S M L

माइकल जैक्सन: सबसे बड़ा सुपरस्टार जो दिल से सदा बच्चा ही रहा

ट्रेजेडी है कि माइकल जैक्सन तब गए, जब वो बुरी तरह वापस आने चाहते थे.

Tulika Kushwaha Updated On: Jun 25, 2017 10:45 AM IST

0
माइकल जैक्सन: सबसे बड़ा सुपरस्टार जो दिल से सदा बच्चा ही रहा

माइकल जैक्सन और बच्चों की दुनिया के एक काल्पनिक किरदार का क्या कनेक्शन हो सकता है? बहुत बड़ा. इतना बड़ा कि इस किरदार ने माइकल जैक्सन की जिंदगी बदल दी या कहें कि बर्बाद कर दी.

नेवरलैंड का पीटर पैन माइकल जैक्सन की जिंदगी से इतनी बुरी तरह जुड़ा हुआ था कि माइकल को इसकी कीमत चुकानी पड़ी. लेकिन इसमें माइकल की कोई गलती नहीं थी. वो बस उस बचपन को जीना चाहते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला.

माइकल जैक्सन इस सदी के सबसे बड़ी शख्सियतों में से एक हैं. एक बहुत बहुत बड़ी शख्सियत. लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक अहम पहलू बताता है कि वो कभी बड़े नहीं हुए. हमेशा बचपने में जीते रहे. उन्होंने कभी उस 25, 35 या 50 के माइकल जैक्सन को नहीं महसूस किया, जैसे वो दिखते थे, जिसे पूरी दुनिया जानती थी.

michael-jackson

बचपन ने तय किया कर दी जिंदगी की दिशा-दशा

माइकल जैक्सन का जन्म इंडियाना में एक स्टील मिल में काम करने वाले जो जैक्सन के घर हुआ था. माइकल अपने परिवार की 8वीं संतान थे. माइकल का परिवार अजीब था या कहें कि गरीबी ने उन्हें बना दिया था. न वो किसी का जन्मदिन मनाते थे, न क्रिसमस.

कोई सामाजिक जिंदगी न होने और मां-पिता का संगीत की तरफ झुकाव होने की वजह से लड़के आसानी से संगीत की तरफ मुड़ गए. और अमेरिकी पॉपुलर कल्चर को मिला जैक्सन-5. माइकल उस वक्त बमुश्किल 11 साल के थे जब उन्हें पहचान मिलने लगी. लेकिन यहां तक वो बहुत मुश्किल से पहुंचे थे.

जो जैक्सन के अंदर सबकुछ अपने कंट्रोल में रखने की एक भूख थी, जिसने बाद में माइकल को विद्रोही बना दिया. लेकिन इसके पीछे वो प्रताड़ना भी थी, जो माइकल को जो की तरफ से मिलती थी. इतनी कम उम्र में इतनी कड़ी मेहनत और पिता की ओर से बस अपेक्षाएं और हिंसा ने माइकल की जिंदगी की दिशा तय कर दी.

Jackson 5

बाद के वर्षोंं में जैक्सन 5 के साथ माइकल.

अपने भाइयों के साथ स्टेज पर परफॉर्म करते वक्त ही माइकल खुल पाते थे. इसके बाद उनकी अपनी कोई निजी जिंदगी नहीं थी, उनकी हर चीज पर उनके पिता का कंट्रोल था. इससे तंग आकर माइकल ने अपनी राह खुद तय करने का फैसला किया. वो जानते थे कि वो जैक्सन-5 के मुख्य एंटरटेनर हैं. वो दूसरी रिकॉर्ड कंपनी के पास चले गए और इसके बाद दुनिया को माइकल जैक्सन- द पॉप आइकॉन, द एंटरटेनर ऑफ द सेंचुरी मिला.

माइकल जैक्सन का नेवरलैंड

एक बेहतर और खुशनुमा बचपन न बिता पाने का दुख माइकल के अंदर हमेशा रहा. लेकिन कितनी अजीब बात है कि वो अपनी पूरी जिंदगी बच्चे ही रहे. जिंदगी भर बच्चे बने रहने की चाह में उन्होंने बनाया नेवरलैंड. पीटर पैन की तरह. पीटर पैन इंग्लिश कहानियों का वो खोया हुआ बच्चा है, जो नेवरलैंड में रहता है और कभी बड़ा नहीं होता.

