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महिला क्रिकट टीम को बोर्ड का आश्वासन,दोनों टीमों के बीच नहीं होगा कोई भेदभाव

दीप्ति शर्मा, एकता बिष्ट और राजेश्वरी गायकवाड़ की फर्स्टपोस्ट से खास बातचीत

Riya Kasana Riya Kasana Updated On: Jul 27, 2017 07:09 PM IST

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महिला क्रिकट टीम को बोर्ड का आश्वासन,दोनों टीमों के बीच नहीं होगा कोई भेदभाव

महिला विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम देश लौट चुकी है. इस बार अपने  इंग्लैंड के मैदानों पर रनों की बरसात करनी वाली टीम पर अब भारत वापस आकर इनामों की बरसात शुरू हो गई है.

खुद मिताली राज ने कहा कि उन्हें आज तक कभी भी देश वापसी पर इस तरह का स्वागत नहीं मिला जैसा इस बार हुआ है. टीम के लिए बीसीसीआई ने भी सम्मान समारोह का आयोजन किया. समारोह में केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु के आलावा अमिताभ चौधरी, सीके खन्ना, डायना एडुलजी और राजीव शुक्ला भी मौजूद थे. बीसीसीआई ने टीम के फाइनल में पहुंचने पर टीम के हर खिलाड़ी को 50 लाख रुपए दिए है. टीम के साथ रहे सपोर्ट स्टॉफ में हर एक को 25 लाख रुपए दिए गए हैं.

फर्स्टपोस्ट से खास बातचीत में राजेश्वरी गायकवाड़ ने बताया ‘हमें इस बात का अंदाजा है कि अब लोग अब हमें पहचानने लगे हैं. इससे हमारे ऊपर जिम्मेदारी और बढ़ी है. हम आगे और अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं ताकि लोगों का भरोसा हम पर बने रहे हैं. हम दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन इसके लिए हमें किसी कोच की जरुरत नहीं है.’ उन्होंने कहा ' हमारे प्रदर्शन से हमने ना सिर्फ अपने लिए बल्कि इस खेल में आगे आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म तैयार किया है.

एक साल में दो बार 5 विकेट लेने वाली एकता बिष्ट को फाइनल में ना खेलने का मलाल है, लेकिन टीम पर गर्व है. एकता बिष्ट ने फर्स्टपोस्ट को बताया ‘हर मैच के साथ आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है. मैंने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल बड़ा मैच होता है. इसमें ना खेलने का मुझे मलाल है. लेकिन अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है. हमने जो हासिल किया हमारे लिए वह बहुत बड़ी बात है.’ यह पूछने पर कि उनकी सफलता का श्रेय किसे देती हैं उन्होंने कहा ' बचपन से मेरे भाइयों ने मुझे इस खेल से जोड़ा. वह मुझे अपने साथ खेलने ग्राउंड पर ले जाते थे और इस सफलता का श्रेय भी उन्हीं को जाता है.'

दीप्ति शर्मा ने फर्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया ‘हमें जिस तरह का स्वागत मिला वैसा पहले कभी नहीं हुआ था. यह सब हमारे लिए नया है. टीम में बहुत से युवा हैं और कप्तान का हम पर भरोसा ही हमें अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है.’

इंग्लैंड गई 15 खिलाड़ियों की टीम में 10 खिलाड़ी रेलवे से जुड़ी हैं. इस पर सुरेश प्रभु ने खुशी जताते हुए कहा ‘अपनी बेटियों पर रेलवे को गर्व है’.

बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना ने महिला टीम को भरोसा दिलाया कि बीसीसीआई हर तरीके से महिला टीम के साथ है. बीसीसीआई के लिए पुरुष और महिला टीम में कोई फर्क नहीं है.

विश्वकप में भारत भले ही खिताब ना जीत पाया हो, लेकिन उसके प्रदर्शन ने महिला क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव रख दी है. इस विश्व कप में व्यूअरशिप के सभी रिकॉर्ड टूटे, खिलाड़ियों को पहचान मिली और दुनिया को भारतीय  महिला क्रिकेट टीम की ताकत का अंदाजा हुआ.

बीसीसीआई ने यह भरोसा तो जताया है कि भारतीय महिला टीम को पुरुष टीम के बराबर ही तवाज्जो मिलेगी लेकिन अभी सफर लंबा है. उम्मीद है कि विश्व भर में भारत का नाम रोशन करने वाली महिला टीम की की उम्मीदों पर बीसीसीआई खरी उतरेगी. लेकिन फिलहाल यह जश्न है भारतीय टीम की फाइनल में हार का नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट की एक नई शुरूआत का और इसकी सूत्रधार भारतीय महिला टीम इस सम्मान की पूरी हकदार है.

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