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आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017, साउथ अफ्रीका-पाकिस्तान: नंबर वन टीम को कैसे हराएगी पाकिस्तान?

ये मैच हारते ही टूर्नामेंट से करीब करीब बाहर हो जाएगा पाकिस्तान

Lakshya Sharma Updated On: Jun 06, 2017 04:19 PM IST

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आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017, साउथ अफ्रीका-पाकिस्तान: नंबर वन टीम को कैसे हराएगी पाकिस्तान?

बुधवार को चैंपियंस ट्रॉफी में मुकाबला उन दो टीमों के बीच है जिसमें एक टीम का आत्मविश्वास तो आसमान पर है और दूसरी टीम का जमीन पर. कारण दोनों टीम का प्रदर्शन. वो दो टीमें है साउथ अफ्रीका और उसके सामने भारत से पिटने वाली पाकिस्तान.

अगर मुकाबले से पहले भविष्यवाणी की जाए तो ज्यादातर लोग साउथ अफ्रीका को जीत का दावेदार मानेंगे. खुद पाकिस्तानी फैंस भी साउथ अफ्रीका को मजबूत टीम मानते हुए कहेंगे कि पाकिस्तान के जीतने के कोई चांस नहीं है. पाकिस्तान की टीम जिस तरह भारत के खिलाफ हारी उसके बाद तो उनकी हालत बद से बदतर हो गई. लेकिन क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है इसलिए साउथ अफ्रीका भी पूरी सतर्कता से खेलेगी.

साउथ अफ्रीका ने पहले मैच में श्रीलंका को 96 रन से रौंदा था. टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग जबरदस्त रही थी. बल्लेबाजी में हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिस की शानदार फॉर्म पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है. वहीं मिडिल ऑर्डर भी उनका सेट लग रहा है. ड्यूमिनी ने पिछले मैच में नाबाद 38 रन पारी खेल बता दिया कि वह भी लय में लौट चुके हैं. हालांकि ओपनर डि कॉक और डेविड मिलर की खराब फॉर्म थोड़ा चिंता का सबब है.

वहीं गेंदबाजी की बात करें तो रबाडा, पार्नेल, मॉर्कल और मॉरिस की तेज गेंदें विरोधियों को लगातार परेशान कर रही है. वहीं स्पिन की जिम्मेदारी इमरान ताहिर के मजबूत कंधों पर है. ताहिर ने पिछले मैच में 4 विकेट लेकर श्रीलंका की कमर तोड़ दी थी. वहीं साउथ अफ्रीका की फील्डिंग उनकी हमेशा से ही ताकत रही है.

वहीं पाकिस्तान के पास कमजोरियों का भंडार है. पहले गेंदबाजी की बात करते हैं. 10 साल पहले तक कोई सोच नहीं सकता था कि पाकिस्तान का बॉलिंग अटैक को कमजोर कहा जाएगा लेकिन अब यही सच है. इस टीम के पास मोहम्मद आमिर के अलावा कोई अच्छा गेंदबाज है ही नहीं. वहाब रियाज, हसन अली और जुनैद खान ऐसे गेंदबाज है जो 10 मैच में 3 या 4 बार ही अच्छी गेंदबाजी करते हैं.

स्पिनर इमाद वसीम से गेंदबाजी की शुरुआत करना भी समझ से परे हैं, वह भी इंग्लैंड में, जहां तेज गेंदबाजों को हमेशा शुरुआत में मदद मिलती है.. ये फैसला कप्तान सरफराज अहमद के कप्तानी के गुण भी बताता है. अब बल्लेबाजी पर गौर करते हैं. अहमद शहजाद, इन्हें पाकिस्तान का विराट कोहली कहा जाता है लेकिन वह सिर्फ इसलिए क्योंकि वह थोड़ा बहुत विराट जैसे दिखते हैं. हां प्रदर्शन के मामले में वह विराट से कोसो दूर है. अजहर अली रन तो बनाते हैं लेकिन उसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेल जाते हैं.

मोहम्मद हफीज इस टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक है लेकिन आज भी उनकें ऊपर कोई विश्वास नहीं करता कि वह अपनी टीम को अपने बलबूते जीत दिला सकते हैं. शोएब मलिक हालांकि पिछले समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन जरूरत के समय वह चलेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है. बाबर आजम लगातार रन बना रहे हैं उम्मीद है वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे. वहीं कप्तान सरफराज को लगातार बल्ले और कप्तानी से अच्छा प्रदर्शन करना होगा. इस टीम के पास फिनिशर के नाम पर इमाद वसीम ही बचते हैं.

अब देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान साउथ अफ्रीका को पटखनी देकर अपने फैंस में फिर से उम्मीद जगा सकती है या नहीं

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