ओप्रा विनफ्रे शो में ओप्रा ने उनसे इस जुड़ाव को लेकर जब सवाल पूछा कि क्या वो खुद को पीटर पैन से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं? तो माइकल का जवाब था, ‘हां मैं करता हूं, दरअसल मैं ही पीटर पैन हूं.’ वो खुद को इस दुनिया का सबसे अकेला इंसान कहते थे.

MICHAEL JACKSON TALKS WITH OPRAH WINNIFREY.

पीटर पैन की तरह ही माइकल ने भी अपना नेवरलैंड बनाया. ढाई हजार एकड़ में फैली एक ऐसी जगह जहां, उनके अलावा बस बच्चे रहें. उनके साथ. इस नेवरलैंड में माइकल ने ज़ू बनवाया, अम्यूजमेंट पार्क बनवाया. बड़े-बड़े झूले, कई सारे जानवर यहां तक कि भाप से चलने वाली ट्रेन भी. माइकल इस पार्क में जरूरतमंद बच्चों को बुलाते, उनके साथ घूमते-खेलते.

यौन शोषण का काला दौर

लेकिन फिर कुछ हुआ. 1993 में 13 साल के जॉर्डन चैंडलर ने माइकल जैक्सन पर मॉलस्टेशन का आरोप लगाया. माइकल पर केस चला, वो निर्दोष साबित हुए.

अब माइकल को अपना खुद का बच्चा चाहिए था. उन्होंने 1994 में सिंगर एल्विस प्रेस्ले की बेटी लीसा मेरी से शादी कर ली. 2 साल बाद उनमें तलाक हो गया. 1996 में माइकल ने अपनी डर्मेटोलॉजिस्ट डेबी रोव से शादी कर ली. डेबी ने प्रिंस माइकल जैक्सन जूनियर को जन्म दिया. इसके बाद माइकल के करीबी दोस्त माइक लेस्टर ने माइकल के अगले बच्चे के लिए स्पर्म डोनेट किया. 1998 में पेरिस जैक्सन का जन्म हुआ. 2002 में प्रिंस माइकल 2 ने जन्म लिया.  माइकल ने इस बच्चे की मां की पहचान छुपाकर रखी.

2003 में फिर माइकल पर सेक्सुल अब्यूज का आरोप लगा. इस बार उनपर यौन शोषण के 14 आरोप लगे.  इस बार माइकल टूट गए. उन्होंने काफी वक्त पहले से ही पेनकिलर और नींद की दवाइयां लेनी शुरु कर दी थीं. अब वो इनपर और ज्यादा निर्भर रहने लगे. 5 महीने चले इस केस में फिर उन्हें बरी कर दिया गया.

MichaelJacksonDance

इसके बाद माइकल का कोई अलबम नहीं आया, न ही उन्होंने कोई म्यूजिक कंसर्ट किया. उनकी तबियत खराब रहती थी. वो दिन भर अपने घर की फार्मेसी में दवाइयां ढूंढते रहते थे.

2009 के मार्च में आखिर उन्होंने अपने अगले म्यूजिक कंसर्ट ‘दिस इज इट’ की घोषणा की. इसे उन्होंने ‘फाइनल कर्टेन कॉल’ कहा था. ये कंसर्ट जुलाई में होने वाला था. माइकल इसके लिए बहुत मेहनत कर रहे थे. 24 जून को वो रिहर्सल से हंसी-खुशी वापस गए. लेकिन अगले दिन उनकी मौत की खबर आई. उनकी कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई. उसी रात. इसके बाद क्या हुआ दुनिया जानती है. ट्रेजेडी ये है कि उनकी मौत एक हादसा थी. वो तब गए, जब वो बुरी तरह वापस आना चाहते थे.

माइकल ने जिनसे सबसे ज्यादा प्यार किया, उसी के लिए उन्हें सबसे ज्यादा अपमानित होना पड़ा. इस दुनिया का सबसे अकेला इंसान उन बच्चों में ही अपनी दुनिया ढूंढता था.

उनपर बहुत से सवाल खड़े किए जा सकते हैं. बच्चों को लेकर उनकी इस सनक को भी घेरे में लिया जा सकता है. लेकिन अगर गहराई से देखें, तो बचपन के अभाव का असर माइकल की पूरी जिंदगी पर दिखता है.

वो पीटर पैन बनना चाहते थे. लेकिन जिस वजह से उन्होंने नेवरलैंड बनाया, उसने उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी. वो एक खूबसूरत इंसान थे और उन्हें उसी रूप में याद किया जाना चाहिए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi