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बीसीसीआई की जिद से देश में बाकी खेलों को हो सकती है परेशानी

डोपिंग को लेकर बीसीसीआई के अड़ियल रवैये के चलते छिन सकती है भारत की एंटी डोपिंग एजेंसी नाडा की मान्यता

FP Staff Updated On: Oct 31, 2017 08:32 PM IST

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बीसीसीआई की जिद से देश में बाकी खेलों को हो सकती है परेशानी

क्रिकेट की दुनिया में सबसे अमीर खेल बोर्ड बीसीसीआई के दबदबे से शायद ही कोई अपरिचित हो. उसका इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी के निर्णयों पर स्पष्ट प्रभाव जगजाहिर है. एंटी डोपिंग परीक्षण के मामले में बीसीसीआई के अपने अलग विचार हैं, हालांकि वह डोपिंग के खिलाफ है. बावजूद इसके बीसीसीआई स्वयं को डोपिंग रोधी संस्था (नाडा) के अधीन नहीं रखना चाहती है, जबकि समय समय पर वह स्वयं कई डोपिंग रोधी कदम उठाती रहती है.

दोनों संस्थाओं के सैद्धांतिक रूप से एक मत होने के बावजूद  बीसीसीआई ओर नाडा के बीच की टकराहट अब भारतीय खेलों के लिए संकट का सबब बन सकती है. विश्व डोपिंग रोधी संस्था (वाडा) ने आईसीसी से कहा है वह (बीसीसीआई) इस संबंध में निर्देश दे कि  नाडा को भारतीय क्रिकेटर्स का ‘डोप टेस्ट’ कराने की अनुमति मिल सके.

वाडा ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो नाडा, वाडा के साथ अपनी sआधिकारिक मान्यता खो सकती है. ऐसी ही चेतावनी वाडा ने अपने एक पत्र में दी है, जो खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को लिखा गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इसमें साफ कहा गया है कि ये टकराव भारतीय खेलों के लिए संकट पैदा कर कर सकता है. यदि नाडा वाडा के नियमों के मुताबिक नहीं चल पाती है तो यह भारतीय खेलों की डोपिंग के खिलाफ लड़ाई पर प्रभाव पड़ेगा. इससे भारतीय खिलाड़ियों के इंटरनेशनल खेलों में भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इससे भारत के पास अपने एथलीटों के लिए कोई भी वाडा अधिकृत संस्था नहीं बचेगी.

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