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जेटली मानहानि केस: राम जेठमलानी बोले, 'गरीब' केजरीवाल से नहीं लूंगा फीस

सीनियर वकील राम जेठमलानी ने कहा, मिस्टर जेटली शायद मेरे सवाल-जवाब के तरीके से डर गए हैं

FP Staff Updated On: Apr 04, 2017 12:17 PM IST

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जेटली मानहानि केस: राम जेठमलानी बोले, 'गरीब' केजरीवाल से नहीं लूंगा फीस

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील राम जेठमलानी ने केजरीवाल का केस मुफ्त में लड़ने की बात कही है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे को 'आप' पार्टी सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील राम जेठमलानी से लड़वाना चाहती है.

अब राम जेठमलानी का कहना है कि, 'मैं पैसे वाले लोगों के लिए फीस चार्ज करता हूं लेकिन जरूरतमंद लोगों के लिए मैं मुफ्त में ही काम करता हूं. इस तरह की मिस्टर जेटली की फैलायीं हुई हैं जो शायद मेरे सवाल-जवाब के तरीके डर गए हैं.'

उन्होंने आगे कहा, 'अगर दिल्ली सरकार भी मेरी फीस देने में सक्षम नहीं है तो मैं केजरीवाल के लिए मुफ्त में केस लडूंगा.

जबकि इस मामले केजरीवाल पर बीजेपी द्वारा आरोप लगाया गया था कि, केजरीवाल इसके लिए दिल्ली के टैक्स पेयर्स का पैसा इस्तेमाल करना चाहते हैं. जिसमें 3.8 करोड़ रुपए के कानूनी खर्च के बिल का भुगतान कराने की भी बात सामने आई है.

बीजेपी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इस मामले ट्वीट कर कहा, 'इस लेटर के मुद्दे में अरविंद केजरीवाल जी चुप्पी क्यों साध ली है. मैं उन्हें इस बारे में बहस करने की चुनौती देता हूं.'

क्या है मामला 

CNN-News18 को मिले लेटर के मुताबिक केजरीवाल अपना केस राम जेठमलानी से लड़वाना चाहते हैं और उनकी फीस दिल्ली की जनता द्वारा चुकाए जा रहे टैक्स के जरिए भरना चाहते हैं.

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि केजरीवाल ने जेटली को जो भी कहा वो दिल्ली के सीएम के बतौर कहा था और अब जीएनसीटी की जिम्मेदारी है कि सीएम को एक अच्छा वकील मुहैया कराया जाए.

क्या कहते हैं दस्तावेज

मिले दस्तावेजों में सीएम केजरीवाल ने जेठमलानी का 1 करोड़ का एक बिल भी उपराज्यपाल को भेजा है. जेठमलानी ने केजरीवाल की तरफ से कोर्ट में हर सिंगल हियरिंग में पेश होने के लिए 22 लाख रुपए की मांग की है.

सिसोदिया ने ये बिल लेटर के साथ मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेजा है और लिखा है कि इसके लिए सीएम ऑफिस ने गुहार लगाई है और ये सीएम के एडमिन्स्ट्रेटिव डिपार्टमेंट की देखरेख में किया जाएगा.

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बता दें कि दिल्ली उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इस पूरे मामले पर कानूनी राय मांगी है और उसके बाद ही किसी तरह की टिपण्णी करने की बात कही है. भेजे गए पत्र में गोपाल राय ने लिखा है कि अरुण जेटली के पास वकीलों की एक पूरी फ़ौज है और मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के सीएम की तरफ से भी किसी सीनियर वकील को रिप्रजेंट करना चाहिए.

बता दें कि जेटली ने साल 2015 में आप नेता केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी पर मानहानि का केस दर्ज कराया था. इन सभी ने डीडीसीए से जुड़े केस में जेटली पर अनियमितता बरतने के आरोप लगाए थे.

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