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राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर आम राय बनाने की पहल करे केंद्र: नीतीश

सत्ताधारी दलों को सबकी रजामंदी बनानी चाहिए. ऐसा नहीं होने पर विपक्ष आपस में बातचीत कर अपना उम्मीदवार खड़ा करे

Bhasha Updated On: May 15, 2017 08:58 PM IST

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राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर आम राय बनाने की पहल करे केंद्र: नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यू (जेडी-यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार को लेकर आम राय बनाने के लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए.

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में सोमवार को आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद मीडिया ने नीतीश से आने वाले राष्ट्रपति चुनाव के बारे में पूछा. इसपर उन्होंने कहा कि 'सबसे पहले तो इस मामले में सत्ताधारी दलों को सबकी रजामंदी बनानी चाहिए. अगर वह ऐसा नहीं कर पाए तो विपक्ष का दायित्व बनता है कि वह आपस में बातचीत कर अपना उम्मीदवार खड़ा करे.'

उन्होंने कहा कि पहले तो केंद्र सरकार का फर्ज बनता है कि वह पहल करे और अब तक के जो उदाहरण हैं, उनमें केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों को पहल करनी चाहिए तथा सभी दलों से बातचीत करनी चाहिए.

सबकी सहमति होती है तो अच्छी परंपरा और उदाहरण 

नीतीश ने कहा कि पूरे विपक्ष से बात कर अगर सबकी सहमति बनाई जाती है तो अच्छी परंपरा और उदाहरण होगा. अगर आप विपक्ष से किसी को पूछते नहीं हैं तो वह बैठे नहीं रहेंगे, बल्कि आपस में बातचीत कर उम्मीदवार तय करेंगे.

New Delhi : President Pranab Mukherjee sits near tulips at the Mughal Gardens during a press preview in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI2_4_2017_000152B)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल जुलाई में खत्म हो रहा है

उन्होंने कहा कि मेरी समझ से केंद्र को पहल करनी चाहिए और आम राय बनाने का प्रयास करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो विपक्ष का कर्तव्य है कि वह अपना साझा उम्मीदवार खड़ा करें.

जेडी-यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश की यह टिप्पणी सोनिया गांधी के विपक्ष को इस मामले में एकजुट करने के प्रयास को देखते हुए महत्व रखता है. दूसरी ओर, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए इस पद पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के चुने जाने को लेकर भरोसेमंद दिख रहा है.

वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लेकर आम राय बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि इससे अच्छी बात क्या होगी, लेकिन इस बारे में केंद्र को निर्णय लेना होगा और पहल करनी होगी.

साल 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए का हिस्सा रहे जेडी-यू ने यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में मतदान किया था.

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