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तीन तलाक अमानवीय और शोषण का जरिया है: त्रिवेंद्र सिंह रावत

रावत ने कहा सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, उसका समाज पर सकारात्मक असर पड़ेगा

Bhasha | Published On: May 22, 2017 07:25 PM IST | Updated On: May 22, 2017 07:25 PM IST

तीन तलाक अमानवीय और शोषण का जरिया है: त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि तीन तलाक अमानवीय, असंवैधानिक और महिलाओं के शोषण का जरिया है, लिहाजा इसे खत्म किया जाना चाहिए.

रावत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान बहस से स्पष्ट हो गया कि शरीयत कानून के तहत ऐसे चलन को सही नहीं ठहराया जा सकता.’

उन्होंने कहा कि महिलाएं इस समाज की आधी आबादी हैं और इस तबके का ‘शोषण’ हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह चलन हमेशा के लिए खत्म होना चाहिए.

सही फैसला सुनाएगी सुप्रीम कोर्ट 

तीन तलाक को अमानवीय और असंवैधानिक करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘तीन तलाक का समर्थन नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह मानवता के खिलाफ है. यह महिलाओं पर क्रूरता है. मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, उसका समाज पर सकारात्मक असर पड़ेगा.’

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 70 में से 57 सीटें मिलने के बाद रावत को 18 मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी.

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ ने तीन तलाक की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली अर्जियों पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है.

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