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काला पैसा सार्वजनिक कर गरीबों के कल्याण में अमीरों की दिलचस्पी कम

योजना के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपए की आय की ही घोषणा हुई

Bhasha | Published On: Jun 01, 2017 06:45 PM IST | Updated On: Jun 01, 2017 06:45 PM IST

काला पैसा सार्वजनिक कर गरीबों के कल्याण में अमीरों की दिलचस्पी कम

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को लेकर प्रतिक्रिया बहुत अच्छी नहीं लगती क्योंकि इस कर्ज माफी योजना के तहत केवल 5,000 करोड़ रुपए की बिना लेखा-जोखा वाली आय घोषित की गई है.

पिछले साल दिसंबर में कालाधन वालों को कर चुकाकर और 50 फीसदी का जुर्माना भरकर कानूनी कार्रवाई से बचने का मौका देने के लिए यह योजना शुरू की गई थी.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘पीएमजीकेवाई के प्रति प्रतिक्रिया बहुत अच्छी नहीं रही है. पीएमजीकेवाई के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपए की आय की ही घोषणा हुई है. उसके मुख्यत: दो कारण हैं.’

उन्होंने कहा, ‘पहला, योजना की घोषणा से बहुत पहले ही लोगों ने अलग अलग खातों में अपना नकद डालने की कोशिश की. दूसरा कर और जुर्माना की दर थी.’ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएमजीकेवाई के बाद ऐसी कई समान योजनाएं आई और ऐसे में प्रतिक्रिया को अलग-थलग कर नहीं देखा जा सकता है.

2016 में 67,382 करोड़ रुपए की घोषणा हुई थी

मंत्री ने कहा, ‘यह ध्यान रखिए कि पीएमजीकेवाई उस वित्त वर्ष में कोई पृथक योजना नहीं थी. आपके पास पहले आईडीएस थी और फिर आपने देखा कि लोग यह जानकर बैंकिंग प्रणाली में पैसा जमा कराने लगे कि इस पर कर देनदारी लगेगी और पीएमजीकेवाई उससे उपर था.’

उन्होंने कहा, ‘जब आप खुलासा की गई पूरी रकम देखेंगे तो आपको इन तीनों का सामूहिक रूप से देखना होगा.’ उन्होंने कहा कि सरकार बेनामी कानून के तहत कालेधन के खिलाफ अपना अभियान जारी रखी हुई है.

जून-सितंबर, 2016 के दौरान आय घोषणा योजना के तहत 67,382 करोड़ रुपए अवैध धन की घोषणा हुई थी.

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