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बीसीसीआई की अनदेखी के कारण भारत के पास नहीं है एक भी अच्छा लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज

आज के दौर में लेफ्ट आर्म पेसर है किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत

Vedam Jaishankar Updated On: Jul 31, 2017 06:10 PM IST

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बीसीसीआई की अनदेखी के कारण भारत के पास नहीं है एक भी अच्छा लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज

कुछ समय पहले तक क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजों की बात होती थी तो सिर्फ स्पिनर्स तक ही बात सीमित हो जाती थी. भारत ने कई महान स्पिनर्स को जन्म दिया लेकिन तेज गेंदबाजों के ऊपर ज्यादा विश्वास नहीं दिखाया गया. जिसके कारण उन्हे ना तो अच्छे तेज गेंदबाज मिले और ना ही तेज गेंदबाजों को अनुभव. गॉल टेस्ट में भी भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है लेकिन जो गेंदबाज बाहर बैठे हैं वह भी किसी से कम नहीं है.

भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहित शर्मा भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां तक की युवा गेंदबाज जैसे शर्दुल ठाकुर, बासिल थंपी, सिद्धार्थ कौल, अंकित राजपूत जो भविष्य में भारत से खेल सकते हैं वह भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

लेकिन हां एक ये चिंता की बात है कि भारत के पास कोई अच्छा लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज नहीं है. इस तरह के गेंदबाजों पर धैर्य दिखाने की जरुरत होती है जो शायद चयनकर्ता नहीं दिखा पा रहे.

लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज क्रिकेट में गेंदबाजी की महत्वपूर्ण कड़ी है. लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज हमेशा से ही दाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशान करते आए हैं. इस तरह के गेंदबाजों के लिए बल्लेबाजों को अलग से अभ्यास करना होता है. मैच के दौरान उन्हे गेंदबाजी समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.

लेफ्ट आर्म गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत एंगल है. इस तरह के गेंदबाजों की गेंद अगल एंगल से आती है. दाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने अगर लैंथ गेंद जो लेग स्टम्प पर टप्पा खाती है उसे पढ़ना बहुत मुश्किल है. खासकर अगर बल्लेबाज का स्टांस खुला नहीं तो उस गेंद को खेलना बहुत कठिन हो जाता है. वहीं शॉर्ट गेंद भी बल्लेबाज के शरीर पर आती है जो सबसे मुश्किल गेंद मानी जाती है.

ये बात भी सही है कि दाएं गेंदबाज के बाएं हाथ के बल्लेबाज को इस तरह परेशान करते हैं. जवागल श्रीनाथ को ब्रायन लारा को की गई गेंदबाजी याद आती हैं. 1994 की सीरीज के दौरान वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज कर्टनी वॉल्श श्रीनाथ की गेंदबाजी से काफी प्रभावित हुए थे. वह उनसे इतने प्रभावित हुए कि उन्हे काउंटी खेलने का ऑफर दे दिया.

लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज जो दाएं हाथ के बल्लेबाजों को अंदर आती गेंद से परेशान करते हैं वह बल्लेबाजों को काफी मुश्किल पैदा करता है. खासकर तब जब गेंद स्विंग ना हो रही हो. बल्लेबाज हमेशा सोचता है कि गेंद अंदर आएगी लेकिन जो गेंद सीधी रह जाए उसपर काफी दिक्कत आती है.

किस्मत से हाल ही में भारत के पास कई अच्छे लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज है. जहीर खान उनमे सर्वश्रेष्ठ है. इसके अलावा आशीष नेहरा, इरफान पठान, आरपी सिंह ये वो गेंदबाज है जिन्होंने कई बार अच्छा प्रदर्शन किया है.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पास भी इस तरह के कई अच्छे गेंदबाज है. मोहम्मद आमिर, वहाब रियाज, राहत अली, मोहम्मद इरफान और जुनैद खान वर्ल्ड क्लास गेंदबाज है. ये भी गेंदबाज आक्रामक है और दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए हमेशा खतरा रहते हैं

ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और जॉनसन, न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट भी इस तरह के गेंदबाज है जो बल्लेबाजों को अपने एंगल से परेशान करते रहे हैं.

शायद दुनिया के सबसे खतरनाक लेफ्ट आर्म पेसर वसीम अकरम थे. अकरम से पास रफ्तार थी और इसी के साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की जबरदस्त काबिलियत थी. इसी के साथ वेरिएशन से भी वह बल्लेबाजों को काफी परेशान करते थे.

निचले क्रम के बल्लेबाजों को खेलना उनके लिए नामुमकिन सा होता था. खासकर तब जब वह पुरानी गेंद से अराउंड द विकेट गेंदबाजी करते थे तो उनकी यॉर्कर काफी सटीक रहती है, उसके साथ ही शॉर्ट पिच गेंद और लैंथ गेंद भी बल्लेबाजों को काफी परेशान करती थी.

भारतीय बल्लेबाज भी लेफ्ट आर्म पेसर को नेट पर खेलना का काफी अनुभव है. पिछले सीजन में भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्टार्क से निपटने के लिए राजस्थान के तेज गेंदबाज अनिकेत चौधरी की गेंद पर प्रैक्टिस की थी. जिससे वह स्टार्क के खिलाफ अच्छी तरह तैयारी कर पाए थे.

लेकिन अभी भारत को और आगे जाना है. उन्हे लेफ्ट आर्म पेसर को बैक करना होगा. लेकिन दुख की बात है कि अभी ऐसा नहीं हो पा रहा है.

भारतीय ए टीम जो इस समय साउथ अफ्रीका दौरे पर है उस टीम में सिर्फ एक अनिकेत चौधरी है जो लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज है. अब इन सब के बारे में सोचने की जरुरत है. इस दौरे पर जयदेव उनदकट को टीम में शामिल किया जा सकता है. वहीं बरिंदर सरां भी अपनी चोट से उबर चुके हैं और अब फिट है. अब इन्हे अनुभव देने का सही समय है.

सही तरीका तो ये हैं कि बीसीसीआई को लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाजों का एक ग्रुप तैयार करना चाहिए, जो जहीर खान से कोचिंग लेंगे. बीसीसीआई को अब इन गेंदबाजों पर ध्यान देने की जरुरत है क्योंकि एक अच्छा लेफ्ट आर्म गेंदबाज मौजूदा भारतीय गेंदबाजी आक्रामण में चार चांद लगा देगा.

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