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आईपीएल मीडिया राइट्स : स्टार ने खेला ऐसा जुआ जिसमें अगर हार होती तो कुछ भी हाथ नहीं आता

स्टार की संयुक्त बोली पड़ी सब पर भारी, अगरी बाकी कंपनियां 528 करोड़ रुपए ज्यादा की बोली लगातीं तो स्टार इंडिया के हाथ खाली रह जाते

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Sep 05, 2017 04:54 PM IST

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आईपीएल मीडिया राइट्स : स्टार ने खेला ऐसा जुआ जिसमें अगर हार होती तो कुछ भी हाथ नहीं आता

आईपीएल के मीडिया राइंट्स की बहुप्रतीक्षित नीलामी हो चुकी है. बीसीसीआई के लिए सोने का अंडा देने वाली इस मुर्गी यानी आईपीएल ने इस बार भी निराश नहीं किया. आईपीएल का तमाम मीडिया राइट्स को 16347.5 करोड़ रुपए में बिके हैं. यानी आईपीएल में फिकने वाली हर गेंद के लिए बोर्ड को 23 लाख आठ हजार सात सौ पचास रुपए की रकम मिलने वाली है और यह रकम बीसीसआई को देगा स्टार इंडिया.

पिछले दस में आईपीएल को मिली कामयाबी और इसकी ब्रैंड वेल्यू में हुए इजाफे के बाद इसके मीडिया राइट्स की कीमत बढ़ जाएगी यह तो सबको पता था लेकिन इसको हासिल करने के लिए स्टार इंडिया इतना बड़ा जुआ खेलेगा इसका अंदाजा किसी को नहीं था.

जी हां. अगले पांच साल के लिए आईपीएल के मीडिया राइट्स हासिल करने के लिए स्टार इंडिया ने बहुत बड़ा जुआ खेला था. एक ऐसा जुआ जिसमें अगर हार हो जाती तो स्टार इंडिया को आईपीएल में कुछ भी हासिल नहीं हो पाता.

आईपीएल के मीडिया राइट्स की नीलामी ने कारपोरेट के बीच की लड़ाई के नए दांव-पेचों पर भी  रौशनी डाली है. स्टार इंडिया के इस जुए के बारे में आपको बताने से पहले हम आपको यह बताते हैं कि आखिरी यह बाजी इतने करोंड़ो की बाजी कैसे बन गई.

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दरअसल आईपीएल को इतना महंगा बेचने में बोर्ड की भी रणनीति काफी कामयाब रही. साल 2008 में जब आईपीएल के पहले एडिशन के वक्त इसके मीडिया राइट्स की नीलामी हुई थी तब शायद बोर्ड को भी इसकी कामयाबी का अंदाजा नहीं था. लिहाजा बिना नीलामी के सोनी को इसके प्रसारण के अधिकार दे दिए गए. लेकिन 2008 से लेकर 2017 तक के बीच दस सालों में बहुत कुछ बदल गया.

आईपीएल अब दुनिया की सबसे महंगी लीग्स में से एक बन चुकी है वहीं इंटरनेट क्रांति के चलते इसके डिजिटल राइट्स भी बेहद कीमती हो गए हैं. बीसीसीआई ने आईपीएल की लोकप्रियता को भुनाने के लिए उसके राइट्स को 10 साल की बजाय पांच सालों के लिए देने का फैसला किया. और साथ ही उनको कई भागों में भी बांट दिया. इसमें भारतीय सब कॉटिनेंट में टेलीविजन और डिजिटल प्रसारण के राइट्स तो अलग अलग थे ही साथ ही एशिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका ,दक्षिणी अमेरिकाऔर न्यूजीलैंड के अधिकारों को ग्रुप ए, खाड़ी के देशों और उत्तरी अफ्रीका के देशों को ग्रुप बी साउथ अफ्रीका और मध्य अफ्रीका के अधिकारों के ग्रुप सी. यूनाएटेड किंगडम और यूरोप को ग्रुप डी और बाकी दुनिया को ग्रुप ई में रखा गया.

स्टार इंडिया ने खेला सबसे बड़ा जुआ!

सबसे ज्यादा कड़ा मुकाबला भारतीय सब-कॉटिनेंट में टेलीविजन और डिजिटल प्रसारण के अधिकारों को लेकर था. पिछली बार का प्रसारणकर्ता सोनी टीवी किसी भी कीमत पर यह राइट्स अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहता था. लिहाजा सोनी ने टेलीविजन राइट्स के लिए सबसे ज्यादा 11,050 करोड़ रुपए की बोली लगाई, वही सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने डिजिटल राइट्स के लिए सबसे अधिक 3900 करोड़ की बोली लगाई. स्टार इंडिया ने हर कैटेगरी के लिए बोली लगाई लेकिन उसकी बोली इनसे काफी कम थी. सोनी के 11,050 करोड़ के मुकाबले स्टार की बोली 6196.94 करोड़ की थी. वहीं फेसबुक की 3900 करोड़ की बोली के सामने स्टार की बोली 1,443 करोड़ की ही थी.

इसी तरह स्टार इंडिया की बोली यूनाइटेड किंगडम वाले इलाके को छोड़कर हर कैटेगरी में कम थी. लेकिन इसके अलावा स्टार ने एक संयुक्त बोली भी लगाई थी. यानी सभी राइट्स के लिए 16.347.5 करोड़ रुपए की बोली.

इसके बाद जब तमाम बोलियों के जोड़-घटाव हुआ तो स्टार की संयुक्त बोली सब पर भारी पड़ गई. सभी केटेगरियों की बोलियों का जोड़ 15,819.51करोड़ रुपए था जो स्टार इंडिया की बोली से महज 3.3 फीसदी ही कम था. यानी अगर बाकी सभी कंपनियों ने मिलकर 528 करोड़ रुपए ज्यादा की बोली लगा दी होती तो फिर स्टार इंडिया के हाथ में कुछ भी नहीं आ पाता.

 

टेलीविजन राइट्स के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाले सोनी और डिजिटल राइट्स के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाले फेसबुक को इस बात का मलाल जरूर रहेगा कि किस तरह से अगर नीलामी से पहले यह दोनों कंपनियां आपस में मिलकर बिड करती तो शायद स्टार इंडिया को मात दी जा सकती थी. लेकिन अब तो वास्तविकता यह है स्टार ने जोखिम उठाने का हौसला दिखाते हुए आईपीएल की बाजी अपने नाम कर ली है.

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