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अमानतुल्लाह खान अगर मुस्लिम नहीं होते तो क्या ‘आप’ में अभी तक रहते?

अमानतुल्लाह खान पर कार्रवाई को लेकर नेताओं से राय मांगी जा रही है.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh | Published On: May 03, 2017 01:07 PM IST | Updated On: May 03, 2017 02:14 PM IST

अमानतुल्लाह खान अगर मुस्लिम नहीं होते तो क्या ‘आप’ में अभी तक रहते?

आम आदमी पार्टी में चल रही कलह अब खुलकर सामने आ गई है. पार्टी में मचे घमासान के बीच सुलह के रास्ते भी निकाले जा रहे हैं. नेताओं के मिलने-मिलाने के दौर के बीच शह और मात का खेल भी चल रहा है. अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली के सभी मंत्री अपने सारे कामकाज छोड़ कर खेमेबाजी में लगे हुए हैं.

पिछले कुछ दिनों से कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के बीच तल्खी बढ़ गई है. हाल के कुछ चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहली बार बैकफुट पर बैटिंग करने को मजबूर कर दिया है.

मंगलवार को पीएसी की बैठक टलने के बाद दोनो खेमों ने आप विधायकों की गोलबंदी शुरू कर दी. एक तरफ सुलह की कोशिश की जा रही है तो दूसरी तरफ जोर-आजमाइश चल रही है. दोनो खेमों के नेताओं द्वारा पर्दे के पीछे दम दिखाने का काम चल रहा है.

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अरविंद केजरीवाल समर्थक पीएसी के सदस्यों ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों से संपर्क कर समर्थन जुटाने का अभियान छेड़ रखा है. देर-देर रात तक आप नेताओं को फोन कर उनकी राय जानी जा रही है. मिलने-मिलाने का दौर भी चल रहा है.

आम आदमी पार्टी के नेताओं से फोन पर अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े होने के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं. अमानतुल्लाह खान पर कार्रवाई को लेकर नेताओं से राय मांगी जा रही है.

आपको बता दें कि ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास को बीजेपी और आरएसएस का एजेंट बताया था. जिसके बाद से कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के बीच तल्खी कुछ ज्यादा बढ़ गई थी. कुमार विश्वास चाहते हैं कि अमानतुल्लाह खान को पार्टी से निकाल दिया जाए जबकि, अरविंद केजरीवाल सहित कुछ नेता इसके खिलाफ हैं.

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कुमार विश्वास का गुस्सा कम करने के लिए आम आदमी पार्टी की पोलिटिकल कमेटी(पीएसी) से अमानतुल्लाह खान से इस्तीफा ले लिया गया. लेकिन, इस्तीफा देने के बाद अमानतुल्लाह खान ने फिर से कुमार विश्वास पर हमला बोल दिया. जिससे मामला सुलझने के बजाए और उलझ गया है.

आम आदमी पार्टी के लगभग 40 विधायक कुमार विश्वास के समर्थन में अरविंद केजरीवाल को खत लिख चुके हैं. विधायकों ने खत में अमानतुल्लाह खान पर कार्रवाई की मांग की है.

पार्टी में मचे घमासान के बीच मंगलवार देर रात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह कुमार विश्वास को मनाने उनके आवास पहुंचे. एक मिनट के भीतर ही अरविंद केजरीवाल,  कुमार विश्वास को अपनी गाड़ी में लेकर सीएम आवास लेकर आ गए.

Arvind Kejriwal (R), leader of Aam Aadmi (Common Man) Party, speaks during a meeting with his party leaders and media personnel after taking the oath as the new chief minister of Delhi, in New Delhi December 28, 2013. REUTERS/Anindito Mukherjee (INDIA - Tags: POLITICS ELECTIONS) - RTX16VLB

मंगलवार देर रात अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, आशुतोष और मनीष सिसोदिया के बीच सीएम आवास बैठक चलती रही. पर बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकल सका.

