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कपिल मिश्रा का बीजेपी से है पुराना नाता, जानिए कौन हैं कपिल मिश्रा

कपिल मिश्रा के परिवार का पुराना नाता आरएसएस, बीजेपी से रहा है

Puneet Saini Puneet Saini | Published On: May 10, 2017 11:09 PM IST | Updated On: May 10, 2017 11:09 PM IST

कपिल मिश्रा का बीजेपी से है पुराना नाता, जानिए कौन हैं कपिल मिश्रा

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के सख्त तेवर ने अरविंद केजरीवाल समेत पूरी आम आदमी पार्टी के नेताओं की नींद उड़ा दी है. कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. आरोपों के चलते कपिल मिश्रा पूरे देश में चर्चा में हैं. आखिर कौन है कपिल मिश्रा आइए जानते हैं:

कपिल मिश्रा का परिवार पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ताल्लुक रखता है. कपिल की मां अन्नपूर्णा मिश्रा बीजेपी नेता रही हैं. और पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर भी रह चुकी हैं. लेकिन कपिल की सोच थोड़ी अलग थी जिसके चलते उन्होंने बीजेपी और आरएसएस से अपनी दूरी बनाए रखी.

मां अन्नपूर्णा मिश्रा के साथ करावल नगर से विधायक कपिल मिश्रा (फोटो: फेसबुक)

मां अन्नपूर्णा मिश्रा के साथ करावल नगर से विधायक कपिल मिश्रा (फोटो: फेसबुक)

कपिल मिश्रा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंबेडकर कॉलेज से बीए और फिर सोशल वर्क में एमए की पढ़ाई की. कपिल अपने कॉलेज टाइम से ही सामाजिक आंदोलन से जुड़ गए थे. वे ‘यूथ ऑफ जस्टिस’ नाम के संगठन के को-फाउंडर भी रहे हैं.

कपिल ने कॉमनवेल्थ खेलों में डेवलपमेंट के नाम पर हो रही धांधली पर ’इट्ज कॉमन वर्सेज वेल्थ’ नाम की किताब भी लिखी है. 36 वर्षीय कपिल ने जेसिका लाल मर्डर केस में आरोपी को सजा देने की मांग भी कर चुके हैं. पीड़ित के परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए कपिल मिश्रा ने कई बार प्रोटेस्ट भी किया था.

कुमार विश्वास के करीबी माने जाते हैं कपिल मिश्रा

कपिल ने एमनेस्टी इंटरनेशनल और ग्रीनपीस जैसे अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ में भी काम किया है. 23 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह में मिश्रा एकमात्र ऐसे विधायक थे जिन्होंने अपनी शपथ संस्कृत में ली थी.

26 नवंबर 2012 को जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ तो अरविंद केजरीवाल की टीम में कपिल मिश्रा भी शामिल थे. कपिल मिश्रा कवि और आप नेता कुमार विश्वास के करीबी माने जाते हैं.

Kapil Mishra

ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान ने जब कुमार विश्वास का विरोध किया था तो कपिल मिश्रा अकेले ऐसे आप नेता थे जो कुमार विश्वास के साथ मजबूती से खड़े हुए थे. कपिल के मुताबिक वो 2004 से आंदोलन से जुड़े हुए थे. और वे आम आदमी पार्टी को अपनी पार्टी भी बता चुके हैं.

2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में करावल नगर विधानसभा से कपिल मिश्रा को 1,01,865 वोट मिले थे. उन्होंने बीजेपी के मोहन सिंह को 44,431 वोटों से हराया था. इस जीत के साथ कपिल मिश्रा पहली बार विधायक बने.

जब पार्टी के पूर्व साथी योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हो गए थे. जो पार्टी विधायकों को अरविंद केजरीवाल की तरफ लाने के लिए सिगनेचर अभियान चलाया था.

इन्हीं सब के बीच दिल्ली नगर निगम के चुनाव में करारी हार के बाद जब आम आदमी पार्टी ने ईवीएम को वजह बताया तो कपिल ने आगे आ कर हार को स्वीकार किया और कहा कि लोगों ने पार्टी को वोट नहीं दिया.

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