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पुराने रंग में लौट रहे लालू, समर्थन में सहयोगी!

आने वाले दिनों में लालू और उनके परिवार के खिलाफ अगर सबूत मिलते हैं तो सहयोगी जेडीयू के लिए जवाब देना मुश्किल होगा

Amitesh Amitesh | Published On: May 17, 2017 04:16 PM IST | Updated On: May 17, 2017 05:46 PM IST

पुराने रंग में लौट रहे लालू, समर्थन में सहयोगी!

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं. लेकिन, इस बार यह आरोप उनके ऊपर ही नहीं, उनके परिवार के बाकी लोगों पर भी है. आरोप उनके वारिस पर है. दोनों बेटों और बेटियां इस बार लपेटे में हैं. इनकम टैक्स की तरफ से की गई छापेमारी से लालू तिलमिला गए हैं.

लालू की छटपटाहट और तिलमिलाहट का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि छापे के अगले ही दिन उनके कार्यकर्ता बीजेपी के पटना के दफ्तर पर पहुंचकर पत्थरबाजी और हंगामा करने लगे.

ये 90 के दशक के बिहार की याद दिलाता है. आरजेडी के समर्थक कार्यकर्ता और नेता इस वक्त फिर से उसी मोड में दिख रहे हैं जैसा पहले हुआ करते थे.

क्या लालू अपना आपा खो चुके हैं?

कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर हंगामा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नेता बयानों के तीर से बीजेपी और अपने विरोधियों पर दनादन वार कर रहे हैं. इसे लालू के खिलाफ बीजेपी की साजिश बताया जा रहा है. तभी तो अब साजिशकर्ता बीजेपी दफ्तर लालू के समर्थकों ने धावा बोल दिया.

लालू यादव मीडिया के सामने तो नहीं आ रहे हैं, लेकिन, ट्वीट कर दावा कर रहे हैं कि इनकम टैक्स के छापे और इस तरह की गीदड़भभकी से वो डरने वाले नहीं हैं. लेकिन, लगता है लालू कहने भर के लिए ऐसा कर रहे हैं. वो शायद अपना आपा खो बैठे हैं.

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वरना, पहले अपने ट्वीट के जरिए परोक्ष रूप से नीतीश पर हमला कर बीजेपी को नए साथी के लिए मुबारकवाद देने वाले लालू मामला बिगड़ता देख फिर से ट्वीट कर गठबंधन में सबकुछ ठीक होने का दावा नहीं करते.

आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा इस मामले में अपनी पार्टी का बचाव कर रहे हैं. लेकिन, बार-बार कहते दिख रहे हैं कि गठबंधन मजबूत हैं.

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बीजेपी का आक्रामक अंदाज 

हालांकि, बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा है कि पुलिस के संरक्षण में यह सबकुछ  हुआ है. सुशील मोदी ने आरजेडी पर पलटवार करते हुए कहा है कि पुलिस के संरक्षण में गली का कुत्ता भी शेर बन जाता है.

दरअसल, जिस वक्त बीजेपी दफ्तर पर हमला हुआ उस वक्त बीजेपी के नेता अलग-अलग जगहों पर धरना प्रदर्शन में व्यस्त थे.

बीजेपी ने इस पूरे मामले में लालू यादव को घेरने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा है. पार्टी की कोशिश है कि हर हाल में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में पूरी सरकार को घेरा जाए. लिहाजा बीजेपी ने दबाव बनाने के लिए पूरे बिहार में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है.

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बचाव में उतरे लालू के सहयोगी

उधर, महागठबंधन के दो सहयोगी जेडीयू और कांग्रेस अबतक लालू के बचाव में ही खड़े दिख रहे हैं. कांग्रेस के बिहार के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया कि ये सबकुछ लालू यादव को डिमोर्लाइज करने के लिए किया जा रहा है जिसमें बीजेपी सफल नहीं होगी.

अखिलेश प्रसाद सिंह के मुताबिक, ये विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है. लालू जी, वीरभद्र सिंह, चिदंबरम, हुडडा, टीएमसी, ओडीसा हर जगह ये लोग प्रजातंत्र की आवाज को कुचलना चाहते हैं.

कांग्रेस के साथ-साथ जेडीयू भी लालू के बचाव में उतर आई है. जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया कि सुशासन के लिए कुछ भी कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं. लेकिन, इस पूरे मामले में अभी तो केवल रेड हुआ है. अबतक कुछ सामने आया नहीं है.

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लेकिन, के सी त्यागी ने एक साथ कई जगहों पर रेड होने के मामले पर सवाल खड़ा किया है. के सी त्यागी का कहना है कि हर जगह रेड होने के समय को लेकर आश्चर्य है.

लालू यादव के सहयोगी भले ही अबतक उनके साथ दिख रहे हों. लेकिन, आने वाले दिनों में लालू और उनके परिवार के खिलाफ अगर सबूत मिलते हैं तो सहयोगी जेडीयू के लिए जवाब देना मुश्किल होगा.

खासतौर से नीतीश कुमार की सुशासन की छवि और अपने सख्त रवैये पर सवाल खड़ा होगा. फिलहाल तो अभी पिक्चर की शुरूआत हुई है. आगे बिहार की सियासत शायद एक और नई करवट ले तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.

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