S M L

ग्लूमी संडे: एक गीत जिसके साथ जुड़ी थी मौत

इस गाने पर बीबीसी ने प्रतिबंध भी लगा दिया था

Animesh Mukharjee Updated On: Jul 17, 2017 11:31 AM IST

0
ग्लूमी संडे: एक गीत जिसके साथ जुड़ी थी मौत

अमूमन दो तरह का संगीत होता है. एक जिसे सुनकर आंखें भर आएं, दूसरा जिसपर कदम थिरकने लगें. मगर दुनिया के इतिहास में एक गाना ऐसा भी है जिसको लंबे समय तक लोग सुनने से डरते थे. 1930 के दशक में आए गाने ‘ग्लूमी संडे’ (अवसादी रविवार) के बारे में मान्यता थी कि इसे सुनने वाला अपनी जान ले लेता है. यहां तक कि बीबीसी ने भी पूरी बीसवीं शताब्दी के लिए इसे ब्रॉडकास्ट करने से बैन कर दिया. क्या ‘हंगेरियन सुसाइड सॉन्ग’ के नाम से मशहूर ये गीत सच में इतना खतरनाक था?

कहानी जो सुनी और सुनाई गई

1933 का साल था जब हंगरी में सेरेस नाम का एक 34 साल का गीतकार एक गीत लिखने की कोशिश कर रहा था. उसकी प्रेमिका ने उसको छोड़ दिया. कुछ लोगों का मानना है कि सेरेस ने ग्लूमी संडे उसकी याद में लिखा तो कुछ का कहना था कि ये गीत युद्ध की विभीषिका को ध्यान में रखकर लिखा गया.

बहरहाल, ज्यादातर प्रोड्यूसर्स को ये गीत इतना डिप्रेसिंग लगा कि उन्होंने इसे रिकॉर्ड करने से मना कर दिया. 2 साल बाद ये गीत रिकॉर्ड होकर ब्रॉडकास्ट होने लगा. इसके साथ ही एक-एक कर लोगों की आत्महत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ.

1936 में छपी टाइम मैग्ज़ीन की रिपोर्ट ने हंगरी में कुल 17 आत्महत्याओं के लिए ग्लूमी संडे को ज़िम्मेदार ठहराया गया. किसी ने इसको सुनते-सुनते कई सारी नींद की गोलियां खा ली. किसी ने अपने सुसाइड नोट में इस गाने के लिरिक्स कोट किए थे. गीत की चर्चा इतनी बढ़ी कि इसे अंग्रेज़ी में ट्रांसलेट किया गया. सैम लुइस के कंपोज़ किए गए इस वर्ज़न को मशहूर जैज़ सिंगर बिली हॉलीडे ने गाया. 17 जुलाई 1959 को 44 साल की बिली की भी मौत अस्पताल में हो गई. कहा जाता है बिली ने जहर खा लिया था. 1968 में इस गीत के कंपोजर ने भी खुदखुशी कर ली. वो बुडापेस्ट के एक अपार्टमेंट की खिड़की से कूद गए थे.

कहानी जो असल में घटी

ग्लूमी संडे इस बात का सीधा उदाहरण है कि कैसे छोटी-छोटी बातें मिलकर बड़ा मिथक बना देती हैं. पहली बात तो ये है कि हंगरी उन देशों में है जहां सुसाइड रेट बहुत ज़्यादा है. 1930 का दशक वो समय था जब दुनिया ग्रेट डिप्रेशन का शिकार थी. ये गीत बहुत गहरे दुख को दिखाता था. ज़ाहिर सी बात है कि अवसाद में ग्रस्त लोग इस गीत से खुद को जोड़ते होंगे. ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां प्रेम संबंध टूटने पर लोग अक्सर गज़ल और दर्द भरे गीत सुनने लगते हैं. जिन 17 लोगों की बात टाइम में छपी थी, उनसे इस गीत के संबंध तो थे, मगर ये कभी साफ नहीं हुआ कि इसी गीत के चलते उन सब ने खुदखुशी की.

जैज सिंगर बिली हॉलीडे की मौत जहर खाने से नहीं ड्रग्स के ओवरडोज के दुष्परिणामों से हुई थी. उन्हें हॉस्पिटल में ही ड्रग्स की लत के लिए इलाज के लिए लाया गया था. इस गीत के कंपोजर सेरेस एक असफल गीतकार थे. उनका सबसे प्रसिद्ध गीत ग्लूमी संडे ही था. इसे भी लोगों ने मौत का फरमान बना दिया था. वो इसके बोझ से उबर नहीं पाए.

बीबीसी ने इस गीत पर प्रतिबंध ज़रूर लगाया था मगर 1940 के दशक में विश्व युद्ध के माहौल में वो कोई हताश करने वाला गीत नहीं बजाना चाहते थे. ज़ाहिर सी बात है कि लगातार युद्ध की त्रासदी झेल रही दुनिया ऐसे गीतों के लिए तैयार नहीं थी. बीबीसी ने इसके बाद भी कई गीतों को बैन किया है.

और भी स्याह है संगीत की दुनिया

रूहों को सुकून देने वाली संगीत की दुनिया में कई सारे स्याह हिस्से हमेशा रहे हैं. 27 साल की उम्र में मर जाने वाले संगीतकारों का क्लब 27 तो दुनिया भर में प्रसिद्ध है. ‘नो बडी डाइज अ वर्जिन...’ जैसी कई प्रसिद्ध कोट्स देने वाले रॉक स्टार कर्ट कोबेन ने अपने स्कूल के दिनों में ही एलान कर दिया था कि वो बड़े होकर रॉकस्टार बनेंगे और 27 साल की उम्र में खुदखुशी कर लेंगे. कर्ट ने ऐसा ही किया भी. इसके अलावा जिमी हैंड्रिक्स, एल्विस जैसे सुपरस्टार ड्रग्स के चलते समय से पहले मर गए. 1999 में भी ‘सुसाइड सॉल्युशन’ नाम के गाने को लेकर भी आरोप लगा कि उसके प्रभाव में एक किशोर ने आत्महत्या कर ली.

ग्लूमी संडे डर को बढ़ा-चढ़ाने वाली सोच का जीता जागता उदाहरण है. इसके साथ ही ये इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे हम अंधविश्वासों को एक झटके में तोड़ सकते हैं. नीचे दिए गए इस कुख्यात गाने को सुनिए. यकीन रखिए कुछ बुरा नहीं होगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi