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दलीप ट्रॉफी के खराब आयोजन को लेकर बीसीसीआई पर भड़के पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स

बीसीसीआई की लापरवाही से नाराज पूर्व खिलाड़ी कृष्णामचारी श्रीकांत और दिलीप वेंगसरकर

FP Staff Updated On: Sep 16, 2017 10:04 AM IST

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दलीप ट्रॉफी के खराब आयोजन को लेकर बीसीसीआई पर भड़के पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के दलीप ट्रॉफी के खराब आयोजन को लेकर पूर्व खिलाड़ी काफी नाराज हैं. पहले बीसीसीआई ने घरेलू सीजन 2017-18 से दलीप ट्रॉफी को बाहर कर दिया था हालांकि बाद में तकनीकी समिति के अध्यक्ष सौरव गांगुली की कोशिशों के बाद बोर्ड इसके आयोजन के लिए राजी हो गया.

आखिरी समय पर आयोजन होने की वजह से स्टार स्पोर्ट्स ने फाइनल को छोड़ दूसरे मैचों के प्रसारण से मना कर दिया. वहीं भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सीरीज और न्यूजीलैंड ए टीम के भारत दौरे की वजह से कई ए लिस्ट खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए.

ज्यादातर खिलाड़ियों के चोटिल होने की वजह से हालत ये थी कि इंडिया ब्लू के कप्तान सुरेश रैना को मैच की शाम तक पता नहीं था कि कौन खिलाड़ी उनकी टीम में खेल रहे हैं.

बीसीसीआई की इस लापरवाही से नाराज पूर्व खिलाड़ी कृष्णामचारी श्रीकांत ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'बीसीसीआई की तकनीति समिति ने जोनल सिस्टम को तीन टीमों (इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन, इंडिया रेड) में बांटकर दलीप ट्रॉफी का पूरा फॉर्मेट ही बदल दिया है. दिलीप ट्रॉफी बीसीसीआई का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट होता है और चयनकर्ता जोनल मैच देखने के बाद ही राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों का चयन करते हैं.

इस बारे में दिलीप वेंगसरकर से विचार भी कुछ ऐसे ही हैं, उन्होंने कहा, 'साल 2008 में बीसीसीआई ने फ्लिंटॉफ, एंड्रयू स्ट्रॉस और मोंटी पानेसर जैसे खिलाड़ियों से सजी इंग्लैंड ए टीम को पांच जोनल टीमों के साथ खेलने के लिए भारत बुलाया था. जिससे घरेलू क्रिकेट का स्तर काफी बढ़ गया.

इंटरनेशनल क्रिकेट दौरों और घरेलू मैचों से भरा रहता है, इसलिए दलीप ट्रॉफी को जुलाई-अगस्त में चेन्नई, हैदराबाद या बेंगलुरु में आयोजित करना सही रहता है क्योंकि वहां इस समय बारिश नहीं होती है. इंडिया रेड, ब्लू और ग्रीन का मतलब मुझे समझ नहीं आता.

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