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स्कूलों में बच्चे सिर्फ मिड-डे मिल के लिए आते हैं: प्रकाश जावड़ेकर

पिछले तीन साल में सरकार ने 47 नए केंद्रीय विद्यालय चालू किए

Bhasha Updated On: Apr 06, 2017 07:26 PM IST

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स्कूलों में बच्चे सिर्फ मिड-डे मिल के लिए आते हैं: प्रकाश जावड़ेकर

मानव संसाधान विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि बहुत से स्कूल केवल मिड-डे मील वाले विद्यालय बनकर रह गए हैं क्योंकि शिक्षा का अधिकार कानून पारित होने के बाद बच्चे कुछ खास कक्षा तक में फेल नहीं होते.

जावड़ेकर ने राज्यसभा में सवालों के जवाब में कहा, ‘ये स्कूल केवल आने, खाने और जाने तक सीमित रह गए हैं. मंत्रालय ने इसे चुनौती के रूप में लिया है और अब सभी कक्षाओं के लिए परिणामों पर अधिक बल देने का निर्णय किया है.’

विद्यार्थियों की शिक्षा पद्दति में सुधार पर विचार कर रही है सरकार

मंत्री ने कहा कि एक ऐसा विधेयक भी विचाराधीन है जो कक्षा पांच से कक्षा आठ के उन छात्रों को फेल करने की अनुमति प्रदान करेगा जो शिक्षा के न्यूनतम स्तर तक नहीं पहुंचते क्योंकि राज्य फेल नहीं करने की नीति में संशोधन की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है कि कक्षा छह का छात्र कक्षा दो का पाठ पढ़ने में या कक्षा सात का छात्र कक्षा तीन का गणित का सवाल हल करने में विफल है.

मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले तीन साल में 47 नए केंद्रीय विद्यालय चालू किए गए हैं और इस तरह के 50 से अधिक स्कूलों को मंजूरी दी गई है. 62 नए नवोदय विद्यालय खोलने की भी मंजूरी दी गई है.

उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह फैसला किया गया है कि मानक में सुधार के लिए कदम उठाने वाले राज्यों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत अतिरिक्त कोष दिया जाएगा.

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