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आईपीएल नीलामी: पिता मजदूर...मां की चाय की दुकान... और बेटा बना करोड़पति

टी. नटराजन को किंग्स इलेवन पंजाब ने 3 करोड़ रुपये में खरीदा

Lakshya Sharma Updated On: Feb 21, 2017 12:07 PM IST

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आईपीएल नीलामी: पिता मजदूर...मां की चाय की दुकान... और बेटा बना करोड़पति

आईपीएल नीलामी ने कई खिलाड़ियों की किस्मत बदल दी, इनमें से एक हैं तमिलनाडु के खिलाड़ी टी. नटराजन, जिन्हें किंग्स इलेवन पंजाब ने 3 करोड़ रुपये में खरीदा है. नटराजन के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं, तो वहीं उनकी मां चाय बेचने का काम करती हैं. लेकिन अब किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि वह करोड़पति हो गए.

10 लाख से 3 करोड़

25 वर्षीय थंगरासू नटराजन तमिलनाडु की ओर से खेलते हैं, वह लेफ्ट आर्म पेस बॉलर हैं. उनका बेस प्राइस मात्र 10 लाख रुपये था. तमिलनाडु में वह मुस्तफिजुर रहमान के नाम से जाने जाते हैं.

यॉर्कर डालना है ताकत

नटराजन की खासियत उनकी रफ्तार और यॉर्कर गेंदबाजी है, वह लगातार 140 किमी. की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं. 20 साल की उम्र तक वह बस टेनिस बॉल से ही क्रिकेट खेलते हुए नजर आएं हैं.

नटराजन के पिता पहले कुली का काम करते हैं, अब वह दिहाड़ी मजदूर का काम करते हैं. थंगरासू अपने पांच भाई-बहनों में से एक हैं. पिछले साल हुई तमिलनाडु प्रीमियर लीग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था, जिसका ईनाम उन्हें अब आईपीएल में मिला.

Chennai: Tamil Nadu left-arm seamer T Natarajan, son of a porter, gestures in Chennai on Monday. Natarajan was sold for Rs 3 crore to Kings XI Punjab during the Indian Premier League auction. PTI Photo by R Senthil Kumar(PTI2_20_2017_000155B)

टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई शुरूआत

नटराजन लोकल टेनिस बॉल क्रिकेट मैच खेलते थे. शुरुआत के दौर में वह क्रिकेट सिर्फ शौक के लिए खेलते थे.  लोकल टेनिस बॉल क्रिकेट मैच में नटराजन एक शानदार गेंदबाज़ के रूप में नाम कमाया. 18 साल की उम्र में उन्होंने लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया.

2011-12 में नटराजन अपने क्रिकेट करियर को आगे ले जाने के लिए चेन्नई शिफ्ट हो गए और बीएसएनएल की तरफ से खेलने लगे. नटराजन ने एक घातक गेंदबाज के रूप में सब का ध्यान आकर्षित किया. वह शानदार यॉर्कर फेंकने के लिए जाने जाते हैं.

संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए बैठना पड़ा बाहर

धीरे-धीरे नटराजन अच्छा प्रदर्शन करते चले गए.  2015 में तमिलनाडु की रणजी टीम में उनका चयन हुआ. 5 जनवरी, 2005  बंगाल के खिलाफ अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला. इस मैच में नटराजन ने पहली पारी में तीन विकेट लिए, लेकिन यह खुशी नटराजन के लिए ज्यादा दिन तक नहीं रह पाई.

संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा. नटराजन को ऐसा लगा कि एक ही मैच के बाद उनका करियर खत्म हो गया. वह घर वापस जाना चाहते थे अपने परिवार की मदद करना चाहते थे लेकिन, कोच की सलाह मानते हुए वह अपने बॉलिंग एक्शन में सुधार लाने लगे

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