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कोच की खोज: अभी खत्म नहीं हुई कोच पर किचकिच, सीएसी को चाहिए और समय

गांगुली ने कहा, अभी कोच पर हड़बड़ी नहीं

Bhasha | Published On: Jul 09, 2017 03:52 PM IST | Updated On: Jul 10, 2017 06:13 PM IST

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कोच की खोज: अभी खत्म नहीं हुई कोच पर किचकिच, सीएसी को चाहिए और समय

भारतीय टीम के कोच पद पर किचकिच सोमवार को भी खत्म नहीं हो पाई. सीएसी ने 6 आवेदकों के इंटरवियू लिए लेकिन अपना आखिरी फैसला लेने के लिए कुछ और वक्त की मांग की.

सौरव गांगुली ने कहा कि हमारा टारगेट श्रीलंका दौरा नहीं है बल्कि 2019 वर्ल्डकप है. गांगुली ने साफ कर दिया है कि अपना आखिरी फैसला लेने से पहले विराट कोहली से बात करेंगे.

सोमवार को वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रवि शास्त्री, लालचंद राजपूत और पाइबस के इंटरवियू हुए. इन सभी आवेदकों में से केवल सहवाग ने मुंबई जाकर इंटरवियू दिया. बाकी सभी ने स्काइप के जरिए अपने इंटरवियू दिए. हालांकि फिल  सिंमस का आज इंटरवियू नहीं हो पाया

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच पद के दावेदारों की समीक्षा करने उतरी  तो पूर्व टीम निदेशक रवि शास्त्री इस पद की दौड़ में सबसे आगे थे.

बीसीसीआई को 10 लोगों ने इस पद के लिए अपने बायोडाटा भेजे हैं जिसमें शास्त्री के अलावा वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पाइबस, डोडा गणेश, लालचंद राजपूत, लांस क्लूसनर, राकेश शर्मा (ओमान राष्ट्रीय टीम के कोच) फिल सिमंस  शामिल हैं.

साक्षात्कार के लिए छह संभावित उम्मीदवार शास्त्री, सहवाग, मूडी, सिमंस, पाइबस  ने टीम इंडिया के लिए अपना विजन रखा.

रवि शास्त्री हो सकते हैं पहली पसंद

कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेद के बाद पूर्व मुख्य कोच और पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने वेस्टइंडीज श्रृंखला से पहले इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद से यह पद खाली है.

कुंबले-कोहली विवाद के बाद सीएसी को अपनी पसंद को लेकर सतर्कता बरतनी होगी क्योंकि नए कोच को दो साल का अनुबंध मिलेगा.

शास्त्री ने शुरू में इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था. लेकिन बीसीसीआई ने जब आवेदन स्वीकार करने की समय सीमा नौ जुलाई तक बढ़ाई तो इस पूर्व कप्तान ने आवेदन किया और इस पद को हासिल करने के प्रबल दावेदार बन गए.

कोहली के साथ अच्छे समीकरणों के कारण शास्त्री इस पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं. उनके पिछले कार्यकाल में टीम 50 ओवर के विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी.

रवि के रास्ते में अड़चन बन सकते हैं गांगुली

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सौरव गांगुली का नजरिया क्या होगा जिनके साथ शास्त्री का सार्वजनिक टकराव हुआ था और दोनों ने एक दूसरे पर निशाना साधा था. शास्त्री ने आरोप लगाया था कि जब स्काइपी के जरिए उनका साक्षात्कार हुआ था तो गांगुली वहां मौजूद नहीं थे. गांगुली ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि अगर शास्त्री गंभीर थे तो उन्हें नीजी तौर पर मौजूद रहना चाहिए था.

वीरेंद्र सहवाग को मिल सकता है मौका

एक और मजबूत दावेदार आक्रमक सलामी बल्लेबाज रहे सहवाग हैं. सहवाग को हालांकि कोच के रूप में खुद को साबित करना है. सहवाग दो साल से किंग्स इलेवन पंजाब के मेंटर हैं लेकिन टीम को वांछित नतीजे नहीं मिले.

 टॉम मूडी भी हो सकते हैं विकल्प

मूडी की दावेदारी को खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी कोच के रूप में उन्हें अपार अनुभव है. उनके मार्गदर्शन में श्रीलंका 2011 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा और सनराइजर्स हैदराबाद ने खिताब जीता.

मूडी पिछले साल भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे लेकिन कुंबले से पिछड़ गए जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती थी. मूडी को अगर चुना जाता है जो ऑस्ट्रेलिया के उनके हमवतन क्रेग मैकडरमॉट गेंदबाजी कोच के रूप में अच्छी पसंद होंगे.

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