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राहुल के लिए क्यों न फिक्रमंद हों लालू, नीतीश के बाद एक वही तो हैं...

आखिर लालू यादव के इस बयान के पीछे का क्या है सच

Amitesh Amitesh Updated On: Aug 08, 2017 04:45 PM IST

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राहुल के लिए क्यों न फिक्रमंद हों लालू, नीतीश के बाद एक वही तो हैं...

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर लालू यादव खासे चिंतित दिख रहे हैं. लालू की चिंता राहुल की सुरक्षा को लेकर है. कुछ दिन पहले ही लालू का नीतीश कुमार के साथ तलाक हो गया था. अब उन्हें लगता है कि कांग्रेस का हाथ उनके लिए मददगार साबित हो जाएगा. लिहाजा, अब कांग्रेस के युवराज का हाथ पकड़ने को लालू बेताब दिख रहे हैं.

दरअसल, लालू यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राहुल गांधी उनकी तुलना में साफ-सुथरी छवि वाले नीतीश कुमार को ज्यादा पसंद करते थे. राहुल की ही पसंद पर नीतीश कुमार को महागठबंधन के चेहरे के तौर पर चुनाव में पेश किया गया था.

उधर, राहुल गांधी ने जब भ्रष्टाचारी नेताओं के बचाव करने वाले आर्डिनेंस को फाड़ा था तो उस वक्त भी राहुल के निशाने पर लालू ही थे. नतीजा ये रहा कि लालू की लोकसभा की सदस्यता भी गई और अगला लोकसभा चुनाव भी लालू नहीं लड़ पाए.

अब लालू के पास मौका है जिसमें वो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अपनी नजदीकी बनाकर फिर से कांग्रेस के साथ गलबहियां कर सकें.

पिछले राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के वक्त लालू ने काफी हद तक अपनी वफादारी का नमूना पेश भी कर दिया है. अब केवल राहुल से पींगें बढ़ाने की कोशिश में हैं, जिससे भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों के बावजूद अपने-आप को फिर से राहुल की नजर में विश्वसनीय बना सकें.

दरअसल, लालू का राहुल प्रेम छलका है उनके पिछले गुजरात दौरे को लेकर, जब राहुल गांधी की कार पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया था. इस पथराव के कारण राहुल गांधी की कार का शीशा टूट गया था. काफी हो हल्ला हुआ. लेकिन, बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही इस सियासी खींचतान के बीच लालू बीच में कूद पड़े.

आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने सीधे-सीधे बीजेपी और संघ पर निशाना साध दिया. लालू यादव ने कहा कि संघ-बीजेपी से राहुल गांधी की जान को खतरा है.

इस मुद्दे को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ. कांग्रेस ने गुजरात दौरे के वक्त राहुल गांधी की कार पर हमले के मुद्दे को उठाया. लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि 'एक तरफ तो गोली मारकर जान लेते हैं. लेकिन, यहां तो पत्थरबाजी कर जान लेने की कोशिश की गई. वहां कौन से टेररिस्ट आ गए थे. क्या जम्मू-कश्मीर से आए थे. खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता राहुल गांधी की जान लेना चाहते थे.'

कांग्रेस की तरफ से हंगामे के बाद इस तरह के आरोप लगाए जाने के बाद सरकार की तरफ से भी जवाब आया. लोकसभा में इन आरोपों का जवाब खुद गृह-मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. राजनाथ ने बताया कि 'राहुल की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. गुजरात में राज्य सरकार की ओर से भी उनकी सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए थे.'

राजनाथ सिंह के मुताबिक, 'एसपीजी और राज्य पुलिस ने राहुल गांधी को बुलेट प्रूफ गाड़ी में बैठने को कहा था, लेकिन राहुल गांधी ने उनकी बात नहीं मानी. राहुल गांधी ने इस तरह 100 बार एसपीजी की बात को नजरअंदाज किया है.'

राजनाथ सिह ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार सुरक्षा मापदंडों का उल्लंघन करते हैं और ऐसा पहली बार नहीं है, जब उन्होंने सुरक्षा मापदंडों को नजरअंदाज किया हो. पिछले दो साल में उन्होंने करीब 100 बार सुरक्षा मापदंडों को ताक पर रखा.

लेकिन, कांग्रेस सरकार की बात से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है. कांग्रेस की तरफ से कोशिश यही हो रही है कि किसी ना किसी तरह से इस मुद्दे को और गरमाया जाए. राहुल की जान को खतरा बताकर कांग्रेस सीधे बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा रही है.

अब लालू यादव जैसे कांग्रेस के साथी साथ खड़े हों तो फिर संघ-बीजेपी पर निशाना साधने से कांग्रेस कैसे पीछे हट सकती? लालू की यही कोशिश उनको फिर से कांग्रेस के करीब ला रही है.

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