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भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज : 'नहीं...नहीं... मैं उस दिन इशांत के पीछे उसे मारने के लिए नहीं दौड़ा था'

श्रीलंका के तेज गेंदबाज धमिका प्रसाद ने याद की दो साल पहले इशांत शर्मा के साथ हुई घटना

Jasvinder Sidhu Updated On: Aug 04, 2017 12:13 PM IST

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भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज : 'नहीं...नहीं... मैं उस दिन इशांत के पीछे उसे मारने के लिए नहीं दौड़ा था'

हेलमेट पहने इशांत शर्मा की माथा पीटते हुए तस्वीरें यकीनन क्रिकेट प्रेमियों को याद होगी. श्रीलंकाई तेज गेंदबाज धमिका प्रसाद के साथ 2015 के अगस्त में सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) पर तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन इशांत की तनातनी हो गई और उसके बाद सिर पिटने से लेकर उन्होंने जैसे चेहरे बनाए,  उसके कारण वह मजाक के पात्र भी बने.

मामला यही खत्म नहीं हुआ. भारतीय पारी के सिमटने के बाद धमिका आगे-आगे भाग रहे इशांत को पकड़ने के लिए दौड़ लगाते नजर आए. ये सब लाइव कवरेज में कैद हुआ और श्रीलंकाई टीम के सपोर्ट स्टाफ की समझदारी के चलते धमिका को कुछ करने से पहले ही रोक दिया गया.

धमिका अपने राइट शोल्डर के ऑपरेशन के कारण टीम से बाहर हैं और श्रीलंका की अगली सीरीज तक ही उनके फिट होने की संभावना हैं.

एसएससी पर भारत और श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पहले धमिका इस लेखक को मिल गए. पूछना जरूरी समझा कि आखिर उस दिन इशांत के साथ पंगा क्या हुआ था? क्या वह इशांत को मारने के लिए उनके पीछे दौड़े थे?

dhammika

सवाल पूरा होने से पहले ही 2008 में भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलने वाले धमिका ने रोक दिया. धमिका की सफाई थी, ‘नहीं... नहीं... मैं उन्हें मारने के लिए कतई नहीं गया था. यह कहना गलत है. मैं उनसे बात करना चाहता था कि आखिर वह मेरे और मेरे टीम के साथियों के साथ खराब भाषा का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं. उनका यह सिलसिला हमारी बल्लेबाजी से चल रहा था. जब मैं बैटिंग कर रहा था तो वह मेरे साथी धिमुत करुणारत्ने के साथ गलत ढंग से बात कर रहे थे. मैंने इशांत को समझाने की कोशिश की.’

लेकिन इशांत के पीछे भागने की जरूरत क्यों पड़ी ?

अपने पहले ही टेस्ट मैच की पहली पारी में वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर की विकेट लेने वाले धमिका बताते हैं, ‘जब इशांत बल्लेबाजी करने आया तो मैंने उन्हें एक दो बाउंसर मारी थी. इससे वह काफी अपसेट हो गया. शुरुआत उनकी तरफ से हुई थी.’

आखिर पूरा ड्रामा कैसे शुरु हुआ, इसके लिए उस मैच में जाना जरूरी हो जाता है.

भारतीय पारी के 76में ओवर में इशांत आखिरी भारतीय बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर थे और धमिका ने उन्हें एक बाउंसर मार दिया. इसके बाद उनके और धमिका के बीच आंखों ही आंखों में देखादेखी का सिलसिला शुरू हुआ. मामले में तल्खी तब बढ़ी जब इशांत ने अगली गेंद पर एक रन लेने के बाद धमिका की तरफ देख कर अपने हेलमेट को हाथ से पीटना शुरू कर दिया. इशांत की वह तस्वीरें आज भी सोशल मीडिया में मजाक बनती हैं.

धमिका ईमानदारी से स्वीकार करते हैं, ‘मुझे लगता है कि मैंने भी अपनी आपा खो दिया था. लेकिन कुछ ज्यादा ही हो रहे थे. मेरा मानना है कि वह घटना खेल के लिए अच्छी नहीं है क्योंकि बच्चे इस खेल को देखते हैं और वे अपने स्टार खिलाड़ियों को देख कर सीखते हैं. यकीनन वह पूरा वाकया शर्मिंदा करने वाला था. मैं ऐसा बिलकुल नहीं हूं, इसलिए मुझे लगता है कि वह गलत था.’

इशांत के साथ विवाद के बाद उनके 2008 के भारत के खिलाफ कोलंबो के पी सारा ओवल में टेस्ट क्रिकेट के आगाज पर बात शुरू हुई.

पहले मैच के बारे में धमिका बताते हैं, ‘मेरे लिए सहवाग को पहली गेंद डालना जिंदगी का सबसे बड़ा टेस्ट था. मुझे याद है कि वह उस मैच से पहले 200 रन की पारी खेल कर आए थे. मेरी नजर में उस समय सहवाग ही दुनिया के खतरनाक बल्लेबाज थे. पहली गेंद लेग स्टंप पर डालने के बाद मैंने खुद को संभाला और अपनी लाइन पर गेंद डाली. शायद इसलिए मुझे सहवाग, द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर का विकेट मिला जो एक सपने के सच होने जैसा था.’

दूसरी पारी में भी धमिका ने सहवाग और गौतम गंभीर को सस्ते में निपटा दिया था.

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