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नाम हरमनप्रीत कौर...और काम तो आपने देख ही लिया होगा

हरमनप्रीत ने जब 110 मीटर लंबा छक्का लगाया तो बाद में उनके बल्ले की जांच भी की गई थी

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Jul 21, 2017 04:33 PM IST

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नाम हरमनप्रीत कौर...और काम तो आपने देख ही लिया होगा

इंग्लैंड के डर्बी क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला वर्ल्डकप का सेमीफाइनल मुकाबला. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया का पहला विकेट पहले ही ओवर में स्मृति मंधाना का गिरता है. दूसरी सलामी बल्लेबाजी पूनम राउत भी 14 रन बनाकर पवैलियन लौट जाती हैं. 35 रन पर दो विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया मुश्किल में नजर आती है. छह बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया मुकाबले में पूरी तरह से हावी हो जाती है. ऐसे वक्त में क्रीज पर एंट्री होती है हरमनप्रीत कौर की. और फिर इतिहास बन जाता है. हरमनप्रीत ने गुरूवार को डर्बी के मैदान पर एक ऐसी पारी खेली जिसे क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा.

दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे लेकिन हरमनप्रीत का बल्ले से लगातार रन बरसते रहे . और बारिश से बाधित 43 ओवर के इस मुकाबले में अंत तक कंगारू गेंदबाज हरमनप्रीत का विकेट नहीं ले सकीं. अंत में जब स्कोर बोर्ड पर भारत के 281 रन दर्ज थे तो उनमें से 171 रन अकेली हरमनप्रीत के नाम पर थे. 115 गेंदों पर 20 चौके और सात छक्कों के साथ खेली इस पारी ने ना सिर्फ भारत को वर्ल्डकप के फाइनल में पहुंचा दिया बल्कि हरमनरप्रीत का नाम भी पूरी दुनिया को पता चल गया. उनकी इस पारी के बाद ट्विटर पर उनका नाम ट्रेंड होने लगा .सहवाग और कोहली जैसे पुरुष क्रिकेटरों से उनकी तुलना भी हुई. कुछ लोगों ने इस तुलना की आलोचना भी की.

वैसे यह एक वास्तविकता है कि आठ मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में जन्मी हरमनप्रीत, वीरेंद्र सहवाग को ही अपना आदर्श मानती हैं. बचपन में अपने स्कूल में हरमनप्रीत हॉकी और एथलेटिक्स में भी हिस्सा लेती थीं. लेकिन बाद में क्रिकेट ही उनके मन में बस गया.

जब हुई थी हरमनप्रीत के बल्ले की जांच

हरमनप्रीत को शुरू से ही लंबे-लंबे छक्के लगाने का शौक रहा है. और बचपन से ही वह अपनी इसी आदत के चलते अपने कई पड़ोसियों की खिड़की के शीशे तोड़ चुकी हैं. यही नहीं साल 2009 में  ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला वर्ल्डकप खेल रही हरमनप्रीत ने जब 110 मीटर लंबा छक्का लगाया तो बाद में उनके बल्ले की जांच भी की गई थी.

डर्बी में उनकी इस पारी में सात छक्के लगाने वाली हरमनप्रीत को लंबे छक्के लगाने में बेहद मजा आता है. हरमनप्रीत की आक्रामक बल्लेबाजी के चलते हुई उन्हें ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग से तीन टीमों की तरफ से ऑफर मिला था.और सिडनी थंडर्स के साथ जुड़ने के बाद वह बिग बैश में खेलने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर है.

वर्ल्डकप से ऑस्ट्रेलिया को बाहर करने में अहम भूमिका निभाने वाली हरमनप्रीत को कंगारुओं के साथ कुछ ज्यादा ही लगाव है. इससे पहले साल 2016 में जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर टी 20 क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी तब भी हरमनप्रीत ने 31 गेंदों पर 46 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी.

टी20 क्रिकेट में टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत साल 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में भी कप्तानी कर चुकी हैं. और डर्बी में खेली इस पारी ने तो पुरुष क्रिकेटरों को भी पीछे छोड़ दिया है. 171 रन की पारी के साथ हरमनप्रीत वर्ल्डकप में नॉकआउट स्टेज में सबसे बड़ी पारी खेलने वाली भारतीय क्रिकेटर बन गई हैं. इससे पहले रोहित शर्मा ने 2015 के वर्ल्डकप में बांग्लादेश के खिलाफ 137 रन की पारी खेली थी.

भारतीय टीम इससे पहले साल 2005 के वर्ल्डकप फाइनल में पहुंची थी लेकिन जीत नहीं सकी थी. ऐसे में अब उम्मीद है कि मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी हरमनप्रीत का बल्ला ऐसे ही रन बरसाएगा और महिला टीम इंडिया पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने में कामयाब होगी.

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