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राष्‍ट्रपति चुनाव में एक साथ आ सकते हैं पक्ष-विपक्ष

ममता ने कहा है कि अगले राष्ट्रपति के नाम पर आम सहमति के लिए मोदी सरकार को विपक्ष से बात करनी चाहिए

FP Staff Updated On: May 16, 2017 11:03 PM IST

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राष्‍ट्रपति चुनाव में एक साथ आ सकते हैं पक्ष-विपक्ष

देश को अगला राष्‍ट्रपति आम सहमति से मिल सकता है. पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के ताजा बयान के बाद इस तरह की संभावना सामने आई है. ममता ने कहा है कि अगले राष्ट्रपति के नाम पर आम सहमति के लिए मोदी सरकार को विपक्ष से बात करनी चाहिए.

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रणब मुखर्जी को दूसरा कार्यकाल देने की वकालत की है. देश के दो बड़े राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के इन बयानों के बाद राष्‍ट्रपति चुनावों को लेकर चल रही अटकलों को नई दिशा दे दी है.

ममता ने सरकार की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा है कि अगर सर्वसम्मति से राष्ट्रपति का चुनाव करना है तो इसके लिए सरकार को विपक्ष से बात करनी चाहिए.

राष्‍ट्रपति चुनावों से पहले पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा

उन्‍होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद यह बयान दिया. इससे माना जा रहा है कि जुलाई में राष्‍ट्रपति चुनावों से पहले पक्ष और विपक्ष के बीच अगले राष्‍ट्रपति को लेकर चर्चा हो सकती है.

बीजेपी नेतृत्‍व वाले एनडीए के पास अपनी पसंद का राष्‍ट्रपति बनाने के लिए पर्याप्‍त संख्‍या है. उसे हाल ही में वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन भी मिला है.

इधर, नीतीश कुमार ने प्रणव मुखर्जी को दूसरा कार्यकाल देने की पैरवी की है. उन्‍होंने इशारों-इशारों में कहा कि अगर मोदी सरकार मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी को अगले कार्यकाल के लिए चुनती है विपक्ष साथ आ जाएगा.

चुनाव से एक अच्छी मिसाल कायम होगी

जेडीयू अध्यक्ष नीतीश ने कहा कि आम-सहमति से मुखर्जी के पुन: चुनाव से एक अच्छी मिसाल कायम होगी. लेकिन उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को सभी दलों को साथ लेकर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में फैसला करना है.

प्रणब मुख़र्जी ने भी साफ किया है कि वे दूसरे कार्यकाल के लिए तभी हां कहेंगे जब पक्ष और विपक्ष एक साथ आएगा.

कांग्रेस के चाणक्य कौन?

हालांकि सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अपनी पसंद का राष्‍ट्रपति बनाने का मौका खोना नहीं चाहती. प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति बनने से पहले तक कांग्रेस के चाणक्य कहे जाते थे.

वो यूपीए सरकार के मुखर चेहरे थे. हालांकि विपक्षी दलों में भी उनकी अच्‍छी पकड़ थी. हालांकि यह बात भी है कि मोदी सरकार और राष्‍ट्रपति मुखर्जी के बीच अच्‍छा सामंजस्‍य देखने को मिला है. लेकिन मोदी सरकार मुखर्जी को दूसरा कार्यकाल देगी, इसकी संभावनाएं कम है.

सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अपनी पसंद का ही राष्ट्रपति बनाएगी क्यों कि आंकड़े और गणित उसके पक्ष में है. बताया जाता है कि द्रौपदी मुर्मू, सुमित्रा महाजन के नाम राष्‍ट्रपति पद के लिए चल रहे हैं. हालांकि इस पर फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही लेंगे.

न्यूज़ 18 साभार

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