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सीएम योगी आदित्यनाथ: बाप को भरोसा है बेटा माहौल ठीक कर देगा

लोगों का मानना है कि योगी एक अच्छे प्रशासक साबित होंगे और यूपी की अनियंत्रित ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसेंगे

Namita Singh Updated On: Mar 20, 2017 01:45 PM IST

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सीएम योगी आदित्यनाथ: बाप को भरोसा है बेटा माहौल ठीक कर देगा

यूपी भले ही राजनीतिक हो-हल्ले के दौर से गुजर रहा हो और योगी आदित्यनाथ प्रदेश के सीएम बन गए हों, लेकिन पहाड़ों के बीच बसा उनका खूबसूरत गांव अचानक से लोगों की बढ़ी हुई भीड़ का विनम्र भाव से आवभगत कर रहा है.

उत्तराखंड की राजधानी से महज 100 किमी दूर और पौड़ी में एक बड़ा शहर यमकेश्वर से 5 किमी दूर मौजूद पंचूर एक छोटा सा गांव है. इस गांव के चारो तरफ दूर-दूर तक हरियाली फैली है. इसी गांव में अब भी रहते हैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के माता-पिता.

हम नहीं मानते कि वह बड़े आदमी बन गए हैं

योगी की 80 साल की मां सावित्री देवी के लिए अपनी खुशी प्रकट कर पाना मुश्किल हो रहा है और उनके शब्द अक्सर भावनाओं के चलते आंसुओं के रूप में आंखों से छलकते दिखते हैं. अपने बेटे की इतनी बड़ी उपलब्धि के बारे में पूछने पर वह विनम्रता से इनकार कर देती हैं और कहती हैं, ‘हम नहीं मानते कि वह बड़े आदमी बन गए हैं.’

योगी का घर

योगी का घर

सभी रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर में जुटे हुए हैं. घर पर उत्सव जैसा माहौल है. उनके बचपन के दोस्त, उनके मामा, उनकी बहनें उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा खत्म होने के बाद योगी से कुछ कहना चाहते हैं.

माता-पिता भी कहते है महाराज

लंबे राजनीतिक सफर और आध्यात्म की दुनिया से जुड़ने और एक धार्मिक विरासत को संभाल रहे योगी को उनके माता-पिता तक महाराज जी कहते हैं. मां कहती हैं कि वह मेरी फिक्र करते हैं और मुझे अक्सर फोन करते हैं. जब भी मैं दिल्ली जाती हूं वह मुझे रिसीव करने आते हैं.

रिटायर्ड फॉरेस्ट रेंजर और बेहद सज्जन व्यक्ति आनंद सिंह बिष्ट योगी के पिता हैं. वह हिंदू कट्टरपंथी होने जैसे योगी पर लगने वाले सभी आरोपों को खारिज करते हैं और स्वीकार करते हैं कि राज्य चलाने के लिए उन्हें एक ज्यादा सहयोगी और समरसता का माहौल बनाना होगा.

वह अपने बेटे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए फिक्रमंद हैं. साफतौर पर भावनाएं और गर्व उनके चेहरे पर दिखाई देता है. हालांकि, वह कहते हैं कि सबका साथ, सबका विकास अब उनके बेटे के जीवन का सबसे बड़ा मकसद होगा.

योगी के माता पिता

योगी के माता पिता

आउट ऑफ द बॉक्स

छोटे भाई महेंद्र बिष्ट एक हिंदी न्यूजपेपर में काम करते हैं. वह कहते हैं कि योगी आउट ऑफ द बॉक्स शख्सियत वाले राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालने वाले युवा नहीं थे. इसकी बजाय, वह विनम्र, सामाजिक और अपने भाई-बहनों और दोस्तों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर चिंतित रहते थे. महेंद्र एक घटना का जिक्र करते हैं. जब योगी अपने एक दोस्त के बुरी संगति में आने को लेकर काफी चिंतित हो गए थे.

वहां मौजूद गांव वाले सभी योगी की कट्टर हिंदी की छवि को खारिज करते हैं. वे कहते हैं कि उन्होंने बिना धर्म, जाति या समुदाय को देखे हुए सबके लिए काम किया है. योगी के खास धर्म को लेकर की गई उग्र टिप्पणियों के बारे में पूछने पर ये लोग सीएम बनने के बाद उनके व्यवहार में अचानक हुए बदलाव को साबित करने की कोशिश करते हैं.

अनियंत्रित ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसेंगे

इन लोगों का मानना है कि योगी एक अच्छे प्रशासक साबित होंगे और यूपी की अनियंत्रित ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसेंगे. लोग कहते हैं कि उनका धार्मिक झुकाव राज्य से करप्शन को खत्म करने में मददगार साबित होगा.

Pauri Garwhal: Family members and relatives of UP Chief Minister Yogi Adityanath during a celebration at his native village Panchur in Pauri Garhwal on Sunday. PTI Photo (PTI3_19_2017_000163B)

पंचूर गांव के एक निवासी शशिधर उनियाल कहते हैं कि योगी वृहद हिंदुत्व में भरोसा रखते हैं जो सर्व धर्म समभाव की बात कहता है और रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद ने जिसे अपनाया था.

डिग्री कॉलेज का निर्माण

योगी के स्कूल और कॉलेज के दिनों में जूनियर रहे हरीश सती याद करते हैं कि योगी कभी एक बेहतरीन वक्ता नहीं रहे और उन्होंने कभी कॉलेज पॉलिटिक्स में भी दिलचस्पी नहीं दिखाई. राजनीति उनके लिए केवल एक मजे की चीज रही थी.

वह कहते हैं, ‘जब वह ऋषिकेश के एक कॉलेज में गणित में एमएससी कर रहे थे तब वह मुझसे एक साल सीनियर थे.’ गांव के 100 किमी के इलाके में कोई उच्च शिक्षा संस्थान न होने को देखते हुए योगी ने अपने गांव के पास एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया, इसमें कई गांव वालों को नौकरियां भी मिली हैं. योगी के भाई महेंद्र सिंह इस कॉलेज का प्रबंधन देखते हैं.

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