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नोटबंदी की तकलीफों के बाद मोदी ने खोला राहत भरा पिटारा

मोदी ने गरीबों, किसानों और बुजुर्गों के लिए किया तोहफों का ऐलान, भ्रष्ट और बेईमानों को दी चेतावनी

सुरेश बाफना Updated On: Jan 01, 2017 09:04 AM IST

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नोटबंदी की तकलीफों के बाद मोदी ने खोला राहत भरा पिटारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश में लोगों को उम्मीद थी कि काले धन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ नोटबंदी के बाद वो अपनी अगली योजना का खुलासा करेंगे.

उम्मीद के ठीक विपरीत पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों को राजनीतिक चतुराई के साथ बढ़ावा देने की कोशिश की, जो नोटबंदी की वजह से परेशानी की मार झेल रहे हैं.

प्रधानमंत्री के 45 मिनट के भाषण को सुनकर कई बार लगा कि वे वित्त मंत्री अरुण जेटली का भाषण पढ़ रहे हैं.

नोटबंदी की वजह से आवास निर्माण के क्षेत्र में आई मंदी को खत्म करने के लिए मोदी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मकान निर्माण को बढ़ावा देने के लिए होम लेन में ब्याज दरों में राहत देने की घोषणा की है. लेकिन प्रधानमंत्री ने यह नहीं बताया कि इस योजना लागू करने में सरकार पर कितना वित्तीय बोझ आएगा?

मोदी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले मकानों में 33 फीसदी बढ़ोतरी करने की भी घोषणा की.

Modi Speech

पीटीआई

आवास सुविधा उपलब्ध कराना

इस घोषणा के जरिए से यह जताने की कोशिश की गई है कि नोटबंदी का लक्ष्य गांव के गरीबों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है. इस कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किस रूप में किया गया है, यह जानकारी नहीं दी गई.

वरिष्ठ नागरिकों की साढ़े सात लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 10 साल तक पर 8 फीसदी की दर से ब्याज देने घोषणा का स्वागत किया जाना चाहिए.

नोटबंदी के दौरान जिन वरिष्ठ लोगों ने बैंक की लाइनों में मुश्किलें उठाई हैं, उन्हें ईनाम देने की कोशिश की गई है. इस योजना के लिए कितनी धनराशि तय की गई है, इसका भी जिक्र नहीं किया.

गर्भवती माताओं को 6 हजार रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई जाएगी, जिससे कि मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सकें. प्रधानमंत्री ने यह नहीं बताया कि इस संदर्भ में पहले से जारी योजनाओं की क्या स्थिति होगी?

इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री की बजाय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री करते, तो अधिक उपयुक्त होता. राष्ट्र को दिए जानेवाले प्रधानमंत्री के संदेश में इस तरह की योजना का जिक्र उचित नहीं है.

2 करोड़ के बैंक कर्ज पर गारंटी

छोटे कारोबारियों को केंद्र सरकार अब 1 करोड़ की जगह 2 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज पर गारंटी देगी. किसानों को दिए जानेवाले कर्ज में 60 दिन का ब्याज केंद्र सरकार वहन करेगी.

नोटबंदी की वजह से छोटे व्यापारियों और किसानों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था. इसलिए उनको भी प्रधानमंत्री ने राहत देना जरूरी समझा.

पीएम मोदी ने दिन-रात काम करनेवाले बैंक कर्मचारियों की तारीफ की. लेकिन उन बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया, जिन्होंने काले धन को सफेद करने का काम किया है.

बेईमानों की परेशानी बढ़ेगी

मोदी ने दोहराया कि उनके राज में अब ईमानदार लोगों की परेशानियां घटेगी और बेईमानों की परेशानियां बढ़ेंगी.

प्रधानमंत्री के संदेश से उम्मीद थी कि वो नोटबंदी के 50 दिन के बाद की योजना पर खुलासा करेंगे. लेकिन उन्होंने वित्त मंत्री की तरह समाज के विभिन्न वर्गों को राहत देने का पिटारा खोला.

लोग यह जानना चाहते थे कि बैंकों का कामकाज कब सामान्य स्थिति में आएगा? एटीएम पर लाइनें कब तक खत्म होगी? बैंक से कैश निकालने की सीमा में कब बढ़ोतरी होगी?

ATM Line

बैंकों के एटीएम के आगे अब भी कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं लोग

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देशवासियों को याद दिलाया कि जो लोग ईमानदार हैं, उनको किसी से डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन बेईमानों के साथ कानून के अनुसार सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री देश की सोच और व्यवहार में बड़ा बदलाव लाने की बात कर रहे हैं. जो यूपीए सरकार के दौरान एक बार भी नहीं दिखाई दिया था.

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