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मॉनसून सत्र: पीएम मोदी की मिलकर काम करने की अपील कारगर होगी?

मॉनसून सत्र में केंद्र पर विपक्ष के हावी रहने की उम्मीद है.

Amitesh Amitesh Updated On: Jul 17, 2017 11:24 AM IST

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मॉनसून सत्र: पीएम मोदी की मिलकर काम करने की अपील कारगर होगी?

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से मिलकर काम करने की अपील की है. प्रधानमंत्री ने कहा सभी दल और सरकार जब राष्ट्रहित के रास्ते पर चलकर बड़ा निर्णय लेते हैं तो राष्ट्रहित में बड़ा काम होता है.

प्रधानमंत्री की तरफ से ये बयान जीएसटी को लेकर दिया गया जिसमें कहा गया कि सभी दलों के एक साथ खड़ा होने से ही जीएसटी पूरे देश में एक साथ लागू हो पाया. इसे उन्होंने Gst Spirit बताया. उनकी तरफ से इस बार GST का नया फॉर्मूला पेश किया गया. मोदी ने कहा कि Going Stronger Together की भावना से ही जीएसटी पास हो सका और अब इसी भावना से हमें संसद के मौजूदा सत्र में काम करना है.

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की जिस प्रकार गर्मी के बाद पहली बारिश से नई उमंग आ जाती है ठीक उसी प्रकार जीएसटी की नई बारिश के बाद मॉनसून सत्र भी नई उमंग के साथ शुरू होगा.

अगस्त क्रांति के मौके पर विशेष चर्चा की तैयारी

मौजूदा सत्र को प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस सत्र पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. खास तौर से उन्होंने याद दिलाई की इस साल 15 अगस्त को आजादी के 70 साल पूरे हो रहे हैं. जबकि, 9 अगस्त को अगस्त क्रांति यानी क्विट इंडिया मूवमेंट के 75 साल पूरे हो रहे हैं.

दरअसल, सरकार की तरफ से अगस्त क्रांति के दिन यानी 9 अगस्त को संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा की तैयारी हो रही है. सरकार चाहती है कि इस दिन को यादगार बनाया जाए.

दूसरी तरफ, संसद के सत्र के पहले ही दिन देश के नए राष्ट्रपति के लिए मतदान हो रहा है, उपराष्ट्रपति के लिए भी मतदान संसद के मौजूदा सत्र के दौरान ही होने वाला है. प्रधानमंत्री ने सुबह दस बजे ही संसद भवन पहुंचकर राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में अपना मत भी डाला.

Farmers protest in Karad

किसान आंदोलन पर घेर सकता है विपक्ष

प्रधानमंत्री को इस बात का एहसास है कि विपक्ष मौजूदा सत्र में किसानों के मुद्दे पर भी उनकी सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा. जिस तरह से मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया फायरिंग में किसानों की मौत हुई उसके बाद पूरे देश में किसान आंदोलित दिखे. एक बार फिर से संसद के सत्र के दौरान सदन के भीतर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है.

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किसानों के मुद्दे पर हो रही लड़ाई संसद से लेकर सड़क तक शुरू करने की तैयारी हो रही है. विपक्ष किसानों के मुद्दे और आत्महत्या की घटनाओं पर घेरेबंदी की तैयारी में है. किसानों के मुद्दे पर हो रही सियासत का अंदाजा मोदी को है.  लिहाजा मोदी ने पहले ही कठिन परिश्रम करने वाले अन्नदाताओं को नमन किया.

विपक्ष की लामबंदी बनाएगी सत्र को हंगामेदार

संसद सत्र के पहले ही दिन हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार को इस बात का एहसास हो गया है कि विपक्ष बाहरी और आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमलावर रहने वाला है. चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा हो या फिर पाकिस्तान के साथ तनातनी हर मुद्दे पर विपक्ष का तेवर तल्ख है.

उधर, कश्मीर में प्रदर्शन और अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है. इन सारे मुद्दों को देखकर लग रहा है कि मौजूदा सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है.

लेकिन, प्रधानमंत्री राष्ट्रहित के महत्वपूर्ण विषयों पर एक बेहतर चर्चा की अपील कर विपक्ष को साधने की कोशिश कर रहे हैं. यह कोशिश सर्वदलीय बैठक के दौरान भी हुई थी, जब प्रधानमंत्री ने तथाकथित गोरक्षकों के खिलाफ सख्ती की बात दोहराई थी.

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