आम आदमी पार्टी के सूत्र कहते हैं कि कुमार विश्वास को इस बात के लिए मनाया जा रहा है कि अमानतुल्लाह खान अगर सार्वजनिक मंच से कुमार विश्वास से माफी मांग लें तो मामला रफा-दफा किया जाए. पर, कुमार विश्वास विधायक को पार्टी से निकालने से कम पर राजी नहीं है.

अमानतुल्लाह खान को पार्टी से बाहर निकालने को लेकर पार्टी दो गुटों में बंट गई है. एक गुट जिसकी अगुवाई मनीष सिसोदिया कर रहे हैं, उनका मानना है कि अमानतुल्लाह खान को पार्टी से निकालना फायदे का सौदा साबित नहीं होगा. पार्टी अगर अमानतुल्लाह खान पर कोई कार्रवाई करती है तो मुस्लिम वोटबैंक आप के हाथों से खिसक सकता है.

ऐसा माना जा रहा है कि अमानतुल्लाह खान के साथ खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दिलिप पांडे और आशुतोष खड़े हैं.

पार्टी में दूसरा तबका भी सामने आ गया है, जो खुलकर अमानतुल्लाह खान को बाहर का रास्ता दिखाने की बात पर अड़ा हुआ है. पार्टी के आधे से ज्यादा विधायकों और कुछ मंत्रियों ने अमानतुल्लाह खान को गद्दार बता रहे हैं.

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दिल्ली सरकार के जल मंत्री कपिल मिश्रा का कहना है कि अमानतुल्लाह खान को हर हालत में पार्टी से निकाल कर ही दम लेंगे. कपिल मिश्रा कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल को 40 विधायकों ने खत लिख कर अमानतुल्लाह खान को पार्टी से निकालने के लिए कहा है.

दिल्ली की आप सरकार अपने सारे कामकाज छोड़ कर विवाद सुलझाने में लगी हुई है. पिछले दो दिनों से अरविंद केजरीवाल अपने स्वभाव से विपरित पार्टी में भड़की आग पर पानी डालने में जुटे हुए हैं.

पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि अमानतुल्लाह खान को पार्टी से निकालने का बड़ा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है. कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने के लिए मुस्लिम समुदाय में मुहिम छेड़ सकती है. दिल्ली में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी आबादी है.

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आप से पहले दिल्ली के मुसलमान कांग्रेस के परंपरागत वोटबैंक रह चुके हैं. जो हाल के कुछ चुनावों में आप की तरफ चले गए. अरविंद केजरीवाल और आप के नेताओं को लगता है कि अमानतुल्लाह खान पर कार्रवाई से मुस्लिम वोटबैंक हमारे हाथ से छिटक सकता है.

कुमार विश्वास और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पिछले कुछ दिनों से रिश्ते खराब होने लगे थे. दोनो के बीच तल्खियां इतनी बढ़ी कि कुमार विश्वास सार्वजनिक मंच से पार्टी को नसीहत देने लगे. पिछले दिनों कुमार विश्वास ने यू-ट्यूब पर एक वीडियो जारी किया था. वीडियो में कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल को लेकर दर्द झलका था.

ऐसा माना जा रहा है कि पंजाब चुनाव के बाद से ही कुमार विश्वास और आप नेताओं के बीच दूरी बढ़ने लगी थी. कुमार विश्वास को दिल्ली के एमसीडी चुनाव और पंजाब चुनाव से दूर रखा गया था.

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एमसीडी चुनाव में पार्टी की हार के बाद कुमार विश्वास ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसा था. जिसके बाद से ओखला के आम आदमी पार्टी के विधायक आमनतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर बयान दिया था.

अमानतुल्लाह खान पिछले साल भी मीडिया में छाए हुए थे. पिछले साल अमानतुल्लाह खान तब चर्चा में आए थे जब उन्हीं की साले की पत्नी ने उनके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी.

उस समय अमानतुल्लाह खान ने कहा था कि वक्फ बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की सजा हमे दी जा रही है. वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के मामले की बात को लेकर अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली सरकार से वक्फ बोर्ड के सभी पदों से मुक्त किए जाने की अपील की थी.

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