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तमिलनाडु विधानसभा: पलानीसामी ने जीता विश्वासमत

पलानीसामी गुट का दावा है कि उनके पास बहुमत से 5 ज्यादा 123 विधायकों का समर्थन है

FP Staff Updated On: Feb 18, 2017 04:56 PM IST

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तमिलनाडु विधानसभा: पलानीसामी ने जीता विश्वासमत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. के. पलानीसामी शनिवार को विधानसभा में अपना विश्वासमत साबित कर दिया. फिलहाल हंगामे के कारण कार्रवाई कई बार बाधित हुई. आखिरकार हुए मत विभाजन में विश्वास मत के समर्थन में 122 मत पड़े. विपक्ष के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे.

इससे पहले हंगामा करने के कारण डीएमके विधायकों को सदन से निकाल दिया गया था. विधानसभा अध्यक्ष धनपाल ने आरोप लगाया कि डीएमके विधायकों ने उनके साथ बदसलूकी की और उनकी शर्ट भी फाड़ दी.

विपक्ष के नेता स्टालिन ने भी अपनी फटी शर्ट पत्रकारों को दिखाई. उन्होंने भी कहा कि उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई. विपक्ष के नेता ने कहा कि वे इसकी शिकायत राज्यपाल से करेंगे.

खूब हुआ हंगामा

ई. पलानीसामी की सरकार द्वारा लाए गए अहम विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा कर कार्यवाही को बाधित कर दिया.

डीएमके विधायकों ने स्पीकर से धक्का मुक्की भी की. कुछ विधायक तो स्पीकर की सीट पर जा बैठे. तमिलनाडु विधानसभा को 1 बजे के लिए स्थगित की गई. एक बजे दोबारा कार्रवाई शुरू होने पर स्पीकर ने डीएमके विधायकों को सदन से बाहर निकाले जाने का आदेश दिया.

डीएमके, एआईएडीएमके (पन्नीरसेल्नम कैंप) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक विश्वासमत के लिए सीक्रेट बैलट की मांग कर रहे हैं.

मामले के बढ़ जाने पर विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल मार्शलों के साथ विधानसभा से निकल गए. इस हंगामे के बीच कार्यवाही बाधित हो गई. कुछ विपक्षी सदस्यों ने गुप्त मतदान की मांग की थी.

दो दिन पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले पलानीस्वामी को राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था लेकिन उन्होंने आज ही अपना बहुमत साबित करने का विकल्प चुना.

कोयंबटूर उत्तर के विधायक अरूण कुमार की ओर से मतदान में अनुपस्थित रहने की घोषणा किए जाने पर विद्रोही ओ पनीरसेल्वम खेमे को बल मिला था. इससे पहले मेलापोर के विधायक और पूर्व डीजीपी आर नटराज ने सरकार के खिलाफ मतदान का फैसला किया था.

इन दोनों के फैसले के बाद पलानीस्वामी खेमे के पास अब एक रिक्ति वाले 234 सदस्यीय सदन में 122 विधायक रह गए है.

द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि खराब स्वास्थ्य के चलते सदन में मौजूद नहीं थे.

पन्नीरसेल्वम के खेमे ने सेम्मलई को विधानसभा में पार्टी का सचेतक नियुक्त किया है और इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेज दिया है.

कार्रवाई के दौरान मीडिया को घुसने की इजाजत नहीं दी गई. साथ ही लाइव कार्यवाही की फुटेज भी दिखाई जा रही है. तमिलनाडु विधानसभा के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं.

इससे पहले स्पीकर ने विधानसभा में विश्वासमत पर मतदान सीक्रेट बैलट के जरिए कराए जाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया.

पलानीसामी को दो दिन पहले शशिकला के जेल जाने के बाद, शशिकला खेमे के विधायकों ने अपना प्रतिनिधि चुना था. इसके बाद राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था.

पलानीसामी ने राज्यपाल को एआईडीएमके के 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था, जिसके बाद ही उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी.

पलानीसामी के राजनीतिक करियर के लिए शनिवार का दिन काफी अहम है, क्योंकि विधानसभा में बहुमत हासिल करने में उन्हें एआईएडीएमके के बागी पन्नीरसेलवम का सामना करना पड़ेगा.

 

ओ. पन्नीरसेलवम के समर्थक और जयललिता के करीबी विधायक भी अब खुलकर इस शक्तिप्रदर्शन में सामने आ गए हैं.

एआईएडीएमके नेता एम पांडियाराजन के अनुसार ओपीएस गुट को कम से कम 135 विधायकों का साथ हासिल है, जो पलानीसामी के विरोध में मतदान करेंगे.

तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं और विधानसभा में एआईएडीएमके के 134 विधायक हैं. अब बहुमत के लिए 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत है.

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