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लालू राज में कमाल: रिश्तेदारों में जमकर बांटीं सरकारी नौकरियां

बिहार के भोजपुरी इलाकों में कहावत भी प्रचलित है कि ‘नौकरी कीजिए सरकारी, ना तो बेचिए तरकारी’

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari Updated On: Aug 08, 2017 10:43 AM IST

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लालू राज में कमाल: रिश्तेदारों में जमकर बांटीं सरकारी नौकरियां

कानूनी और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे लालू प्रसाद यादव भले ही विरोधियों की नजर में घोटालेबाज हों. परंतु ऐसे बहुत व्यक्ति हैं जिनके लिए आरजेडी सुप्रीमो एक पूजनीय शख्सियत हैं. इनमें ज्यादातर उनके करीबी रिलेटिव हैं, जिनके बीच लालू प्रसाद ने बिना ‘चढ़ावे’ के सरकारी नौकरियों को रेवड़ियों की तरह बांटा है.

हिंदी हॉर्टलैंड में रहने वाले आमजन की सोच है कि आज के दौर में सरकारी नौकरी का मिलना मतलब भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन. सरकारी नौकरी समाज में प्रतिष्ठा बढ़ाता है, स्थायित्व प्रदान करता है और बिना काम किए मोटी तनख्वाह और बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं.

साथ ही मेट्रीमोनियल मार्केट में सरकारी नौकरी वालों के भाव को अप्रत्याशित ऊंचाई पर लेकर चला जाता है. तभी तो बिहार के भोजपुरी स्पीकिंग इलाकों में कहावत भी प्रचलित है कि ‘नौकरी कीजिए सरकारी, ना तो बेचिए तरकारी’.

Patna: RJD Chief Lalu Prasad Yadav with his son and Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav during a press conference in Patna on Wednesday. PTI Photo (PTI7_26_2017_000133B)

बहरहाल, आरजेडी के राष्ट्रीय प्रधान की परिवार से ही नौकरी कथा को आरंभ करते हैं. पूर्व रेलवे मंत्री की भारी भरकम और लंबे-चौड़े परिवार में शायद ही ऐसा बेरोजगार प्राणी बचा हो जिसे ‘बम भोले’ लालू प्रसाद ने नौकरी रूपी अमृत न पिलाया हो. उनका एक नजदीकी बताता है कि ‘साहब ने अपने चलती के दिनों में गृह जिला गोपालगंज से ही के कम-से-कम 200 बच्चे-बच्चियों को परमानेंट सरकारी नौकरी में ठेल दिया है, जिनमें 80 प्रतिशत उनके अपने कुटुंब हैं’.

लालू प्रसाद कुल मिलाकर 6 भाई और एक बहन हैं. सबसे बडे़ भाई स्वर्गीय मंगरू राय के चार बेटे हैं जो पशुपालन विभाग में क्लर्क हैं. तीन पटना में पदस्थापित हैं जबकि चौथा नेटिव गांव फुलवरिया, जो प्रखंड भी हो गया है, में है. मंगरू राय की एक बहू रेलवे में भी नौकरी करती है.

दूसरे बड़े भाई महावीर राय के चारों पुत्र बिहार विधानमंडल में कार्यरत हैं जबकि एक बेटी और बहू रेलवे में क्लर्क हैं और दूसरी बेटी विधान परिषद में नौकरी करती है. बहू को पटना जंक्शन पर एनाउन्सर की जिम्मेवारी भी दी गई है. तीसरे बड़े भाई स्वर्गीय मुकुंद राय का एक बेटा रेलवे से जुड़ी एक संस्थान में नौकरी करता है. चौथे बड़े भाई स्वर्गीय गुलाब राय का एकमात्र बेटा गांव में रहकर बिजनेस करता है. पर उनके दो दामाद सरकारी नौकरी में हैं.

छठवां और सबसे छोटा भाई सुखदेव राय स्वयं पटना के प्रतिष्ठित साइंस कॉलेज में चपरासी के पद पर हैं जबकि उनके दोनों बेटे रेलवे में क्लर्क हैं. एक बेटा जाली टिकट बेचने के आरोप में 6 महीने तक निलंबित भी रहा है. कहते हैं लालू प्रसाद ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर दोषी भतीजे को बर्खास्त होने से बचा लिया.

बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद की इकलौती बहन के दो बेटों में बड़ा बैद्यनाथ यादव अब इस दुनिया में नहीं हैं. दूसरा बेटा खदल यादव स्पेशल ब्रांच में नौकरी करते हैं. लालू प्रसाद के कब्जे वाले पशुपालन विभाग के सरकारी क्वाटर में सालों से इनका आशियाना है. वहीं बैद्यनाथ यादव का पुत्र तब के सीएम लालू प्रसाद के लिए निर्मित गेस्ट हाउस में रहते हैं. इस गेस्ट हाउस पर लाखों का बिजली बिल बाकी है.

लालू प्रसाद के पिता स्वर्गीय कुंदन राय तीन भाई थे. दूसरे नंबर वाले दुधन राय की शादी नहीं हुई थी जबकि तीसरे पायदान के यदुनंदन राय को तीन पुत्र रामजनम यादव, संतलाल यादव और सुनील यादव जो सरकारी नौकरी में हैं.

पूर्व सीएम राबड़ी देवी की सबसे बड़ी बहन जलेबा देवी के दो पुत्र बिहार विधान परिषद में क्लर्क हैं जबकि दूसरी बड़ी बहन पनवा देवी का एक बेटा विधान परिषद में कार्यरत है. राबड़ी देवी की छोटी बहन गिरजा देवी बीपीएससी में क्लर्क के पद पर हैं. लक्ष्मी यादव जब बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन थे तो गिरजा देवी को ये नौकरी मिली थी.

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बताते चलें कि सैकड़ों लोगों को गलत तरीके से नौकरी देने के आरोप में लक्ष्मी यादव को वर्षों तक जेल की हवा भी खानी पड़ी थी. गिरजा देवी के दो बेट हैं. एक बेटा अरुण कुछ दिन पहले तक लालू प्रसाद का पीए था. कहते हैं कि लालू प्रसाद के पास किसी ने शराब पीते हुए उसका फोटो वाट्सएप पर भेज दिया जिससे नौकरी चली गई. राबड़ी देवी के पूज्य पिता स्वर्गीय श्रीप्रसाद यादव ने अपने साढ़ू गरजू यादव को गोद लिया था और अपने पुस्तैनी गांव सेलारकला में जमीन देकर बसा दिया था.

गरजू यादव के छोटे पुत्र हरिहर चौधरी लालू प्रसाद की कृपा से बहुत दिनों तक पुलिस की नौकरी में थे. किसी कारण से नौकरी को अलविदा कह दिए. दूसरे वाले कंचन चौधरी पटना साइंस कालेज में हैं.

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तीसरे नंबर के शिवनंदन चौधरी विधानसभा में चपरासी थे और इनकी आकस्मिक मौत के बाद पत्नी नैना कुंवर को अनुकम्पा के आधार पर एसेम्बली में चपरासी के पद पर रखा गया है. इनके विभाग में कार्य करने वाले बताते हैं कि मैडम रोज 10 बजे दिन मे आकर रजिस्टर में हाजरी बनाकर घर लौट जाती हैं.

मैडम नैना कुंवर के चार पुत्र हैं. बड़ा बेटा नागमणि चौधरी कागजी तौर पर पटना रेलवे में हैं लेकिन वैसे वे राबड़ी देवी के अनऑफिशियल पीए हैं. वहीं दूसरा पुत्र मणिप्रकाश विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के पीए हैं जबकि तीसरा ओम प्रकाश उर्फ भुट्टू तेज प्रताप यादव का पर्सनल असिस्टेंट है.

गरजू चौधरी का चौथा बेटा गजाधर चौधरी लालू प्रसाद के पुस्तैनी गांव फुलवरिया के सरकारी अस्पताल में चपरासी हैं. पांचवा पुत्र सेलारकला में खेती-बाड़ी संभालते हैं जबकि छटवां बेटा विधान परिषद में क्लर्क के पद पर हैं.

लालू प्रसाद का एक बागी रिश्तेदार खुलासा करता है कि रेलवे में बहाल सभी रिश्तेदारों को पहले ग्रुप डी में घुसाया गया. उसके एक-दो साल के भीतर जोनल अधिकारी पर दबाव बनाकर सभी को प्रमोशन देकर क्लर्क की कैटेगरी में लाया गया.

( लेखक के अपने सूत्रों पर आधारित जानकारी के साथ )

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