लोगो रहेगा. स्टार इंडिया 2013 में सहारा की जगह भारतीय क्रिकेट टीम का प्रायोजक बना था, जिसे बोर्ड ने अयोग्य घोषित किया था.

जौहरी ने कहा, ‘आज 12 बजे हमने सभी निविदाएं खोलीं. ओप्पो, वीवो, स्टार, पेटीएम, हीरो, ग्रुप एम, डीएनए, डीबीएस बैंक ने निविदाएं खरीदी थी. इन कंपनियों में से वीवो और ओप्पो दो कंपनियां ही बची थी.’ उच्चतम न्यायालय से नियुक्त प्रशासकों की समिति की सदस्या डायना एडुलजी ने कहा कि इसमें पारदर्शिता बरती गई और सब कुछ सही तरीके से किया गया. उन्होंने कहा, ‘हम बोली से खुश हैं. यह हम सबके लिए सकारात्मक संकेत है.’

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