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क्या खास बात है मोदी सरकार में तरक्की पाने वाले इन चार मंत्रियों में

जानिए वो कारण जिनके चलते मोदी सरकार मेॆं चार राज्य मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल करके प्रमोशन दिया गया है.

FP Staff Updated On: Sep 03, 2017 01:57 PM IST

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क्या खास बात है मोदी सरकार में तरक्की पाने वाले इन चार मंत्रियों में

कैबिनेट विस्तार में चार मंत्री ऐसे हैं जिनका प्रमोशन हुआ है. निर्मला सीतारमण, धर्मेद्र प्रधान, मुख्तार अब्बास नक़वी और पीयूष गोयल के ओहदे राज्य मंत्रियों से बढ़ा दिया गए हैं. ये चारों अब कैबिनेट का हिस्सा हैं. जानिए किन-किन वजहों से मिला है इन चार मंत्रियों को मोदी सरकार से ये इनाम.

निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण देश की पहली स्वतंत्र प्रभार वाली महिला रक्षा मंत्री हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी ने दो साल तक रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला था.

वैंकेया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद कैबिनेट में दक्षिण भारत का प्रसिद्ध चेहरा होंगी. निर्मला सीतारमण के बारे में सबसे खास बात है कि वो दक्षिण भारत के तीन प्रमुख राज्यों से जुड़ी हुई हैं. तमिलनाडु के मदुरई में पैदा हुई निर्मला, कर्नाटक से राज्यसभा सांसद हैं जबकि शादी के बाद उनकी ससुराल आंध्र प्रदेश में है.

निर्मला सीतरमण को 2014 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया था. इससे पहले वे बीजेपी प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. 2006 में बीजेपी में शामिल हुई निर्मला सीतारमण को सरकार में आने से पहले टीवी पर अक्सर बड़ी शालीनता से पार्टी का पक्ष लेते दिखाई दे जाती थीं. वो दक्षिण की उन नेताओं में से हैं, जो उत्तर भारत में भी लोकप्रिय चेहरा हैं.

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रह चुकी निर्मला सीतारमण दिल्ली के चर्चित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा रही हैं. निर्मला कैबिनेट की सबसे उच्च शिक्षित मंत्रियों में से एक हैं.

धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान इस कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने वाले पहले मंत्री हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान को प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. ओडीशा से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट में जगह देना पार्टी की ओडीशा में मजबूत जगह बनाने की कवायद का भी हिस्सा है. गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने ओडीशा में अपनी जमीन मजबूत करने पर काफी ध्यान दिया है.

वर्तमान सरकार के युवा चेहरों में से एक धर्मेंद्र प्रधान के खाते में मंत्री के तौर पर प्रधानमंत्री की प्रिय ‘उज्जवला योजना’ को सफल तरीके से पूरा करने का श्रेय है. पेट्रोलियम मंत्रालय का भार संभालते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने एक साल में 704 जिलों में दो करोड़ अस्सी लाख नए बीपीएल कनेक्शन दिए हैं. कह सकते हैं कि जब उज्जवला योजना को एक साल पूरा हो चुका है तो धर्मेंद्र प्रधान को इसका इनाम दिया जा रहा है. साथ-साथ पार्टी के लिए काम करते हुए भी उन्होंने कई राज्यों के चुनावों में अहम भूमिका निभाई है.

मुख्तार अब्बास नक़वी

मुख्तार अब्बास नक़वी मोदी कैबिनेट का इकलौता मुस्लिम चेहरा होंगे. इससे पहले भी उनकी पहचान बीजेपी के सबसे मुखर मुस्लिम फेस के तौर पर बनी रही है. 2016 में नक़वी को नजमा हेपतुल्ला की जगह अल्पसंख्यक मामलों का प्रभार दिया गया था.

इमरजेंसी के दौरान 17 साल के नकवी भी गिरफ्तार हुए थे. लंबे समय से बीजेपी से जुड़े रहे नक़वी को वाजपेयी सरकार में सूचना प्रसारण राज्य मंत्री बनाया गया था. संघ को राष्ट्रवादी संगठन मानने वाले नक़वी ये भी कहते हैं की एक ही मुद्दे पर संघ और बीजेपी दोनों अलग-अलग राय रख सकते हैं.

पीयूष गोयल

पीयूष गोयल अब भारत सरकार के नए रेल मंत्री होंगे इसके साथ-साथ उनके पास कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी भी होगी. पीयूष कई दुर्घटनाओं और किराए की नीतियों को लेकर लंबे समय से आलोचना झेल रहे सुरेश प्रभु की जगह लेंगे.

पीयूष गोयल वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे वेद प्रकाश गोयल के पुत्र हैं. इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर करियर की शुरुआत करने वाले गोयल स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में रह चुके हैं.

गोयल का ऊर्जा मंत्री के तौर पर प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है. ये भी कहा जा सकता है कि वो वर्तमान सरकार में सबसा अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में से एक हैं. प्रधानमंत्री के हर गांव हर घर तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य में उनकी सफलता उल्लेखनीय है. इसके साथ ही राज्य सरकारों के साथ मिलकर सस्ती दरों पर एलईडी वितरण का काम भी उनके समय में बहुत अच्छे से हुआ है. उम्मीद है कि वो घाटे और दुर्घटनाओं के साए में घिरी रेल को वापस पटरी पर ले आएंगे.

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